October 5, 2026

Jharkhand News : जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में मंत्री योगेन्द्र प्रसाद के सख्त निर्देश, लापरवाह संवेदकों पर होगी कार्रवाई

Jharkhand News : लातेहार में JJM योजनाओं की जिलावार समीक्षा, समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने और ग्रामीणों तक नियमित पेयजल पहुंचाने पर जोर

Jharkhand News : जल जीवन मिशन (JJM) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति को लेकर सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को बेतला नेशनल पार्क सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। पेयजल एवं स्वच्छता, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लातेहार समेत छह जिलों की जलापूर्ति योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान योजनाओं की धीमी प्रगति, निर्माण कार्य में लापरवाही और गुणवत्ता से जुड़े मामलों को लेकर मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

Jharkhand News : बैठक में लातेहार, गढ़वा, पलामू, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा जिलों में जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की जिलावार और योजनावार स्थिति पर चर्चा हुई। संबंधित जिलों के अधिकारियों ने मंत्री के समक्ष योजनाओं की वर्तमान प्रगति, पूर्ण और अपूर्ण योजनाओं, निर्माण कार्य की स्थिति, पेयजलापूर्ति तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की।

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन की योजनाओं के निर्माण में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनके घर तक नल के माध्यम से सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है।

Jharkhand News : जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में मंत्री योगेन्द्र प्रसाद के सख्त निर्देश, लापरवाह संवेदकों पर होगी कार्रवाई 1

मंत्री ने कहा कि योजनाओं को केवल कागजों पर पूरा दिखाना पर्याप्त नहीं है। योजना पूरी होने के बाद ग्रामीण परिवारों को वास्तव में नियमित रूप से पानी मिल रहा है या नहीं, इसकी भी लगातार निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं को पूरा कराते हुए ग्रामीणों को जल्द से जल्द पेयजल सुविधा का वास्तविक लाभ उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में कई योजनाओं में संबंधित संवेदकों द्वारा अपेक्षित गति से काम नहीं करने, लापरवाही बरतने और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किए जाने के मामले सामने आए। इन मामलों पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने कहा कि जिन संवेदकों की लापरवाही गंभीर है, उनके खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। वहीं, जिन मामलों में अनियमितता या लापरवाही की जांच जरूरी है, वहां जांच कराई जाए और जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित कार्यपालक अभियंता तथा संवेदक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं में अनावश्यक देरी को किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज न किया जाए। काम में लगातार लापरवाही या देरी सामने आने पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाए।

मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने अधिकारियों को जल जीवन मिशन की योजनाओं की नियमित निगरानी करने के साथ-साथ स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केवल कार्यालय स्तर पर योजनाओं की समीक्षा करने के बजाय अधिकारी मौके पर जाकर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति देखें।

Jharkhand News : जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में मंत्री योगेन्द्र प्रसाद के सख्त निर्देश, लापरवाह संवेदकों पर होगी कार्रवाई 2

उन्होंने लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की बात कही। साथ ही पूर्ण हो चुकी योजनाओं की भी नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ग्रामीणों को वास्तव में नल के माध्यम से पानी मिल रहा है।

कई बार योजनाओं का निर्माण पूरा होने के बाद भी जलस्रोत, पाइपलाइन, मोटर, बिजली या रखरखाव से जुड़ी समस्याओं के कारण नियमित जलापूर्ति बाधित हो सकती है। ऐसे में विभाग को योजना के निर्माण के साथ उसके संचालन और रखरखाव पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। इसलिए योजना के क्रियान्वयन का आकलन केवल निर्माण की प्रगति से नहीं, बल्कि ग्रामीणों को मिल रहे वास्तविक लाभ के आधार पर भी किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां नियमित पेयजलापूर्ति की स्थिति की जानकारी ली जाए। यदि कहीं पानी की आपूर्ति बंद है या किसी तकनीकी कारण से बाधित है, तो उसका तत्काल समाधान कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों को पेयजल के लिए अनावश्यक परेशानी न हो और पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता हो।

बैठक में विभागीय सचिव अबु इमरान ने भी अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाना चाहिए।

उन्होंने सभी पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ योजनाओं के संचालन और रखरखाव को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। बैठक में जलस्रोतों की उपलब्धता, पाइपलाइन की स्थिति, आधारभूत संरचना, योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजलापूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

बेतला नेशनल पार्क सभागार में हुई इस बैठक में लातेहार के अलावा गढ़वा, पलामू, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा जिलों की योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में जल जीवन मिशन की योजनाओं की प्रगति और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी दी।

बैठक में विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं को योजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों, अभियंताओं और संवेदकों को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी।

बैठक में विभागीय सचिव अबु इमरान, जल जीवन मिशन के निदेशक शशि रंजन, लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार, उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद सहित सिमडेगा, लोहरदगा, गढ़वा और पलामू के उप विकास आयुक्त मौजूद रहे।

इसके अलावा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता, संबंधित जिलों के कार्यपालक अभियंता, तकनीकी पदाधिकारी, संवेदक और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को घर तक नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। ऐसे में लातेहार में हुई यह समीक्षा बैठक योजनाओं की जमीनी स्थिति पर नजर रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मंत्री के सख्त निर्देशों के बाद अब संबंधित जिलों में लंबित योजनाओं की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और ग्रामीणों तक वास्तविक पेयजल आपूर्ति पर विभाग की निगरानी और कार्रवाई का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।