September 12, 2026

Kanpur Cyber Fraud Bust: कानपुर में ₹5600 करोड़ के इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़, 2 मास्टरमाइंड अरेस्ट - Haribhoomi

कानपुर के जाजमऊ में साइबर पुलिस और एसओजी ने एक साधारण कॉल सेंटर की आड़ में चल रहे 5600 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को 65 लाख से अधिक कैश के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि 5 अन्य की तलाश जारी है।

International cyber fraud busted, two accused arrested (file photo)

अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया (फाइल फोटो)

  • Published: 12 Sep 2026, 07:49 PM IST
  • Last Updated: 12 Sep 2026, 07:49 PM IST

कानपुर : कानपुर के जाजमऊ इलाके में साइबर सेल और एसओजी की संयुक्त टीम ने देश के सबसे बड़े साइबर घोटालों में से एक का पर्दाफाश किया है। एक साधारण दिखने वाले कॉल सेंटर की आड़ में 5600 करोड़ रुपये का अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क चलाया जा रहा था। पुलिस ने इस अंतर्राज्यीय गिरोह के दो मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर उनके पास से 65 लाख 26 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

​इन्वेस्टमेंट का झांसा, गेमिंग ऐप्स और हवाला से मनी लॉन्ड्रिंग

ठगों का नेटवर्क लोगों को निवेश पर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर फंसाता था। रकम मिलते ही इसे फर्जी फर्मों के बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिया जाता था। जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए आरोपी इस रकम को विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स और कई लेयर वाले बैंक खातों में घुमाते थे। जब पैसा पूरी तरह लॉन्डर हो जाता, तो उसे नकद निकालकर हवाला के जरिए देश-विदेश में खपाया जाता था।

​14 बैंकों में 72 खाते और 18 राज्यों में जाल

पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि इस सिंडिकेट ने कानपुर के 14 बैंकों में 72 संदिग्ध खाते खुलवा रखे थे, जिनमें सबसे अधिक लेनदेन एचडीएफसी बैंक के जरिए हुआ। गैंग का नेटवर्क दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित 18 से अधिक राज्यों में फैला था। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल NCRB पर इस गिरोह के खिलाफ 86 शिकायतें दर्ज हैं। जांच में अब तक 5600 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन का रिकॉर्ड सामने आया है।

​दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 5 की तलाश जारी

एडीसीपी ऑपरेशंस एसएस रामटेके के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेकनगंज निवासी शाहजेब वारिस 24 और चमनगंज निवासी सलमान 31 के रूप में हुई है। इनके पास से फर्जी जीएसटी प्रमाणपत्र, चेकबुक और एटीएम कार्ड मिले हैं। मोबाइल चैट से कई विदेशी लिंक भी उजागर हुए हैं। दोनों आरोपियों पर नोएडा, आगरा और हैदराबाद में भी मामले दर्ज हैं। गिरोह के 5 अन्य फरार सदस्यों इतिशाम, शाहवेज, मुजम्मिल, इखलाख और आरिफ की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।