August 4, 2026

Ludhiana News: न्याय की उम्मीद में थाने पहुंचा, फिर अंदर ही खुद पर पेट्रोल छिड़क कर लगा ली आग; 73 हजार की हुई थी ठगी

Ludhiana News: पंजाब के लुधियाना में खन्ना के थाना सिटी-1 में हुई एक दर्दनाक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक व्यक्ति, जो अपने साथ हुई कथित ठगी की शिकायत लेकर न्याय की उम्मीद में थाने पहुंचा था, उसी थाने के बाथरूम में पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगा बैठा. उसकी मौत हो गई. हैरानी की बात यह है कि जिस व्यक्ति ने अपनी शिकायत में पहले ही लिख दिया था कि यदि उसके साथ कोई अनहोनी होती है तो कुछ लोग उसके जिम्मेदार होंगे, उसकी मौत के बाद पुलिस हरकत में आई और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

मृतक की पहचान 45 वर्षीय गोबिंद सिंह निवासी ईश्वर नगर, लुधियाना के रूप में हुई है. वह दवाइयों के कारोबार से जुड़ा हुआ था. कारोबार में नुकसान और आर्थिक तंगी के दौरान उसका संपर्क खन्ना के ललहेड़ी रोड निवासी चरण दास से हुआ, जो खुद को बाबा बताकर लोगों की समस्याएं दूर करने और किस्मत बदलने के नाम पर पैसे लेता था.

73 हजार रुपए के लिए दे दी जान

आरोप है कि चरण दास ने गोबिंद सिंह से 73 हजार रुपये लिए. जब कोई परिणाम नहीं निकला तो गोबिंद सिंह ने पैसे वापस मांगे. आरोपियों ने केवल 20 हजार रुपये लौटाए और बाकी 53 हजार रुपये देने के बजाय चरण दास और उसके साथियों मख्खन सिंह, जुगराज सिंह उर्फ जिमी और इंद्रप्रीत सिंह उर्फ ईशू द्वारा उसे लगातार धमकियां दी जाती रहीं.

इस संबंध में गोबिंद सिंह ने पहले ही थाना सिटी-1 में लिखित शिकायत दी थी. बताया जा रहा है कि वह पहले भी शिकायत दे चुका था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिकायत में उसने अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई थी, तो क्या पुलिस ने उसकी सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाया? क्या शिकायत को गंभीरता से लिया गया? और जब वह थाने में ही मौजूद था, तो उसे अकेले बाथरूम तक जाने और वहां पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाने की नौबत कैसे आ गई?

थाने पहुंच लगाई खुद को आग

जानकारी के अनुसार सोमवार को गोबिंद सिंह दोबारा शिकायत लेकर थाना सिटी-1 पहुंचा था. इसी दौरान वह बाथरूम में चला गया. काफी देर तक बाहर नहीं आने पर पुलिस ने दरवाजा खोला तो वह गंभीर रूप से झुलसा हुआ मिला. उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी. घटना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए. इसके बाद पुलिस ने मृतक की पहले दी गई शिकायत के आधार पर चरण दास और उसके तीन साथियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस पर लगे ये आरोप

हालांकि, इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि शिकायत पहले से मौजूद थी और मृतक ने अपनी जान को खतरा होने की बात भी लिखी थी, तो कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई? क्या समय रहते आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती तो एक जान बच सकती थी? और सबसे अहम सवाल यह है कि एक शिकायतकर्ता पुलिस थाने के अंदर ही अपनी जान देने तक कैसे पहुंच गया?

डीएसपी विनोद कुमार का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य सामने आते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. लेकिन लोगों में यह चर्चा जरूर है कि यदि पुलिस पहले सक्रिय होती, तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी.

रिपोर्ट- संजय सोनी

आशू मोहम्मद

आशू मोहम्मद

राजनीति से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी, नई चीजों को पढ़ने और सीखने की ललख, पाठकों के सामने सरल भाषा व शब्दों में देश दुनिया से जुड़ी खबरों को परोसने का काम टीवी9 के साथ जारी है. वहीं अगर इससे पहले की बात की जाए तो कानपुर में जन्मे आशू मोहम्मद ने साइंस से ग्रेजुएशन करने के बाद कानपुर यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर, टीवी9 भारतवर्ष से 2022 में करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में करीब एक साल का अनुभव, अभी तक यह सिलसिला टीवी9 भारतवर्ष के साथ जारी है.  डिजिटल मीडिया की दुनिया में लिखने-पढ़ने, साथ ही 'न्यू मीडिया' की बारीकियों और चुनौतियों को समझने की कोशिश जारी है.

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