July 22, 2026

JPSC में CID की रेड; देर रात तक टीम एक्टिव: डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर सहित 8 अरेस्ट, आयोग अध्यक्ष ने भी दिया इस्तीफा, आज भी छापेमारी - Ranchi News

रांची4 घंटे पहले

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झारखंड लोकसेवा आयोग की नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई। झारखंड लोक सेवा आयोग के कार्यालय सहित कुल आठ स्थानों पर सीआईडी और रांची पुलिस ने छापेमारी की।

जांच के दौरान परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) के ठिकानों को भी खंगाला गया।

इस कार्रवाई में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के साथ डेटा एंट्री, प्रोग्रामिंग और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

झारखंड लोक सेवा आयोग के कार्यालय सहित कुल आठ स्थानों पर सीआईडी और रांची पुलिस ने छापेमारी की।

झारखंड लोक सेवा आयोग के कार्यालय सहित कुल आठ स्थानों पर सीआईडी और रांची पुलिस ने छापेमारी की।

साथ ही टीडीपीएल के कार्यालय को सील कर दिया गया। इसी बीच देर शाम जेपीएससी के चेयरमैन एल ख्यांगते ने इस्तीफा दे दिया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू, सीएम कर रहे मॉनिटरिंग

सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में मंगलवार को शुरू हुई छापेमारी देर रात तक जारी रही। टीम ने जेपीएससी कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और कंप्यूटरों की गहन जांच की और महत्वपूर्ण सामग्री जब्त कर ली। टीडीपीएल से जुड़े रिकॉर्ड्स को भी खंगालते हुए कई अहम डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं।

छापेमारी की कार्रवाई आज भी जारी रहने की बात कही गई है, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

छापेमारी की कार्रवाई आज भी जारी रहने की बात कही गई है, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

राज्य सरकार ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस और सीआईडी की टीम ने जब्त दस्तावेजों और कंप्यूटरों की जांच के लिए डिजिटल फॉरेंसिक टीम को लगाया है। वहीं, छापेमारी की कार्रवाई आज भी जारी रहने की बात कही गई है, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

पहले श्वेता के घर की तलाशी, फिर हिरासत में लिया

सीआईडी की टीम ने सबसे पहले जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता से पूछताछ की। फिर उन्हें लेकर वर्धमान कंपाउंड स्थित उनके घर पर गई। वहां तलाशी लेने के बाद टीम फिर श्वेता को लेकर जेपीएससी ऑफिस पहुंची।

दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस छापेमारी के दौरान पूरे जेपीएससी कार्यालय की पुलिस ने घेराबंदी कर रखी थी। किसी को बाहर जाने नहीं दिया गया।

छापेमारी के दौरान पूरे जेपीएससी कार्यालय की पुलिस ने घेराबंदी कर रखी थी। किसी को बाहर जाने नहीं दिया गया।

छापेमारी के दौरान पूरे जेपीएससी कार्यालय की पुलिस ने घेराबंदी कर रखी थी। किसी को बाहर जाने नहीं दिया गया।

इनके खिलाफ चल रही जांच

  • परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड
  • मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी (मार्केटिंग मैनेजर, टीडीपीएल)
  • सत्यपाल सिंह (निदेशक, टीडीपीएल)
  • रामबीर सिंह (निदेशक, टीडीपीएस)
  • प्रोग्रामर एवं लोकसेवक (जेपीएससी)

इन बिंदुओं पर जांच कर रही है सीआईडी

  • डिजिटल टैंपरिंग और ओएमआर में फेरबदलः क्या परीक्षा के बाद सर्वर या ओएमआर शीट में बैकडेट में बदलाव किए गए ?
  • मनी लॉन्ड्रिंग का कोणः अभ्यर्थियों से वसूली गई मोटी रकम किन-किन खातों में भेजी
  • अधिकारियों की भूमिकाः ब्लैकलिस्टेड कंपनी को जेपीएससी ने किस आधार पर परीक्षा संचालन की अनुमति दी।इसी बीच देर शाम जेपीएससी के चेयरमैन एल ख्यांगते ने इस्तीफा दे दिया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

जानिए... कैसे बढ़ता गया विवाद

  • 20 जून 2026: सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी हुआ। आयोग के दो सदस्यों ने परीक्षा एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए रिजल्ट पर हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बाद चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे।
  • 2 जुलाई 2026: 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी हुआ। आयोग के तीनों सदस्यों ने रिजल्ट पर हस्ताक्षर नहीं किए। इससे विवाद और गहरा गया।
  • रिजल्ट के साथ कटऑफ अंक सार्वजनिक न करने पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई।
  • अब परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी के यूपी में ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी सामने आने के बाद छापेमारी की यह कार्रवाई की गई।
पुलिस और सीआईडी की टीम ने जब्त दस्तावेजों और कंप्यूटरों की जांच के लिए डिजिटल फॉरेंसिक टीम को लगाया है।

पुलिस और सीआईडी की टीम ने जब्त दस्तावेजों और कंप्यूटरों की जांच के लिए डिजिटल फॉरेंसिक टीम को लगाया है।

बड़े सवाल... जो गड़बड़ियों का इशारा कर रहे

  • पूरी परीक्षा प्रक्रिया एक निजी एजेंसी के हवाले करना निष्पक्षता के मानकों के अनुरूप है?जब आवेदन, प्रश्नपत्र, ओएमआर, स्कैनिंग, स्क्रीन मार्किंग और रिजल्ट प्रोसेसिंग तक एक ही एजेंसी के पास है, तो गड़बड़ी कैसे पकड़ी जाएगी?
  • एजेंसी यूपी में ब्लैकलिस्टेड थी। क्या एजेंसी के चयन से पहले उसके पूर्व रिकॉर्ड, विवादों का सत्यापन किया गया था?
  • पहले अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से सुरक्षा व गोपनीयता सुनिश्चित की जाती थी, तो अब व्यवस्था क्यों बदली गई।

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