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कानपुर5 मिनट पहले
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कब्रिस्तान की अवैध जमीन पर केडीए की टीम जेसीबी से अतिक्रमण ढहाते हुए।
कानपुर में केडीए की टीम ने शनिवार सुबह अतिक्रमण कर बनाए गए कब्रिस्तान के हिस्से पर बुलडोजर चला दिया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध और हंगामा किया। हालांकि, भारी पुलिस फोर्स और पीएसी की मौजूदगी में अतिक्रमण अभियान तेजी से चलाया गया। यह कार्रवाई बर्रा-6 थाना क्षेत्र में हुई।
केडीए की टीम ने कब्रिस्तान की बाउंड्री और कब्रों के ऊपर बने चबूतरों को ढहा दिया। हालांकि, किसी भी कब्र को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। केडीए अफसरों के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्रवाई की गई। इसके चलते विरोध के बावजूद अभियान नहीं रुका।
देखिए 3 तस्वीरें…

कब्रिस्तान पर बुलडोजर चलने के बाद मौके पर पहुंची भीड़।

कार्रवाई करने से पहले बैरिकेडिंग की गई। इसके बाद भारी पुलिस फोर्स के बीच कब्रिस्तान की अवैध जमीन पर बुलडोजर चला।

बुलडोजर ने अवैध बने बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया।
बड़ी संख्या में फोर्स रही तैनात
केडीए के ओएसडी सत शुक्ला ने बताया- बर्रा-6 में पाल टावर के सामने ग्राम बरी की आराजी संख्या-314 से जुड़ी करीब 3 हजार वर्गमीटर सरकारी जमीन पर कब्जा कर कब्रिस्तान बना दिया गया था। करीब 30 से 35 साल से इस जमीन पर कब्जा था।
कब्रिस्तान के ठीक ऊपर से मेट्रो लाइन का निर्माण शुरू हुआ तो मामला केडीए तक पहुंचा। इसके बाद केडीए अफसरों ने जमीन की जांच-पड़ताल की। जांच में सामने आया कि केडीए की जमीन पर अवैध कब्जा करके कब्रिस्तान बनाया गया था।
3 घंटे में कब्रिस्तान की जमीन हुई खाली
केडीए के अफसरों की टीम शनिवार सुबह पीएसी और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने कब्रिस्तान की बाउंड्री पर बुलडोजर चलाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया। इसके साथ ही कब्रों के ऊपर बने चबूतरों को भी ढहा दिया गया। करीब 2 से 3 घंटे में पूरी जमीन को कब्जामुक्त करा दिया गया।
यह जमीन नेशनल हाईवे से जुड़ी हुई है और हाईवे से शास्त्री चौक जाने वाली सड़क पर स्थित है।
इस मामले में केडीए की ओर से पहले ही पुलिस सहयोग मांगा गया था। 14 अगस्त 2026 को केडीए सचिव ने अपर पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, कानपुर नगर को पत्र भेजकर ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। फोर्स मिलने के बाद अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई।

कब्रिस्तान के ऊपर से मेट्रो की लाइन निकली है।
हंगामे के बीच गरजता रहा केडीए का बुलडोजर
केडीए की टीम ने कार्रवाई शुरू की तो मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी समेत सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने केडीए की कार्रवाई को अवैध बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद केडीए के ओएसडी ने लोगों को बताया कि यह केडीए की जमीन है और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद कार्रवाई की जा रही है।
इसके बाद केडीए की टीम ने पुलिस बल के साथ बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। बुलडोजर ने देखते ही देखते बाउंड्री वॉल गिरा दी और मौके पर बने अन्य निर्माण भी ध्वस्त कर दिए। कार्रवाई के दौरान पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस बल की तैनाती के चलते विरोध ज्यादा देर तक नहीं चल सका।
नोटिस के बाद हुई कार्रवाई
केडीए के ओएसडी शत शुक्ला ने बताया-जोन-3 स्थित भूमि बैंक अनुभाग की ओर से उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 26(क)(4) के तहत नोटिस जारी किया गया था। संबंधित पक्ष से जमीन और निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखने को कहा गया था।
प्राधिकरण की ओर से नोटिस में कहा गया था कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो कथित अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद केडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

टीम ने कब्रिस्तान की बाउंड्री पर बुलडोजर चलाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया।
मोहम्मद इकराम बोले- नोटिस का समय नहीं दिया, सुबह कार्रवाई कर दी
मोहम्मद इकराम ने बताया- यह कब्रिस्तान की जगह है। मेट्रो लाइन के लिए जब अधिकारियों से बातचीत हुई थी, तब हम लोगों ने पूरा सहयोग किया था। मेट्रो लाइन निकालने में किसी तरह की अड़चन नहीं पैदा की। आज केडीए के अधिकारी कार्रवाई करने पहुंचे। यहां कब्रें मौजूद थीं। उनके ऊपर बने चबूतरों को तोड़कर मिट्टी डाल दी गई। सुबह 4 बजे आकर कब्रिस्तान तोड़ने का क्या अधिकार है?”
हमें किसी विभाग की ओर से पहले नोटिस नहीं दिया गया था। कल नोटिस दिया गया और आज सुबह कार्रवाई कर दी गई। नोटिस में तीन दिन का समय दिया गया था, लेकिन हमें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं मिला। इस मामले में मेरा केस हाईकोर्ट और कानपुर सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। हम संवैधानिक और कानूनी तरीके से आगे की कार्रवाई करेंगे। जो भी कानूनी रास्ते होंगे, उन्हें अपनाएंगे।
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