July 11, 2026

Koderma News : कोडरमा में पिछड़े वर्ग आयोग की समीक्षा बैठक, स्थानीय रोजगार और जनकल्याण योजनाओं पर विशेष जोर

Koderma News : केटीपीएस-डीवीसी में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, अस्पताल व्यवस्था सुधारने, आरओ प्लांट लगाने और प्रवासी मजदूरों व शिक्षकों के लंबित भुगतान का मामला प्रमुखता से उठा।

Koderma News : कोडरमा में पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग के अध्यक्ष जनकी प्रसाद यादव ने समीक्षा बैठक कर केटीपीएस-डीवीसी में स्थानीय रोजगार, अस्पताल व्यवस्था, आरओ प्लांट, प्रवासी मजदूरों के भुगतान और शिक्षकों के मानदेय सहित कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर आवश्यक निर्देश दिए।

कोडरमा: पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग, झारखंड के अध्यक्ष जनकी प्रसाद यादव ने कोडरमा भ्रमण के दौरान जिले में विकास योजनाओं, स्थानीय रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं तथा जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की। परिसदन सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिले के सभी प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों, विभागीय पदाधिकारियों तथा संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा, स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना रहा।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयोग के अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि विकास परियोजनाओं का लाभ सबसे पहले स्थानीय लोगों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

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केटीपीएस और डीवीसी में स्थानीय युवाओं को मिले रोजगार

समीक्षा बैठक के दौरान केटीपीएस (कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन) और डीवीसी (दामोदर वैली कॉर्पोरेशन) में स्थानीय लोगों को रोजगार देने की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोग के अध्यक्ष ने दोनों संस्थानों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में प्राथमिकता बरती जाए।

उन्होंने कहा कि जिले के युवाओं को उनके ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके साथ ही उन्होंने अब तक स्थानीय लोगों को दिए गए रोजगार का विस्तृत विवरण, नियुक्त कर्मचारियों की सूची तथा संबंधित अभिलेख आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।

डीवीसी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश

बैठक में केटीपीएस एवं डीवीसी परिसर स्थित अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने अस्पताल की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा अस्पताल का संचालन व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है ताकि कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। अस्पताल में चिकित्सा उपकरणों, चिकित्सकों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर भी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया।

जयनगर में लगाए जाएंगे आरओ पेयजल संयंत्र

बैठक में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। आयोग के अध्यक्ष ने केटीपीएस और डीवीसी को निर्देश दिया कि जयनगर प्रखंड के करियावां तथा जयनगर क्षेत्र में आरओ आधारित पेयजल संयंत्र स्थापित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है और उद्योगों को अपने सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत स्थानीय लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। आरओ प्लांट स्थापित होने से हजारों ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने की उम्मीद है।

प्रवासी मजदूरों के लंबित भुगतान पर जताई गंभीर चिंता

बैठक के दौरान श्रम विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। आयोग के अध्यक्ष ने श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि प्रवासी मजदूरों के लंबित भुगतान से जुड़े मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि मजदूरों का समय पर भुगतान उनकी आजीविका से जुड़ा विषय है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित मामलों का त्वरित समाधान कर प्रभावित श्रमिकों को राहत देने के निर्देश भी दिए गए।

शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों के लंबित मानदेय का जल्द होगा भुगतान

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान केटीपीएस और डीवीसी द्वारा गोद लिए गए विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लंबित मानदेय का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर जल्द भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के लंबित मानदेय का मामला भी सामने आया। इस पर अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वास्थ्य कर्मियों का बकाया मानदेय जल्द से जल्द जारी किया जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को समय पर भुगतान मिलना आवश्यक है, क्योंकि इससे सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।

समन्वय और जवाबदेही पर विशेष जोर

समीक्षा बैठक में आयोग के अध्यक्ष ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे जनहित से जुड़े मामलों में बेहतर समन्वय स्थापित करें और प्रत्येक योजना की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और श्रमिक कल्याण जैसे विषयों पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर आयोग आगे भी समीक्षा बैठक आयोजित करेगा।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी सौमित्र शुक्ला, अपर समाहर्ता संजय पीएम कूजूर, अनुमंडल पदाधिकारी निर्मल सोरेन, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी प्रकाश बैठा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

कोडरमा में आयोजित यह समीक्षा बैठक केवल प्रशासनिक औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्थानीय रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छ पेयजल, श्रमिक कल्याण और शिक्षा जैसे जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस दिशा-निर्देश देने का माध्यम बनी। यदि बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन किया जाता है तो जिले के हजारों युवाओं, मजदूरों, शिक्षकों और आम नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। साथ ही स्थानीय विकास और सामाजिक कल्याण की योजनाओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।