October 17, 2026

Kanya Pujan Vidhi: दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजन में न करें ये गलतियां, जानें चरण धोने से उपहार देने का सही तरीका

Navratri Kanya Pujan Vidhi: आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का त्योहार शुरू होता है, जो इस बार 11 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुका है. नौ दिनों तक मां दुर्गा के नव शक्ति रूपों की बड़े प्रेम और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की जाती है. इस दौरान दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजन करने का बहुत अधिक महत्व होता है. ऐसा माना जाता है कि छोटी-छोटी कन्याएं साक्षात मां दुर्गा का स्वरूप होती हैं. उनका पूजन करने से माता रानी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. उपवास रखने वाले भक्तजन अष्टमी के दिन बहुत ही श्रद्धा भाव से कन्याओं को अपने घर आमंत्रित करते हैं. कन्याओं का स्वागत करके उन्हें भोजन कराने से व्रत पूरी तरह सफल माना जाता है. आइए जानते हैं कि घर पर सही विधि से कन्या पूजन कैसे करें.

कन्याओं को आमंत्रित करने और आसन पर बिठाने के नियम

  • दुर्गा अष्टमी के दिन कन्या पूजन करने से पहले सभी तैयारियां सही से कर लेनी चाहिए.
  • सबसे पहले नौ कन्याओं और एक छोटे बालक को आदर एवं सम्मान सहित अपने घर बुलाएं.
  • इन नौ कन्याओं को मां दुर्गा का नव शक्ति स्वरूप और बालक को बटुक भैरव या लांगुर मानकर पूजा जाता है.
  • घर आगमन पर सभी कन्याओं को बहुत प्रेम से आसन पर बिठाएं.
  • इसके बाद उनके चरण स्वच्छ जल से धोकर उन्हें साफ कपड़े से पोंछें.
  • फिर उनके माथे पर कुमकुम और अक्षत का सुंदर तिलक लगाएं और हाथों पर सुरक्षा के रूप में मौली बांधें.
  • इस प्रकार सम्मानपूर्वक स्वागत करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
  • यह शुरुआती प्रक्रिया कन्या पूजन के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती है, जिससे पूजा की शुरुआत बहुत ही शुभ होती है.

भोग लगाने, चरण स्पर्श की पूरी प्रक्रिया

कन्याओं के आदर-सत्कार और पूजन के बाद उन्हें बहुत प्रेम और श्रद्धा के साथ भोजन कराएं. भोजन में हलवा, काले चने, पूरी और सब्जी का सात्विक प्रसाद परोसें, क्योंकि यह आहार माता रानी को भी अत्यंत प्रिय होता है. जब सभी कन्याएं और लांगुर भोजन कर लें, तो उनके चरण स्पर्श करके भक्ति भाव से उनका आशीर्वाद लें. इसके बाद यदि आपका सामर्थ्य हो तो उन्हें अपनी श्रद्धा के अनुसार कोई सुंदर उपहार या दक्षिणा जरूर भेंट करें. इस प्रकार सच्चे मन से किया गया पूजन घर में सुख, शांति और खुशहाली लेकर आता है. नियमपूर्वक पूजन संपन्न करने से परिवार पर माता रानी की कृपा सदैव बनी रहती है. इस पावन विधि का पालन करने से जीवन के सभी कष्ट धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं.

व्रत के दौरान ऊर्जावान रहने के लिए आसान टिप्स

शरीर में ऊर्जा बनाए रखें: नौ दिनों के व्रत के दौरान सही खान-पान का ध्यान रखना आवश्यक है, नहीं तो थकावट और कमजोरी महसूस हो सकती है.

पोषण से भरपूर फलाहार: दिनभर ऊर्जावान रहने के लिए अपने फलाहार में पौष्टिक और सुपाच्य चीजों को शामिल करें.

संतुलित आहार का सेवन: सेंधा नमक का सीमित प्रयोग करें और आलू, कुट्टू व साबूदाना जैसे पदार्थों का संतुलित मात्रा में सेवन करें.

पर्याप्त तरल पदार्थ लें: शरीर में पानी की कमी न होने दें और दिनभर भरपूर मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करते रहें.

सात्विक आहार और शांति: सात्विक आहार लेने से मन शांत रहता है, भक्ति में ध्यान लगता है और शारीरिक थकावट के बिना व्रत का पूरा लाभ मिलता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए astropatri.com पर संपर्क करें.

दिव्या गौतम

दिव्या गौतम

दिव्या एक रचनात्मक और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि वाली लेखक हैं, जो ज्योतिष, जीवनशैली और आत्म-ज्ञान से जुड़ी सामग्री लिखती हैं. इनके पास 3 साल 10 महीने का अनुभव है, जिसमें इन्होंने 2022 में इंडिया न्यूज़ डिजिटल के साथ बतौर लेखक काम करना शुरू किया था. दिव्या की लेखनी सरल, भावनात्मक और रोचक होती है, जो सीधे पाठक के हृदय तक पहुंचती है और जीवन के छोटे-छोटे रहस्यों, ज्योतिषीय सिद्धांतों और रोचक ज्ञान से परिचित कराती है. उनका उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है, बल्कि पाठकों को आध्यात्मिक समझ, आत्म-ज्ञान से जोड़ना है. दिव्या का लेखन हर पाठक को उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है.

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