Sep 06, 2026 06:30 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

Mirzapur Intimate Scenes: मिर्जापुर द मूवी सिनेमाघरों में तहलका मचा रही है। ये एक एडल्ट फिल्म है जिसमें कई इंटीमेट सीन्स और गाली-गलौज का इस्तेमाल हुआ है। फिल्म में अपने इंटीमेट सीन्स के बारे में बात करते हुए मुन्ना भैया ने बताया कि उन्हें इंटीमेट सीन्स करने में कोई हिचक नहीं होती है।

इंटीमेट सीन्स पर क्या बोले मुन्ना भैया?
मिर्जापुर द मूवी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। मिर्जापुर सीरीज के किरदार बड़े पर्दे पर नजर आ रहे हैं। मिर्जापुर सीरीज और फिल्म, दोनों में ही एडल्ट सीन्स हैं और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल हुआ है। फिल्म में मुन्ना भैया यानी दिव्येंदु शर्मा ने भी इंटीमेट सीन्स दिए हैं। उन्होंने इन सीन्स के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें इंटीमेट सीन्स करने में उन्हें कोई हिचक नहीं होती है।
इंटीमेट सीन्स में क्यों सहज थे मुन्ना भैया?
Faridoon Shahryar संग खास बातचीत में मुन्ना ने फिल्म में दिए गए इंटीमेट सीन्स को लेकर बात की। उनसे पूछा गया कि वो इंटीमेट सीन्स करने में काफी सहज नजर आए। वो बहुत नेचुरल लगा था, तो ये क्या उनकी ट्रेनिंग का हिस्सा था? इस सवाल का जवाब देते हुए दिव्येंदु शर्मा ने कहा कि थिएटर में उन्हें सिखाया जाता है कि उनकी बॉडी एक टूल है।
दिव्येंदु बोले- आपकी बॉडी एक इंस्ट्रूमेंट
दिव्येंदु शर्मा ने कहा, “थिएटर के दिनों में बताया जाता है कि आपकी बॉडी एक इंस्ट्रूमेंट की तरह होती है। जब आप कुछ परफॉर्म कर रहे होते हैं, तो उसका दिव्येंदु से कुछ लेना-देना नहीं होता है। उस टाइम मैं एक इंस्ट्रूमेंट हूं। राइटर ने जो लिखा है, डायरेक्टर जो कराना चाहता है और सिनेमेट्रोग्राफर जो कैप्चर कर रहा है वो करने वाला मैं एक टूल हूंं।”
इमोशनल सीन करने में असहज होते हैं दिव्येंदु
दिव्येंदु ने आगे कहा कि उन्हें उस तरह के सीन्स करने में बिल्कुल भी झिझक नहीं होती है। एक्टर ने कहा, “मैं आपको सच बताऊं, मुझे सबसे ज्यादा शर्म आती है जब मैं कोई इमोशनल सीन करता हूं। मैं जब अपने इमोशन्स दिखाता हूं, तब ज्यादा नंगा महसूस करता हूं। जब मुन्ना कहीं टूट कर रोता है, वो दिखाने में मैं ज्यादा सहज नहीं होता हूं।” दिव्येंदु ने कहा कि अगर उन्हें कोई बेड सीन करना है तो बिल्कुल भी असहज नहीं होते हैं।
किरदार के गाली देने पर क्या बोले दिव्येंदु
अपने किरदार के बारे में बात करते हुए दिव्येंदु ने अपने किरदार के गाली देने को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनके दिमाग में हमेशा रहा कि वो गाली इसलिए नहीं दे रहे हैं क्योंकि वो उसे मीन कर रहे हैं, वो इसलिए दे रहे हैं क्योंकि वो उन लोगों के जीने का तरीका है। उन्होंने कहा कि वो गाली ऐसा देना चाह रहे थे कि गाली सुनकर घिन आए। वो चाहते थे कि गाली सुनकर लोगों को हल्की हंसी आए।