कल का मौसम, 28 सितंबर: सितंबर के आखिरी हफ्ते में जाते हुए मानसून ने देश भर में एक बार फिर से अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और दिल्ली एनसीआर समेत देश के 19 राज्यों में तूफानी हवाओं और जोरदार बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में हवा की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. आसमान में घने काले बादलों का डेरा जम चुका है और रुक रुक कर हो रही बौछारों ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने आम लोगों को सतर्क रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है.
दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा के ऊपर बने नए चक्रवाती परिसंचरण तंत्र के कारण मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में भी एक मजबूत मौसमी तंत्र सक्रिय हो गया है. उधर उत्तर पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने भी मैदानी इलाकों के मौसम पर गहरा असर डाला है. इन सभी मौसमी गतिविधियों के आपस में मिलने की वजह से मध्य और पूर्वी भारत में मानसून की रफ्तार बहुत ज्यादा बढ़ गई है. खुले मैदानों और खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए यह समय विशेष सावधानी बरतने का है.
इन 19 राज्यों पर मंडरा रहा है खतरा
मौसम विभाग ने जिन 19 राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है, उनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं. इन सभी राज्यों में हवा की गति सामान्य से कहीं अधिक रहेगी और कई स्थानों पर तेज आंधी के साथ भारी पानी गिरने का अंदेशा जताया गया है.
दैनिक मौसम परिचर्चा 27-09-2026 https://t.co/R3ge2flYxX
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 27, 2026
उत्तर प्रदेश में आंधी और बिजली का खतरा
उत्तर प्रदेश में मौसम का असर काफी व्यापक देखने को मिल रहा है. राज्य के पूर्वी हिस्से में आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ जोरदार बारिश की आशंका जताई गई है. प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, जौनपुर और सोनभद्र जैसे जिलों में भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है. इसके साथ ही अलीगढ़ और आसपास के इलाकों में भी आंधी का असर देखा जा सकता है. किसानों और राहगीरों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें क्योंकि आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बहुत अधिक बना हुआ है.
मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी अलर्ट
मध्य प्रदेश के मौसम में भी भारी उथल पुथल मची हुई है. राज्य के कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं. छतरपुर, शहडोल, सतना, सिवनी, हरदा, बैतूल, मंडला, विदिशा, सागर, दमोह, अनूपपुर, भोपाल, नर्मदापुरम, देवास और खंडवा में जोरदार बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है. निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है जिससे सड़क यातायात प्रभावित होने का अंदेशा है. प्रशासन ने राहत और बचाव से जुड़े अमले को पहले से ही पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश जारी कर दिया है.
बिहार और झारखंड में झमाझम बारिश
बिहार और झारखंड में भी आसमान से आफत बरसने का अनुमान लगाया गया है. बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, कटिहार और पश्चिम चंपारण में घने बादल छाए हुए हैं और भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है. झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह और देवघर में तेज हवाओं के साथ रुक रुक कर मूसलाधार बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है. दोनों ही राज्यों में वज्रपात का बड़ा खतरा मंडरा रहा है इसलिए प्रशासन ने नागरिकों से घरों के भीतर ही सुरक्षित रहने की अपील की है.
दिल्ली-एनसीआर और पंजाब का हाल
देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर में भी बादलों की हलचल लगातार बनी हुई है. नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है. हरियाणा के रोहतक और सोनीपत में भी आंधी का असर दिखाई दे सकता है. पंजाब के लुधियाना, अमृतसर, कपूरथला, गुरदासपुर, बठिंडा, संगरूर, मलेरकोटला, मानसा, मोगा और फिरोजपुर में 50 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों के साथ जोरदार बारिश होने के आसार हैं. चंडीगढ़ में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है.
| शहर | अधिकतम तापमान (28 सितंबर) | न्यूनतम तापमान (28 सितंबर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 29°C | 23°C |
| मुंबई | 32°C | 26°C |
| चेन्नई | 33°C | 28°C |
| कोलकाता | 34°C | 27°C |
| लखनऊ | 29°C | 23°C |
| पटना | 32°C | 24°C |
| रांची | 29°C | 21°C |
| भोपाल | 31°C | 21°C |
| जयपुर | 31°C | 22°C |
| शिमला | 19°C | 14°C |
| नैनीताल | 21°C | 16°C |
पहाड़ों पर भूस्खलन और मलबे की चेतावनी
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा खतरनाक और चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ों से मलबा खिसकने का बड़ा खतरा है. बारिश के बाद सड़कों पर मलबा गिरने से आवागमन बाधित हो सकता है. इसी तरह हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर और सोलन में भारी बारिश के साथ भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है. पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को हिदायत दी गई है कि वे पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर हासिल कर लें.
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में सक्रिय मानसून
पूर्वोत्तर के असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. पश्चिम बंगाल के पहाड़ी जिलों दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में भी भूस्खलन को लेकर अलर्ट है. इसके साथ ही दक्षिण भारत के कई तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक यह मौसमी तंत्र कमजोर नहीं पड़ता तब तक देश के 19 राज्यों में मौसम का यह आक्रामक रूप बना रहेगा. ऐसे में सभी नागरिकों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए.
यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, CM धामी की अपील- चेतावनियों का पालन करें