July 28, 2026

Meta फिर विवादों में, फेसबुक पर पीएम मोदी का पहला 'सेल्फी वीडियो' कुछ घंटों के लिए किया रिस्ट्रिक्ट, फिर मांगी माफी

देश

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jul 28, 2026, 12:07 PM IST

यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े राजनेता या राष्ट्राध्यक्ष के वीडियो पर इस तरह का तकनीकी या कानूनी मोड़ देखा गया हो, लेकिन प्रधानमंत्री के पहले 'सेल्फी वीडियो' पर इस कार्रवाई ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है।

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Meta ने पीएम मोदी का वीडियो सीमित किया

Meta Restricts PM Modis Gen Z Video- मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सेल्फी वीडियो' को सीमित करने का आरोप लगा है। पीएम मोदी के सेल्फी वीडियो तक भारतीय उपयोगकर्ताओं की पहुंच को कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया, जिसमें उन्होंने देश के जेन-जी (Gen Z) युवाओं को संबोधित किया था। हालांकि, भारी चर्चा और विवाद के बीच कुछ ही घंटों के भीतर इस प्रतिबंध को हटाकर वीडियो को दोबारा रीस्टोर कर दिया गया। इस विवाद के बाद मेटा ने माफी भी मांगी है।

मंत्रालय ने मेटा अधिकारी को तलब किया

सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को सोशल मीडिया कंपनी मेटा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवाओं को संबोधित फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा के वैश्विक लोक नीति प्रमुख को तलब किया है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) के वैश्विक लोक नीति प्रमुख को तलब किया है।

23 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान पोस्ट किए गए इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से संपर्क साधते हुए पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था। मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा कि सामग्री गलती से हटाई गई थी और बाद में प्लेटफॉर्म पर बहाल कर दी गई है। प्रवक्ता ने कहा, सामग्री गलती से हटाई गई थी और बाद में बहाल कर दी गई।

देर रात सामने आया प्रतिबंध का मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार तड़के करीब 1:25 बजे फेसबुक पर इस वीडियो के साथ दिए गए "देखें क्यों" (See Why) विकल्प पर क्लिक करने पर एक नोटिस दिखाई दे रहा था। इस नोटिस में साफ तौर पर लिखा था कि एक कानूनी अनुरोध के अनुपालन में इस कंटेंट को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है।

मेटा के नोटिस में गोपनीयता

दिलचस्प बात यह है कि मेटा द्वारा जारी किए गए इस संक्षिप्त नोटिस में किसी भी कानूनी प्रावधान या उस सरकारी/न्यायिक अथॉरिटी का जिक्र नहीं किया गया था जिसके आदेश या अनुरोध पर यह कार्रवाई की गई थी। इस वीडियो को अपलोड किए जाने के बाद से ही इसे लाखों व्यूज मिल चुके थे। अस्थायी रूप से ब्लॉक किए जाने के बाद, अब यह वीडियो भारत में फेसबुक उपयोगकर्ताओं के लिए सामान्य रूप से फिर से उपलब्ध हो गया है।

मेटा की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार

यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े राजनेता या राष्ट्राध्यक्ष के वीडियो पर इस तरह का तकनीकी या कानूनी मोड़ देखा गया हो, लेकिन प्रधानमंत्री के पहले 'सेल्फी वीडियो' पर इस कार्रवाई ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है। मेटा की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह कानूनी अनुरोध किस प्रकृति का था या इसे किस अथॉरिटी द्वारा भेजा गया था।

मेटा ने मांगी माफी

सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्र प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पोस्ट किए गए सेल्फी वीडियो के फेसबुक से कुछ समय के लिए हटाए जाने और फिर बहाल किए जाने के बाद माफी मांगी। सूत्रों के अनुसार, वीडियो तकनीकी खराबी के कारण हटाया गया था। सरकार इस घटना की जांच कर रही है और अस्थायी रूप से वीडियो हटाए जाने के कारण के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए मेटा के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया है। मेटा के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, वीडियो गलती से हटा दिया गया था और अब बहाल कर दिया गया है।

पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा?

बता दें कि पीएम मोदी ने 26 जुलाई को युवाओं के लिए एक नया वीडियो संदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक रोकने को लेकर सरकार द्वारा उठाए जा रहे कामों के बारे में जानकारी दी थी। इस वीडियो में पीएम मोदी ने बताया कि पेपर लीक के मामलों पर त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हम कल पार्लियामेंट के अंदर भी कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे फिलहाल जेल की सजा काट रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा, सरकार कल संसद में कठोर प्रावधानों के साथ एक नया कानून लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।

Amit Mandal

अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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