जींद के पिल्लुखेड़ा थाना में एलएलपी कंपनी बायो एनर्जी प्लांट के एमडी व जीएम सहित चार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। कंपनी ने प्लांट में प्रयोग होने वाली पराली की गांठ डालने के जमीन 3 साल के लिए पट्टे पर ली थी।
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मार्च में अवधि खत्म होने के बाद भी खाली करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद जमीन मालिक की शिकायत पर पिल्लुखेड़ा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मार्च 2026 में खत्म हो चुका पट्टा
गांव ढाठरथ निवासी किसान रमेश ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि अलेवा रोड पर एलएलपी कंपनी का बायो एनर्जी प्लांट है। कंपनी को अपनी साढ़े पांच एकड़ जमीन तीन साल के लिए पट्टे पर दी थी। जिसमें प्लांट में प्रयोग होने वाली पराली की गांठों का स्टॉक करना था। जिसका तीन साल का पट्टा मार्च 2026 में खत्म हो गया।
जिसके बावजूद अभी तक जमीन खाली नहीं की गई। पिछले राशि से 2 लाख 94 हजार रुपए बकाया है। बार-बार कहने के बाद भी न तो जमीन खाली हो रही है और न ही पिछला बकाया मिल रहा है।

किसान के खेत मं लगे पराली की गांठ के ढेर।
गांठ जलाने से कंपनी को रोका
किसान ने अपनी शिकायत में बताया कि कंपनी मैनेजमेंट उसकी जमीन पर पड़ी पराली की गांठ को जलाना चाहती थी। उसने जमीन खराब होने से बचाने के लिए गांठों में आग लगाने से रोक दिया।जिसके बाद कंपनी ने अगले साल तक उसकी जमीन खाली करने से इनकार कर दिया।
किसान ने बताया कि 2023 में उसने 50 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन तीन साल के लिए दी थी। एग्रीमेंट में प्रतिवर्ष प्रतिएकड़ एक हजार रुपए की बढ़ोतरी होनी थी।

पराली की गांठ जलने से खेतों में लगे राख के ढे़र।
इन चार के खिलाफ हुई FIR
किसान ने आरोप लगाया कि कंपनी ने एकमुश्त राशि देने की बजाय अक्सर किश्तों में पैसे दिए। 2 लाख 94 हजार रुपए अब भी बकाया है। जिससे पट्टा खत्म होने पर उसने अपनी जमीन खाली करवाने के लिए पहले ही कंपनी मैनेजमेंट को बोल दिया था। जमीन खाली नहीं करने से उसे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी हो रही है।
कंपनी की मनमानी के चलते उसे पुलिस के पास जाने के लिए विवश होना पड़ा। पिल्लुखेड़ा थाना पुलिस ने एमडी श्रीनिवास सनापला, मैनेजर विनोद, फ्यूल सुपरवाइजर महेंद्र व एकाउंटेंट सचिन के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी महिपाल ने केस दर्ज होने की पुष्टि की।