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सार
JSSC Exam Controversy: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी है। सरकार से दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही, छात्र परीक्षा रद्द करने पर अड़े हैं।

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी है (सोर्स-आईएएनएस)
विस्तार
Jharkhand JPSC JSSC Exam Student Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की प्रतियोगी में परिक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आदोलन लगातार जारी है। शनिवार को आंदोलन के 15 वें दिन रकाज्य सरकार और प्रदशर्नकारी छात्रों के बिच दुसरे दौर की वार्ता हुई, लेकिन इसमें भी कोई ठोस समाधाम नहीं निकल सका। राचीं कें मोराहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई बैठक करीब पौने दो घंटे तक चली।
सरकार की ओर से चार मंत्री वार्ता में शामिल हुए, जबकि आंदोलनकारी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल भी बैठक में मौजूद रहा। छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक विवादित परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को भी दोहराया है। वहीं, सरकार ने कहा है कि वह परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गंभीर है।
दूसरे दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच शनिवार को दूसरे दौर की वार्ता हुई। रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई बैठक करीब पौने दो घंटे तक चली। बैठक में सरकार की ओर से चार मंत्री और आंदोलनकारी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। सरकार ने छात्रों की मांगों को सुना और उनसे आंदोलन स्थगित करने की अपील की, लेकिन दोनों पक्षों के बीच किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी।
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परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र
वार्ता के दौरान छात्रों ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया। उनका कहना है कि जब तक विवादित परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।छात्र नेताओं ने कहा कि उनकी मुख्य मांग में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वे अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को भी दोहराया है।
सरकार ने कहा- सभी हितधारकों से लेंगे सुझाव
सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव वार्ता में शामिल हुए। मंत्रियों ने छात्रों की बात सुनी और धरना स्थगित करने की अपील की। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार किसी एक छात्र संगठन तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य के सभी युवाओं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए इन सुझावों को नीति तैयार करते समय शामिल किया जाएगा।
परीक्षा सुधार के लिए जारी की गई ईमेल आईडी
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार किसी एक संगठन तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार पूरे राज्य के युवाओं और सभी हितधारकों से सुझाव लेगी। इसके लिए सरकार ने एक विशेष ईमेल आईडी (जेपीएसएसी डॉट फीडबैक ऐट जीमेल डॉट कॉम) जारी की है। राज्य का कोई भी नागरिक या छात्र इस ईमेल पर परीक्षा सुधार से जुड़े सुझाव भेज सकता है। नीति तैयार करते समय इन सुझावों को शामिल किया जाएगा।
सरकार ने गिनाईं जांच और कार्रवाई
वार्ता के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार शुरुआत से ही इस मामले को लेकर संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि मामले में सीआईडी जांच कराई गई है और जांच के दौरान छापेमारी के साथ गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
मंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि वह परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
पहले दौर की वार्ता में भी नहीं निकला था समाधान
सरकार और छात्रों के बीच इससे पहले शुक्रवार को भी पहले दौर की औपचारिक वार्ता हुई थी। यह बैठक भी रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई थी और करीब डेढ़ घंटे तक चली थी। पहली बैठक के बाद भी छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया था। छात्रों का कहना था कि सरकार की ओर से बातचीत की पहल का स्वागत है, लेकिन जब तक उनकी मुख्य मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक सत्याग्रह जारी रहेगा।
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क्यों आंदोलन कर रहे हैं छात्र?
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। आंदोलनकारी 14वीं जेपीएससी परीक्षा समेत विवादित परीक्षाओं की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो, कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। इससे पहले भी छात्रों ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।
