August 1, 2026

MCC नीट यूजी काउंसलिंग 2026 का इंफॉर्मेशन बुलेटिन जारी: जानें इस बार के बड़े बदलाव, राउंड्स और नियम - Haribhoomi

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने NEET UG 2026 काउंसलिंग का इंफॉर्मेशन बुलेटिन जारी कर दिया है। इस साल 'फ्रीज' और 'फ्लोट' जैसे बड़े बदलाव किए गए हैं। जानिए राउंड, फीस और पूरी जानकारी।

MCC NEET UG Counselling 2026, Information Bulletin

MCC नीट यूजी काउंसलिंग 2026 का इंफॉर्मेशन बुलेटिन जारी

  • Published: 01 Aug 2026, 06:27 PM IST
  • Last Updated: 01 Aug 2026, 06:27 PM IST

MCC NEET UG Counselling 2026: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के लिए आधिकारिक इंफॉर्मेशन बुलेटिन जारी कर दिया है। इसके जरिए एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS) और अन्य योग्य undergraduate मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए पात्रता मानदंड, सीट आवंटन प्रक्रिया और दिशानिर्देश तय कर दिए गए हैं।

एनटीए (NTA) द्वारा घोषित नीट यूजी 2026 के नतीजों के आधार पर एमसीसी ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की 15% सीटों, डीम्ड यूनिवर्सिटी, एम्स (AIIMS), जिपमर (JIPMER) और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की 100% सीटों पर ऑनलाइन काउंसलिंग आयोजित करेगा।

इस साल काउंसलिंग प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव 'सीट आवंटन के बाद ज्वॉइन और अपग्रेड' को लेकर किया गया है, जिसके तहत उम्मीदवारों को 'फ्रीज' (Freeze) और 'फ्लोट' (Float) दो श्रेणियों में बांटा गया है।

आधिकारिक बुलेटिन पढ़ने के लिए क्लिक करें।

चार चरणों में होगी ऑनलाइन काउंसलिंग
एमसीसी द्वारा इस बार कुल चार राउंड में ऑनलाइन काउंसलिंग आयोजित की जाएगी:

  • राउंड 1 (Round 1)
  • राउंड 2 (Round 2)
  • राउंड 3 (Round 3)
  • स्ट्रे वैकेंसी राउंड (Stray Vacancy Round)

अपग्रेडेशन की सुविधा केवल राउंड 3 तक ही उपलब्ध रहेगी। हालांकि, जो उम्मीदवार राउंड 3 में मिली सीट को स्वीकार करते हैं, उन्हें बहुत सोच-समझकर फैसला लेना होगा क्योंकि इसके बाद उन्हें सीट छोड़ने (resign) या इसके बाद किसी अन्य काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए एमसीसी राज्यों के साथ अलॉटमेंट डेटा साझा करेगा। केंद्रीय या राज्य काउंसलिंग प्रक्रिया की किसी भी सूची में जिन उम्मीदवारों का नाम आ जाएगा, उन्हें ऑल इंडिया स्ट्रे वैकेंसी राउंड से बाहर कर दिया जाएगा।

फ्रीज और फ्लोट (Freeze and Float) के नए नियम
संशोधित प्रक्रिया के तहत अब उम्मीदवारों को यह तय करना होगा कि वे अपनी अलॉट की गई सीट को 'फ्रीज' करना चाहते हैं या फिर अपग्रेडेशन के लिए 'फ्लोट' करना चाहते हैं।

  • फ्रीज उम्मीदवार: जो छात्र अपनी अलॉट की गई सीट से पूरी तरह संतुष्ट हैं और अगले राउंड में अपग्रेड नहीं चाहते, वे 'Freeze' विकल्प चुनेंगे। ऐसे छात्रों को कॉलेज में जाकर फिजिकली रिपोर्ट करना होगा और दस्तावेजों का सत्यापन करवाना होगा।
  • फ्लोट उम्मीदवार: जो छात्र अपग्रेडेड सीट के लिए अगले दौर में भाग लेना चाहते हैं, वे 'Float' विकल्प चुनेंगे। इस चरण में उन्हें कॉलेज जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे ऑनलाइन अपग्रेडेशन की इच्छा जताएंगे और संबंधित संस्थान द्वारा ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए जरूरी दस्तावेज अपलोड करेंगे।

काउंसलिंग के विभिन्न राउंड्स के नियम
राउंड 1:
उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन करेंगे, फीस भरेंगे, अपनी पसंद (Choices) भरकर लॉक करेंगे और सीट अलॉटमेंट में भाग लेंगे। संतुष्ट होने पर 'Freeze' कर कॉलेज रिपोर्ट कर सकते हैं, जबकि अपग्रेड चाहने वाले 'Float' चुन सकते हैं। जिन्हें सीट नहीं मिलेगी, वे बिना नए रजिस्ट्रेशन के राउंड 2 में जा सकेंगे।

राउंड 2: पहले राउंड में रजिस्टर्ड वे उम्मीदवार जिन्हें सीट नहीं मिली थी, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। नए छात्र इसमें फ्रेश रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। राउंड 2 में फ्रेश चॉइस भरनी होगी। यदि राउंड 2 में सीट अपग्रेड होती है, तो राउंड 1 की सीट स्वतः रद्द हो जाएगी और नए कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। सीट मिलने के बाद ज्वॉइन न करने पर सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त कर ली जाएगी।

