कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत हिरनी गांव में रविवार सुबह लगातार हो रही बारिश के कारण एक दो मंजिला कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मलबे के नीचे दबने से मजदूर पिता और उनकी तीन मासूम बेटियों की मौत हो गई, जबकि दो महीने बाद शादी के बंधन में बंधने जा रही सबसे बड़ी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई है।
कानपुर के साढ़ में कच्चा मकान गिरने से पिता और 3 बेटियों की मौत (फाइल फोटो)
- Published: 06 Sep 2026, 03:03 PM IST
- Last Updated: 06 Sep 2026, 03:03 PM IST
कानपुर : कानपुर के ग्रामीण इलाके में रविवार सुबह भारी बारिश ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में एक दो मंजिला कच्चा मकान अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया। हादसे के वक्त घर के भीतर मौजूद पिता और उनकी चार बेटियां भारी मलबे के नीचे दब गईं। ग्रामीणों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक पिता और तीन बेटियों की सांसें थम चुकी थीं।
सुबह 9:30 बजे धमाके के साथ गिरा मकान
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, गांव निवासी मुकेश 45 मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते थे। उनकी पत्नी की काफी पहले बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी थी। मुकेश अपने दो मंजिला कच्चे मकान में अपनी चार बेटियों के साथ रहते थे। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण मकान की मिट्टी की दीवारें और छत बेहद कमजोर हो चुकी थीं। रविवार सुबह करीब 9:30 बजे पूरा ढांचा एक जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ ढह गया।
एक ही झटके में उजड़ गया परिवार
आवाज सुनकर पड़ोसी और ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और हाथों से मलबा हटाना शुरू किया। करीब दो घंटे के संयुक्त प्रयास के बाद सभी पांचों लोगों को बाहर निकालकर पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मुकेश 45, उनकी बेटी माया 16, नीतू 12 और पल्लवी 7 को मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में सबसे बड़ी बेटी काजल उर्फ लक्ष्मी 19 गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
2 महीने बाद दिसंबर में होनी थी शादी
इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों ने बताया कि परिवार में अब केवल काजल ही अकेली बची है। आगामी दिसंबर माह में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन के जरिए उसकी शादी तय की गई थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन मंडप सजने से पहले ही पिता और तीन छोटी बहनों की असमय मौत ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के आरोप
मृतक मुकेश के चचेरे भाई तेज बहादुर सिंह ने स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य महकमे पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद साढ़ पुलिस को लगातार फोन किया गया, लेकिन शुरुआत में किसी ने फोन नहीं उठाया। काफी देर बाद ग्रामीणों ने खुद ही रेस्क्यू शुरू किया। इसके अलावा पतारा सीएचसी ले जाने पर वहां समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं मिले। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर राहत और चिकित्सीय मदद मिल जाती तो शायद कुछ जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।