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रसोई में चूल्हे को हमेशा गैस सिलेंडर से ऊंचाई पर ही रखना चाहिए।(फोटो क्रेडिट-iStock)
रसोई घर में खाना बनाना हमारे रोजमर्रा के जीवन का सबसे अहम हिस्सा है। आज के समय में लगभग हर घर में खाना पकाने के लिए एलपीजी (LPG) गैस का इस्तेमाल किया जाता है। गैस सिलेंडर ने हमारा काम तो बहुत आसान बना दिया है, लेकिन जरा सी लापरवाही एक बड़े हादसे की वजह भी बन सकती है।
अक्सर लोग जगह की कमी या सही जानकारी न होने के कारण गैस चूल्हे और सिलेंडर को एक ही लेवल यानी जमीन या एक ही प्लेटफॉर्म पर रख देते हैं। सुरक्षा एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गैस चूल्हे को हमेशा सिलेंडर से ऊंचाई पर रखना चाहिए। आइए बिल्कुल आसान और सीधी भाषा में समझते हैं कि इसके पीछे का वैज्ञानिक और सुरक्षा से जुड़ा कारण क्या है:
एलपीजी गैस का भारी होना
हम जो एलपीजी गैस इस्तेमाल करते हैं, वह हवा से करीब डेढ़ गुना भारी होती है। अगर कभी गैस सिलेंडर या उसकी नली (Pipe) से थोड़ी भी गैस लीक होती है, तो वह हवा में ऊपर उड़ने के बजाय पानी की तरह नीचे फर्श (जमीन) पर बैठ जाती है।
खतरा कब बढ़ता है? अगर चूल्हा और सिलेंडर एक ही लेवल पर रखे हैं, तो लीक हुई गैस चूल्हे के बहुत करीब फर्श पर जमा हो जाएगी। ऐसे में जैसे ही आप माचिस या लाइटर जलाएंगे, वह नीचे फैली हुई गैस तुरंत आग पकड़ लेगी और एक बड़ा हादसा हो सकता है।
ऊंचाई पर रखने का फायदा: जब चूल्हा सिलेंडर से ऊपर (जैसे किचन काउंटर या स्लैब पर) होता है, तो लीक हुई गैस नीचे फर्श पर ही रहती है और चूल्हे की आग के सीधे संपर्क में आने से बच जाती है।
गैस पाइप की सुरक्षा
जब चूल्हा ऊपर और सिलेंडर नीचे होता है, तो गैस की पाइप बिल्कुल सीधी और सुरक्षित रहती है। लेकिन दोनों को एक ही सतह पर रखने से पाइप में कई जगह मोड़ या घुमाव (Bends) आ जाते हैं। लगातार मुड़े रहने के कारण पाइप पर दबाव पड़ता है, जिससे उसमें बारीक क्रैक या कट आने का खतरा बढ़ जाता है और वहां से गैस लीक हो सकती है।
गैस का सही बहाव
सिलेंडर से गैस का प्रेशर ऊपर की तरफ बने चूल्हे तक बहुत आसानी से और सही तरीके से पहुंचता है। अगर दोनों एक ही लेवल पर होंगे, तो गैस का फ्लो प्रभावित हो सकता है और बर्नर तक गैस ठीक से नहीं पहुंचेगी, जिससे खाना पकाने में भी दिक्कत आ सकती है।
गर्मी और आंच से सुरक्षा
गैस में काम करते समय हमें बेहद सावधानी बरतने की भी जरूरत होती है। सुरक्षा के लिहाज से गैस चूल्हे और सिलेंडर के बीच कम से कम 1 से 1.5 मीटर की दूरी होनी चाहिए। चूल्हा ऊंचा और दूर रहने से खाना बनाते समय निकलने वाली तेज आंच और गर्मी का सीधा असर नीचे रखे सिलेंडर पर नहीं पड़ता। इससे सिलेंडर का तापमान सामान्य बना रहता है और अत्यधिक दबाव के कारण उसके फटने का खतरा खत्म हो जाता है।
जमीन पर चूल्हा रखने के नुकसान
कई घरों में आज भी जमीन पर बैठकर चूल्हे पर खाना पकाया जाता है, जो सुरक्षा के लिहाज से बिल्कुल ठीक नहीं है। जमीन पर चूल्हा होने से सिलेंडर और बर्नर एक ही सतह पर आ जाते हैं, जिससे लीक हुई गैस तुरंत आग पकड़ सकती है। इसके अलावा नीचे काम करते समय कपड़ों में आग लगने, गर्म खाना गिरने और चूहों द्वारा गैस पाइप को कुतरने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।
सुरक्षित रसोई के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
- रसोई का प्लेटफॉर्म इस तरह बनवाएं कि चूल्हा हमेशा सिलेंडर से ऊपर रहे।
- गैस रेगुलेटर और रबर पाइप (सुरक्षा होस) की नियमित जांच करते रहें कि कहीं उसमें कोई दरार तो नहीं है।
- हर रात सोने से पहले रेगुलेटर का मुख्य स्विच (नॉब) बंद करना कभी न भूलें।
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गौरव तिवारीauthor
गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।
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