Tue, 21 Jul 2026 09:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Tue, 21 Jul 2026 09:36 AM IST
सार
Weather News: कानपुर में लगातार हो रही झमाझम बारिश ने पिछले 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शहर में 24 घंटे के भीतर 77 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई है।
कानपुर में लगातार बादलों के डेरा जमाने और शुक्रवार की रात से बारिश होने के चलते कानपुर में 20 जुलाई को मौसम ने 40 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। वहीं, शनिवार सुबह से ही लगातार बारिश हो रही है। इससे पहले 1986 में इससे कम अधिकतम तापमान 24 डिग्री तक पहुंचा था।
दो दिन से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए और मौसम विभाग की वेधशाला में सन शाइन आवर शून्य दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में शहर में 77 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। रविवार रात से सोमवार सुबह आठ बजे तक 38.6 मिमी और सुबह आठ बजे से दोपहर ढाई बजे तक 38.4 मिमी बारिश हुई।
kanpur weather update - फोटो : amar ujala
जुलाई की औसत बारिश 271.6 मिमी है
बंगाल की खाड़ी से नमी आने और मानसूनी द्रोणी तराई से निकलकर कानपुर परिक्षेत्र के नजदीक आने से मानसूनी बारिश शुरू हो गई। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि जुलाई की औसत बारिश 271.6 मिमी है।
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दो दिन तक मध्यम से तेज बारिश की संभावना
इस महीने अब तक 245.9 मिमी बारिश हो चुकी है, जो औसत बारिश का 90.54 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि अगले दो दिन तक मध्यम से तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी दिखा। 24 घंटे में अधिकतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट आई, जबकि न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री नीचे चला गया।
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kanpur weather update - फोटो : amar ujala
रिमझिम बारिश कम, इकट्ठी बारिश ज्यादा
ग्लोबल वार्मिंग के कारण मौसम का पैटर्न बदल रहा है। वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि तापमान बढ़ने से वायुमंडल की नमी सोखने की क्षमता बढ़ी है। इससे जिससे जब भी बारिश होती है, वह अत्यधिक तीव्र होती है। स्थानीय प्रदूषण और कंक्रीट का जाल बढ़ने का असर भी मौसम को प्रभावित कर रहा है।
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लोकल क्लाउड फॉर्मेशन का दबाव प्रभावित होता है
वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. पांडेय ने बताया कि बारिश का पैटर्न बदल रहा है। कानपुर परिक्षेत्र में मानसून आने का समय आगे खिसका है। हवा में तैरते प्रदूषण कणों के कारण लोकल क्लाउड फॉर्मेशन का दबाव प्रभावित होता है। इससे बादल छाने के बावजूद बारिश रुक जाती है या अचानक तीव्र रूप ले लेती है।