October 18, 2026

Kolkata Stampede: 'बेस्ट दुर्गा पंडाल' में 19 मौत, 7 की गिरफ्तारी, SIT करेगी जांच, चोरबागान की इनसाइड स्टोरी

Time Updated: Sunday, October 18, 2026, 10:02 [IST]

Kolkata Chorbagan Durga Pandal Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महासप्तमी की रात एक बड़ा हादसा हो गया। कोलकाता के 91 साल पुराने और बेहद मशहूर चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक मची भगदड़ में 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। वहीं 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

पुलिस ने आयोजकों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। । इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली 13 महिलाओं में एक छात्रा और नर्स भी शामिल हैं। पुलिस अन्य मृतकों की शिनाख्त में जुटी है।

Kolkata Stampede

यह हादसा ऐसे पंडाल में हुआ, जिसे इस साल राज्य सरकार ने 'सेरार सेरा' यानी 'बेस्ट ऑफ द बेस्ट' सम्मान दिया था। अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। मामले की पड़ताल के लिए SIT बनाने की घोषणा भी की गई है।

कोलकाता मेडिकल कॉलेज से जुड़े सूत्रों का दावा है कि घायलों और मृतकों का आंकड़ा इससे भी ज्यादा हो सकता है। इस दुखद घटना के बाद पूरे शहर में पूजा का उल्लास मातम में बदल गया और सुरक्षा के मद्देनजर कई बड़े पंडालों को बंद करा दिया गया है।

शाम 7:40 बजे क्या हुआ? बारिश और भगदड़ का पूरा घटनाक्रम

शनिवार शाम अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वहां मौजूद सैकड़ों लोग पंडाल के अंदर ही रुक गए। शाम करीब 7:40 बजे बाहर खड़ी भारी भीड़ भी एक साथ पंडाल के भीतर घुसने की कोशिश करने लगी।

इसके चलते गेट पर भयानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। अफरा-तफरी मचते ही पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और एंट्री पूरी तरह रोक दी गई। राज्य सरकार ने तुरंत स्थिति पर नजर रखने के लिए हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है।

Kolkata Stampede Chorbagan Durga Pandal

91 साल पुराना पंडाल, 'बेस्ट ऑफ द बेस्ट' का मिला था खिताब

चोरबागान पंडाल अपनी अनूठी थीम के लिए पूरे बंगाल में जाना जाता है और इसे हाल ही में सरकार द्वारा 'बेस्ट ऑफ द बेस्ट' तथा 'देवी दुर्गा सम्मान 2026' का अवॉर्ड दिया गया था। इस साल पंडाल की थीम 'बियॉन्ड साउंड' रखी गई थी, जिसमें शोर-शराबे से दूर एक शांत और ध्यानमग्न माहौल दर्शाया गया था।

इससे पहले साल 2025 में समय के विकास पर आधारित 'स्रोतोस्विनी' थीम और 2024 में नारी शक्ति को समर्पित 'दुग्गा' थीम पर पंडाल बनाया गया था। हर बार की तरह इस बार भी यहां भक्तों का भारी सैलाब उमड़ा हुआ था।

Kolkata Stampede Chorbagan Durga Pandal

हाईकोर्ट जज की अगुवाई में SIT गठित, 12 हिरासत में

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाई कोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। इस SIT में STF, CID और अन्य प्रमुख एजेंसियों के वरिष्ठ अफसर शामिल हैं।

पुलिस ने अब तक आयोजकों समेत 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस की एंटी राउडी सेक्शन (ARS) ने मौके के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए हैं। सीएम ने साफ कहा है कि भीड़ कंट्रोल करने में नाकाम रहने वाले पुलिसकर्मियों या प्राइवेट सिक्योरिटी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

Kolkata Stampede Chorbagan Durga Pandal

'थीम से ज्यादा कीमती है इंसान की जिंदगी': CM शुभेंदु अधिकारी

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "हर इंसान की जिंदगी की बहुत कीमत है और वह किसी भी सजावट या थीम से कहीं ज्यादा कीमती है।" सीएम ने सभी पूजा कमेटियों को एंट्री-एग्जिट गेट सुधारने और कम रोशनी वाली सजावट पर सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद सरकार ने रविवार के अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रम और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ तय बैठकें रद्द कर दी हैं। वहीं प्रधानमंत्री ने भी मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया है।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि घायलों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए और ठीक होने के बाद उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और जांच पूरी होने तक राजनीतिक दलों व मीडिया से घटनास्थल से दूर रहने की अपील भी की, ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो।

हादसे के बाद रविवार के लिए तय राज्य सरकार के कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ प्रस्तावित कार्यक्रम भी टाल दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल घायलों के इलाज और मृतकों के परिवारों की मदद पर ध्यान दिया जाएगा।

कोलकाता में दुर्गा पूजा के लिए करीब 3,500 पंडाल बनाए जाते हैं। ऐसे बड़े आयोजन में बारिश, संकरे रास्ते और अचानक बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रवेश-निकास की योजना, पर्याप्त रोशनी और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती जरूरी है। चोरबागान हादसे की जांच अब यह तय करेगी कि इस त्रासदी में किन स्तरों पर चूक हुई और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए क्या बदलाव जरूरी हैं।