Karwa Mata Story: करवा चौथ हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. पूरे दिन व्रत रखने के बाद शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है. रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद महिलाएं अपने पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोलती हैं. इस पर्व पर सुहाग, प्रेम और पति-पत्नी के रिश्ते की मजबूती का विशेष महत्व माना जाता है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि करवा माता कौन हैं, करवा चौथ पर इनकी पूजा क्यों की जाती है और इस व्रत का नाम करवा चौथ कैसे पड़ा? आखिर करवा माता की ऐसी कौन-सी पौराणिक कहानी है, जिसकी वजह से उन्हें सुहाग की रक्षा और पति की लंबी उम्र से जोड़कर देखा जाता है? आइए जानते हैं करवा माता की कहानी, पूजा का महत्व और करवा चौथ 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त.
करवा चौथ 2026 कब है?
इस बार करवा चौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर को रखा जाएगा. इस दिन विवाहित महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करके व्रत का संकल्प लेंगी. इसके बाद दिनभर निर्जला व्रत रखा जाएगा और शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना की जाएगी. रात में चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाएगा.
- चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 29 अक्टूबर को सुबह 1:06 बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 29 अक्टूबर को रात 10:09 बजे
- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक
- व्रत का समय: सुबह 6:31 बजे से रात 8:17 बजे तक
- चंद्रोदय का समय: रात लगभग 8:17 बजे
चंद्रोदय का समय शहर के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है. इसलिए व्रत का पारण करने से पहले अपने स्थानीय पंचांग में चांद निकलने का समय जरूर देख लें.
कौन हैं करवा माता?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, करवा माता एक परम पतिव्रता और साहसी स्त्री थीं. उनका नाम करवा था और अपने पति के प्रति उनके प्रेम, समर्पण और अटूट विश्वास की वजह से उनकी कहानी विशेष रूप से प्रचलित है. मान्यता है कि करवा माता ने अपने तपोबल और सतीत्व के बल पर अपने पति को मृत्यु के संकट से बचाया था.
इसी कथा को करवा चौथ के व्रत और पति की लंबी उम्र की कामना से जोड़कर देखा जाता है. कई धार्मिक परंपराओं में करवा माता को सुहाग की रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है. वहीं, करवा चौथ की पूजा में माता पार्वती की आराधना भी की जाती है, जिन्हें अखंड सौभाग्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है.
करवा माता की पौराणिक कहानी क्या है?
पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय में करवा नाम की एक पतिव्रता स्त्री रहती थीं. वह अपने पति से बेहद प्रेम करती थीं और उनकी सेवा करती थीं. एक दिन उनके पति नदी में स्नान करने गए. उसी दौरान एक मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया और उन्हें पानी में खींचने लगा. संकट में फंसे पति ने अपनी पत्नी करवा को पुकारा.
पति की आवाज सुनकर करवा तुरंत नदी के किनारे पहुंचीं. उन्होंने अपने सतीत्व और तपोबल के प्रभाव से मगरमच्छ को सूती धागे से बांध दिया. इसके बाद वह अपने पति और मगरमच्छ को लेकर यमराज के पास पहुंचीं. करवा ने यमराज से अपने पति को जीवनदान देने और मगरमच्छ को उसके किए की सजा देने की प्रार्थना की.
कथा के अनुसार, करवा के साहस, दृढ़ संकल्प और पति के प्रति समर्पण को देखकर यमराज और चित्रगुप्त प्रभावित हुए. करवा ने अपने पति की रक्षा के लिए जिस तरह साहस दिखाया, उसे देखकर उनके पति को लंबी उम्र का वरदान मिला. इसके साथ ही यह मान्यता प्रचलित हुई कि जो महिलाएं कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को श्रद्धापूर्वक करवा चौथ का व्रत रखेंगी और करवा माता की पूजा करेंगी, उनके सुहाग की रक्षा होगी और उन्हें सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलेगा.
करवा चौथ पर करवा माता की पूजा क्यों होती है?
करवा चौथ पर करवा माता की पूजा पति की लंबी उम्र, वैवाहिक सुख और अखंड सौभाग्य की कामना से की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत रखने और पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. करवा माता की कथा महिलाओं को समर्पण, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में साहस बनाए रखने का संदेश भी देती है.
इस दिन मिट्टी के करवे का भी विशेष महत्व होता है. करवे में जल भरकर पूजा की जाती है और इसे शुभता व समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. पूजा के दौरान भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और चंद्रदेव का स्मरण किया जाता है. चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत पूरा करने की परंपरा है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

सना चौधरी
सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया. इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.
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