August 9, 2026

Milk Price Hike: इस राज्य में बढ़ने वाले हैं दूध के दाम, 11 अगस्त से इतनी बढ़ जाएंगी कीमत

Milk Price Hike: मंगलवार यानी 11 अगस्त से महाराष्ट्र में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है. माना जा रहा है कि इसका असर देश के दूसरे राज्यों में भी हो सकता है. जानकारी के मुताबिक, ये बढ़ोतरी गाय और भेंस दोनों के दूध में की जाएगी.

Milk Price Hike: मंगलवार यानी 11 अगस्त से महाराष्ट्र में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है. माना जा रहा है कि इसका असर देश के दूसरे राज्यों में भी हो सकता है. जानकारी के मुताबिक, ये बढ़ोतरी गाय और भेंस दोनों के दूध में की जाएगी.

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Milk Price To hike in Maharashtra

बढ़ने वाली हैं दूध की कीमतें Photograph: (File)

Milk Price Hike: दूध की कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है. दरअसल, महाराष्ट्र में मंगलवार (11 अगस्त) से गाय और भैंस, दोनों तरह के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी होने जा रही है. यह फैसला 'मिल्क प्रोड्यूसर्स एंड प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन' ने लिया है. कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर पूरे राज्य के ग्राहकों पर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि दूध उत्पादक और प्रोसेसर गाय और भैंस के दूध के दाम बदल रहे हैं.

दूध पर अभी नहीं लागू होगी MSP

यह फैसला दूध की कीमतों और डेयरी किसानों के हितों की रक्षा के उपायों पर चल रही बातचीत के बीच लिया गया है, साथ ही यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि बढ़ती कीमतों से ग्राहकों पर बुरा असर न पड़े. इस बीच, पिछले महीने सरकार ने संसद को बताया था कि दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. सरकार ने कहा कि दूध की कीमतें बाजार की स्थितियों के आधार पर सहकारी समितियों और निजी डेयरियों द्वारा ही तय की जाती रहेंगी.

कोऑपरेटिव और प्राइवेट डेयरियां तय करती हैं दूध की कीमत

लोकसभा में एक 'स्टार्ड' सवाल के लिखित जवाब में, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (उर्फ ललन सिंह) ने कहा कि अभी दूध की कीमतें कोऑपरेटिव और प्राइवेट डेयरियां तय करती हैं, और इस प्रोडक्ट के लिए MSP तय करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार डेयरी किसानों के हितों की रक्षा, दूध की कीमतों में स्थिरता, ज्यादा दूध उत्पादकों को ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में लाने के लिए, ग्राहकों के हितों की सुरक्षा और पूरे देश में क्वालिटी की निगरानी को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है.

मार्च 2026 तक ग्राम स्तर पर बनाई गईं 36,283 DCS

सरकार ने बताया कि मार्च 2026 तक गांव के लेवल पर 36,283 नई डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी (DCS) बनाई गई हैं, जबकि 31,150 सोसायटियों को मजबूत किया गया है. साथ ही, 168 लाख लीटर प्रति दिन की दूध चिलिंग क्षमता बनाई गई है और 76,748 क्वालिटी टेस्टिंग डिवाइस बांटे गए हैं. 418 लाख लीटर प्रति दिन की कुल दूध प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडिशन क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी गई है.

69 फीसदी बढ़ा दूध का उत्पादन

सरकार के अनुसार, भारत में 2024-25 में 248 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) दूध का उत्पादन हुआ, जो 2014-15 के 146 MMT से ज्यादा है; यानी इसमें लगभग 69 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. सरकार ने इस बढ़ोतरी का श्रेय नस्ल विकास, जेनेटिक सुधार, मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन और इन-विट्रो फर्टिलाइज़ेशन जैसे उपायों को दिया है. सरकार ने बताया कि 17.27 करोड़ कृत्रिम गर्भाधान किए गए हैं, जिससे कवरेज 20 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत हो गया है और दूध की उत्पादकता में 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.