राउंड 3: इसमें पहले दो राउंड में रजिस्ट्रेशन न करने वाले, रेजिग्नेशन देने वाले या रिपोर्ट न करने वाले छात्र फ्रेश रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। राउंड 3 के परिणाम के बाद सभी अलॉटेड छात्रों के लिए फिजिकल रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। जो छात्र पहले फ्लोट पर थे और अपग्रेड नहीं हुए, उन्हें भी फिजिकली रिपोर्ट करना होगा। सीट मिलने पर रिपोर्ट न करने वाले छात्र काउंसलिंग से बाहर हो जाएंगे और उनकी सिक्योरिटी मनी जब्त हो जाएगी। इस राउंड के बाद सीट से इस्तीफा (Resignation) देने की अनुमति नहीं होगी।

स्ट्रे वैकेंसी राउंड: इसके लिए फाइनल स्ट्रे वैकेंसी राउंड में नया रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा। इस राउंड में सीट मिलने पर कॉलेज ज्वाइन करना अनिवार्य है, अन्यथा सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त कर ली जाएगी और आगे की किसी काउंसलिंग के पात्र नहीं होंगे।

किन सीटों पर होगी MCC की काउंसलिंग?
एमसीसी निम्नलिखित प्रमुख संस्थानों और कोर्सेज के लिए काउंसलिंग आयोजित करेगा:

  • 15% AIQ एमबीबीएस/बीडीएस सीटें
  • 100% डीम्ड यूनिवर्सिटी की सीटें
  • 100% एम्स (AIIMS) की सीटें
  • 100% जिपमर (JIPMER) की सीटें
  • केंद्रीय विश्वविद्यालय और संस्थान
  • ईएसआईसी (ESIC) की लागू श्रेणियां
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी की कुछ सीटें
  • बीएचयू (BHU) और एएमयू (AMU)
  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया का फैकल्टी ऑफ डेंटिस्ट्री
  • एएफएमसी (AFMC) रजिस्ट्रेशन
  • भाग लेने वाले केंद्रीय संस्थानों में बीएससी नर्सिंग की सीटें

एमसीसी की भूमिका मेरिट और पसंद के आधार पर केवल ऑनलाइन सीट आवंटन तक सीमित है। वह नॉमिनेशन या मैनुअल तरीके से सीटें आवंटित नहीं करती है।

आरक्षण नीति और रजिस्ट्रेशन शुल्क
15% ऑल इंडिया कोटा के लिए आरक्षण ढांचा इस प्रकार रहेगा:

  • एससी (SC): 15%
  • एसटी (ST): 7.5%
  • ओबीसी-एनसीएल (OBC-NCL): केंद्रीय सूची के अनुसार 27%
  • ईडब्ल्यूएस (EWS): 10%
  • दिव्यांग (PwD): लागू नियमों के तहत 5% क्षैतिज आरक्षण

राज्य कोटे की सीटों के लिए छात्रों को संबंधित राज्य प्राधिकरणों से संपर्क करना होगा।

रजिस्ट्रेशन फीस विवरण:

  • सामान्य/ईडब्ल्यूएस (UR/EWS): 1,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस + 10,000 रुपये रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट।
  • एससी/एसटी/ओबीसी/दिव्यांग (SC/ST/OBC/PwD): 500 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस + 5,000 रुपये रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट।
  • डीम्ड यूनिवर्सिटी के लिए: 5,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस + 2,00,000 रुपये रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट।

जो छात्र सरकारी और डीम्ड दोनों सीटें चाहते हैं, उन्हें दोनों फीस अलग से नहीं बल्कि ऊंची वाली फीस चुकानी होगी।

जरूरी निर्देश और दस्तावेज से जुड़े नियम
एमसीसी ने चेतावनी दी है कि रजिस्ट्रेशन के समय नाम, जन्म तिथि, कैटेगरी या संपर्क विवरण जैसी जानकारियां बहुत सावधानी से भरें, क्योंकि बाद में इनमें बदलाव का मौका नहीं मिलेगा। एनटीए फॉर्म में भरा गया डेटा ही काउंसलिंग में प्री-पुत होकर आएगा, इसलिए वही मोबाइल नंबर और ईमेल इस्तेमाल करें जो एनटीए फॉर्म में दिया गया था।

  • दिव्यांग (PwD) उम्मीदवार: इस कोटे के तहत सीट चाहने वालों को एमसीसी के मेडिकल असेसमेंट बोर्ड से पात्रता प्रमाण पत्र (Eligibility Certificate) लेना होगा, जिसके लिए नीट यूजी स्कोरकार्ड, UDID कार्ड और शपथ पत्र जरूरी है। फर्जी दस्तावेज मिलने पर सीट रद्द और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
  • एनआरआई और ओसीआई (NRI and OCI) उम्मीदवार: एनआरआई सीटों के लिए अलग प्रक्रिया है। प्रायोजक (Sponsor) के साथ संबंध या कानूनी guardianship के दस्तावेज अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन वेरिफिकेशन कमेटी इनकी जांच करेगी। योग्य ओसीआई कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के बराबर माना जाएगा।

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग शेड्यूल, सीट मैट्रिक्स और परिणामों के लिए नियमित रूप से आधिकारिक एमसीसी वेबसाइट चेक करते रहें।