August 9, 2026

झारखंड में JPSC-JSSC विवाद में हेमंत सोरेन की युवाओं से अपील, कहा- सियासी खेल से दूर रहकर मांगे हक

JPSC-JSSC Reform: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से राजनीतिक दलों के बहकावे में न आने की अपील की है.

JPSC-JSSC Reform: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से राजनीतिक दलों के बहकावे में न आने की अपील की है.

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Hemant Soren

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन Photograph: (X)

JPSC-JSSC Reform: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. राज्य के हजारों युवा पिछले 16 दिनों से सडकों पर उतरकर अपने हक के लिए आवाज उठा रहे हैं. इस बेहद संवेदनशील माहौल के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलनकारी युवाओं से एक महत्वपूर्ण अपील की है. उन्होंने युवाओं को आगाह करते हुए कहा है कि वे किसी भी तरह के राजनीतिक संरक्षण और राजनीतिक दलों के बहकावे से पूरी तरह दूर रहें. मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि युवाओं का यह पूरा अधिकार है कि उन्हें न्याय मिले और उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय न हो.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह वर्तमान सरकार की निष्पक्षता और सख्त कदमों का ही परिणाम है कि आज युवाओं में गलत काम के खिलाफ आवाज उठाने का साहस आया है. सरकार की ओर से की गई कार्रवाइयों की वजह से ही गड़बड़ी करने वाले बेनकाब हुए हैं. उन्होंने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोगों की बडी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं. अपनी इन्हीं राजनीतिक रोटियों को सेकने के लिए वे युवा पीढी को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं. देश भर में राजनीतिक दल अलग-अलग तरीकों से युवाओं को भड़काने की रणनीति पर काम कर रहे हैं और सच में झूठ मिलाकर भ्रम फैलाया जा रहा है.

वार्ता की मेज पर सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल

राज्य में उपजे इस गंभीर संकट को सुलझाने के लिए सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का दौर शुरू हो चुका है. राजधानी रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार की ओर से गठित चार मंत्रियों का समूह और जेपीएससी-जेएसएससी न्याय मंच के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की बैठक हुई. इस बेहद अहम बैठक के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के कडे इंतजाम किए गए हैं. स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि माहौल शांतिपूर्ण बना रहे.

ईडी से वित्तीय लेनदेन की जांच और 90 दिनों का अल्टीमेटम

वार्ता के दौरान सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों की एक बहुत बडी मांग पर अपनी सहमति दे दी है. सूत्रों के अनुसार सरकार परीक्षा का आयोजन कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के आर्थिक लेनदेन की जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी से कराने के लिए तैयार हो गई है. जांच में एजेंसी के खिलाफ कई तरह की आर्थिक अनियमितताओं के प्रमाण मिले हैं. इसके अलावा राज्य सरकार ने छात्र नेताओं को यह लिखित भरोसा भी दिया है कि सीआईडी को सौंपी गई तमाम मामलों की जांच 90 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके.

विवादित परीक्षाएं रद्द करने और नए सुधारों का प्रस्ताव

आंदोलन को खत्म कराने की दिशा में कदम बढाते हुए सरकार ने टेबल पर कई बडे प्रस्ताव रखे हैं. सरकार का कहना है कि एजेंसी द्वारा पूर्व में आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं की निष्पक्षता से जांच होगी. सबसे ज्यादा विवादों से घिरी जेपीएससी 14 और बैकलॉग 25 की परीक्षा को रद्द करने के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई गई है. भविष्य में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए देश के जाने-माने संस्थानों जैसे आईआईटी आईएसएम धनबाद और एक्सएलआरआई जमशेदपुर से परामर्श लिया जाएगा.

16वें दिन भी भूख हड़ताल पर अडे हैं परीक्षार्थी

दूसरी तरफ आंदोलन कर रहे छात्रों का रुख अब भी बेहद कडा बना हुआ है. कडाके की धूप और बारिश के बावजूद कई परीक्षार्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. छात्र न्याय मंच के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार के प्रस्ताव उनकी शुरुआती जीत जरूर हैं, लेकिन वे सिर्फ मौखिक आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं. वे अपनी मूल मांगों को पूरा कराए बिना पीछे नहीं हटेंगे.

सीबीआई जांच की मांग और विधानसभा घेराव की चेतावनी

छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सभी विवादित परीक्षाओं को औपचारिक रूप से रद्द नहीं किया जाता और पूरे मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. छात्र नेताओं ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो वे 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे. फिलहाल पूरे राज्य की नजरें इस गतिरोध के समाधान पर टिकी हुई हैं.

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