Published: Wednesday, August 5, 2026, 15:00 [IST]
Nivedita Menon Viral Video: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पूर्व प्रोफेसर निवेदिता मेनन का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस इंटरव्यू में उन्होंने भारत को लेकर "इस मनहूस देश" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया है। बातचीत के दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय, पिछले 10-12 वर्षों के माहौल, बुलडोजर कार्रवाई, अभिनेता आमिर खान के पुराने बयान और वामपंथी दलों के विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। कई लोग उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे इंटरव्यू को संदर्भ के साथ देखने की बात कह रहे हैं। फिलहाल इस वायरल वीडियो पर निवेदिता मेनन की ओर से कोई नया बयान सामने नहीं आया है।
इंटरव्यू में क्या कहा?
इंटरव्यू के दौरान निवेदिता मेनन ने कहा, "...मुझे लगा कि CPIM का प्रोटेस्ट थोड़ा सांस लेने की जगह लेकर आया और मुसलमानों को शायद लगने लगा कि शायद इस मनहूस देश में हमारे लिए भी कोई जगह है।"
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उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि पिछले 10-12 साल में बार-बार उन्हें एहसास दिलाया जा रहा है कि तुम यहां के नहीं हो, तुम्हें बुलडोज़ करेंगे, तुम्हारे साथ कुछ भी करेंगे और तुम चूं तक नहीं कर सकते।" यही बयान अब विवाद की सबसे बड़ी वजह बना हुआ है।
आमिर खान का भी दिया उदाहरण
इंटरव्यू में निवेदिता मेनन ने अभिनेता आमिर खान का जिक्र करते हुए कहा, "किसी ने चूं किया, चाहे वह आमिर खान हों। उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि उस वक्त उनकी पत्नी किरण ने कहा था कि शायद हमें इंडिया छोड़ना पड़े। उसके बाद उन्हें जिस तरह निशाना बनाया गया, उससे यह संदेश गया कि तुम अपमान सहोगे, लेकिन आवाज नहीं उठा सकते।"
मुस्लिम समुदाय और आंदोलन पर क्या बोलीं?
बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उस प्रदर्शन में मौजूद कई मुस्लिम लोगों को कुछ समय के लिए लगा कि उनकी बात सुनी जा रही है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अब फिर से दबाव का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा, "अब दोबारा जिस तरह से रिप्रेशन हो रहा है और जुनैद के साथ भी जो हो रहा है, हम जानते हैं। CPIM की लीडरशिप और बाकी लेफ्ट ग्रुप्स को इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से उठाना होगा। वे कह रहे हैं कि दोबारा आंदोलन करेंगे। देखते हैं, शायद करना पड़े।"
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने भारत को लेकर "मनहूस देश" कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि इंटरव्यू के पूरे संदर्भ को समझने के बाद ही राय बनानी चाहिए। फिलहाल इस मामले में किसी आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
कौन हैं प्रोफेसर निवेदिता मेनन?
निवेदिता मेनन देश की जानी-मानी राजनीतिक विचारक, लेखिका और शिक्षाविद हैं। वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के सेंटर फॉर कम्पेरेटिव पॉलिटिक्स एंड पॉलिटिकल थ्योरी में प्रोफेसर रह चुकी हैं और 2025 में रिटायर हुईं। इससे पहले उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय में भी अध्यापन किया। उन्होंने राजनीति, लोकतंत्र, जेंडर और समाज से जुड़े विषयों पर कई किताबें लिखी हैं, जिनमें Seeing Like a Feminist और Power and Contestation: India Since 1989 प्रमुख हैं।
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