JPSC Exam Irregularities Case: JPSC परीक्षा धांधली मामले में CID ने आयोग की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम को गिरफ्तार कर लिया है. बीएन राम पर JPSC इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर 40 लाख रुपये लेने का आरोप है.
JPSC Exam Irregularities Case: JPSC परीक्षा धांधली मामले में CID ने आयोग की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम को गिरफ्तार कर लिया है. बीएन राम पर JPSC इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर 40 लाख रुपये लेने का आरोप है.
![]()
New Update
/newsnation/media/media_files/2026/08/17/jpsc-irregularities-case-2026-08-17-20-14-36.jpg)
JPSC irregularities Case
JPSC Exam Irregularities Case: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा धांधली मामले में एक और बड़ा एक्शन हुआ है. मामले की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम को गिरफ्तार कर लिया है. जांच एजेंसी के मुताबिक, बीएन राम पर JPSC इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर 40 लाख रुपये लेने का आरोप है.
बता दें कि अजिता भट्टाचार्य झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव और पार्टी के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं. CID अब बीएन राम की भूमिका और कथित लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. इस गिरफ्तारी के साथ मामले में CID की कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 22 हो गई है.
अजिता भट्टाचार्य का JPSC से क्या है कनेक्शन?
अजिता भट्टाचार्य झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सदस्य रह चुकी हैं. वह झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं. JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद और CID की जांच के बीच अजिता भट्टाचार्य ने 9 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद अब JPSC से जुड़े मामले में उनके पूर्व PA बीएन राम की गिरफ्तारी ने जांच को नया मोड़ दे दिया है.
यह भी पढ़ें: झारखंड परीक्षा विवाद: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों और सरकार के बीच आज होगी नए सिरे से बातचीत, छात्रों ने स्वीकार किया प्रस्ताव
JSSC-CGL मामले में आयोग के दफ्तर में छापेमारी
झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच अब तेज हो गई है. इसी सिलसिले में CID की टीम ने सोमवार (17 अगस्त) को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय में छापेमारी की. टीम ने आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ भी की. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी 2024 में हुई JSSC-CGL परीक्षा के जरिए चयनित सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है. CID की इस कार्रवाई से माना जा रहा है कि जांच एजेंसी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही है.
JPSC केस में 14 अगस्त को भी CID का एक्शन
JPSC की अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने 14 अगस्त को झारखंड में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. जांच एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई केस नंबर 16/2026 में नामजद सात आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ जारी वारंट की तामील के लिए की गई थी.
CID ने जिन आरोपियों की तलाश में कार्रवाई की, उनमें आदित्य पांडे, पवन कुमार सिंह, रविशंकर कुमार, संतोष कुमार सिंह, सानंद प्रकाश, लालू कुमार यादव और सौरभ कुमार पांडे शामिल हैं. एजेंसी के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है. छापेमारी के दौरान जुटाए गए सबूतों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें: झारखंड में JPSC-JSSC धांधली पर आर-पार के मूड में अभ्यर्थी, करेंगे सीएम आवास का घेराव