Aug 09, 2026 02:17 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
प्रशासन ने कहा कि परिसर के ऑडिटोरियम और दूसरी जगहों के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

यह कार्यक्रम 10 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होना था।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने पूर्व छात्र और कार्यकर्ता उमर खालिद की किताब 'फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज' पर होने वाली परिचर्चा के लिए दिए गए SSS-1 ऑडिटोरियम की बुकिंग को रद्द कर दिया है। यह कार्यक्रम 10 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होना था। इस सार्वजनिक चर्चा का आयोजन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) की ओर से किया जाना था।
JNU प्रशासन का तर्क: 'फॉर्म में नहीं दी गई कार्यक्रम की पूरी जानकारी'
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, ऑडिटोरियम की बुकिंग इसलिए रद्द की गई है क्योंकि वेन्यू रिक्वेस्ट फॉर्म में प्रस्तावित कार्यक्रम के संबंध में पूरी और स्पष्ट जानकारी प्रदान नहीं की गई थी।
प्रशासन ने कहा कि परिसर के ऑडिटोरियम और दूसरी जगहों के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
बुकिंग रद्द करने का आधिकारिक पत्र JNU के संयुक्त कुलसचिव की ओर से जारी किया गया है, जिसे स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (SSS) के डीन ने मंजूरी दी है।
रद्द किए गए पत्र के अनुसार, SSS-1 ऑडिटोरियम की बुकिंग सेंटर फॉर इंटरनेशनल लीगल स्टडीज (CISLS) के डॉ. अविनाश कुमार की तरफ से की गई थी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी की "लोकतांत्रिक और विकेंद्रीकृत" प्रक्रियाओं के तहत स्थापित प्रशासनिक नियमों का पालन करते हुए ही यह कार्रवाई की गई है।
10 अगस्त को होना था कार्यक्रम, ये बड़े वक्ता थे शामिल
विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस परिचर्चा में कई प्रमुख शिक्षाविद्, इतिहासकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता शामिल होने वाले थे:
- प्रोफेसर प्रभु महापात्रा
- प्रोफेसर उमा चक्रवर्ती
- शुद्धब्रत सेनगुप्ता
- हर्ष मंदर
- बानो ज्योत्स्ना लाहिरी
कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले ऑडिटोरियम की अनुमति रद्द होने से जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) और प्रशासन के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने के आसार हैं। छात्र संघ का कहना है कि यह विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है, जबकि प्रशासन इसे विशुद्ध रूप से प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक निर्णय बता रहा है।
