JPSC JSSC Dispute: झारखंड में JPSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच ED भी जांच में उतर गया है. मामले में PMLA के तहत केस दर्ज किया है. ED अब परीक्षा प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और पैसों के अवैध लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी.
JPSC JSSC Dispute: झारखंड में JPSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच ED भी जांच में उतर गया है. मामले में PMLA के तहत केस दर्ज किया है. ED अब परीक्षा प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और पैसों के अवैध लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी.
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ED enters JPSC JSSC dispute
JPSC JSSC Dispute: झारखंड में JPSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच में उतर गया है. केंद्रीय एजेंसी ने मामले में PMLA के तहत केस दर्ज किया है. ED अब परीक्षा प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और पैसों के अवैध लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी.
JPSC परीक्षाओं में धांधली और गड़बड़ी के आरोपों के बीच ED की कार्रवाई से मामले ने नया मोड़ ले लिया है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताओं के पीछे कहीं अवैध धन का लेनदेन या मनी लॉन्ड्रिंग तो नहीं हुई. अधिकारियों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है.
Enforcement Directorate (ED) has registered an Enforcement Case Information Report (ECIR) in the alleged Jharkhand Public Service Commission (JPSC) examination irregularities: Officials pic.twitter.com/oylXKpcXZR
— ANI (@ANI) August 10, 2026
9 अगस्त को भी उठा था मुद्दा
मामले की जांच में अब पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं पर भी फोकस किया जाएगा. ईडी अब कथित वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल करने के साथ यह भी देखेगी कि इसमें किन अधिकारियों की भूमिका रही है. इस बीच, 9 अगस्त को छात्रों और राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत में भी यह मुद्दा उठा था. बैठक के दौरान राज्य सरकार ने छात्रों को वित्तीय गड़बड़ियों की जांच ED से कराने का प्रस्ताव दिया था.
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CBI जांच की मांग पर सरकार का पक्ष
JSSC-CGL परीक्षा को लेकर छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है. छात्र परीक्षा रद्द करने के साथ पूरी प्रक्रिया की CBI जांच की मांग पर कायम हैं. वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि CGL परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आयोजित हुई थी. ऐसे में सरकार के मुताबिक, उसके पास परीक्षा रद्द करने या सीधे CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है. इसी बीच, वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच के लिए ED की कार्रवाई मामले में एक नया मोड़ लेकर आई है.
सीबीआई जांच को लेकर कई विकल्प
JSSC-CGL मामले में छात्रों की CBI जांच की मांग के बीच राज्य सरकार ने जांच को लेकर कई विकल्प सामने रखे. सरकार ने कथित वित्तीय लेन-देन की जांच ED से कराने, रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित करने और 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव दिया. हालांकि, छात्र प्रतिनिधियों ने सरकार के इन सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया. छात्रों का कहना है कि वे परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे.
कोर्ट ने टाला संज्ञान लेने का फैसला
दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट पर संज्ञान लेने पर अपना फैसला टाल दिया है। कोर्ट 12 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगा. सभी 13 आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश हुए. कोर्ट ने तीन आरोपियों के लिए लाई-डिटेक्टर, ब्रेन-मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी.
सरकार ने किए कई बदलाव
जेपीएससी और जेएसएससी में गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार ने इसमें बदलाव को लेकर बड़े फैसले लिए हैं. जेएसएससी के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया है कि अब भविष्य में माफिया तत्व जेएसएससी की परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि अब जेएसएससी में प्रीलिम्स यानी प्रारंभिक और मुख्य यानी मेंस दो परीक्षाएं होंगी. पहले प्रीलिम्स में एक ही प्रश्न पत्र होता था लेकिन अब परीक्षा को तीन भागों में बांट दिया जाएगा. इसके लिए तीन अलग-अलग रेंडम कलर कोडिंग की जाएगी. सुबह 5:00 यह तय होगा कि अभ्यर्थी को कौन सा प्रश्न पत्र दिया जाएगा. मेंस परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा के माध्यम से रिक्त पदों की संख्या के 15 गुना अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा. यह परीक्षाएं सीबीटी यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में आयोजित होगी इससे पेपर लीक की समस्या समाप्त हो जाएगी. इसके अलावा कई अन्य सुधार भी किए जाएंगे.
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