August 4, 2026

बांकीपुर सीट पर मिली प्रचंड जीत के बाद प्रशांत किशोर ने JDU व BJP पर कसा तंज

August 4, 2026

बांकीपुर सीट पर मिली प्रचंड जीत के बाद प्रशांत किशोर ने JDU व BJP पर कसा तंज

नेशनल डेस्कः बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत हासिल की है। यह सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। ऐसे में इस जीत को बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव और महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव नतीजे आने के बाद प्रशांत किशोर ने जनता का आभार जताया और कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि बिहार में बदलाव चाहने वाले हर व्यक्ति की जीत है।

जीत के बाद बीजेपी को दी चेतावनी
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह परिणाम पार्टी के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब ऐसे नेतृत्व की तलाश में है जो सिर्फ राजनीति न करे, बल्कि राज्य की असली समस्याओं का समाधान करे। प्रशांत किशोर ने कहा, “बिहार को ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करे और राज्य से हो रहे पलायन को रोक सके।” उन्होंने आगे कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य केवल विधायक बनना या सरकारी ठेके हासिल करना नहीं है, बल्कि बिहार का विकास करना और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाना है।

सम्राट चौधरी पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को बिहार में सम्राट चौधरी की जगह किसी ऐसे नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाना चाहिए जो राज्य की जरूरतों और जनता की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ सके। उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने बीजेपी के मजबूत गढ़ को हराकर यह साफ संदेश दिया है कि अब लोग बेहतर नेतृत्व चाहते हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या पार्टी से नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए है।

युवाओं के रोजगार को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता
प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। उनका मानना है कि रोजगार की कमी के कारण हर साल बड़ी संख्या में युवा नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में ही अच्छी शिक्षा और रोजगार की व्यवस्था हो जाए तो युवाओं को अपना घर और परिवार छोड़कर बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

जेडीयू ने एनडीए को आत्ममंथन की सलाह दी
बांकीपुर सीट पर बीजेपी की हार के बाद जनता दल (यूनाइटेड) के नेता श्याम रजक ने भी एनडीए को आत्ममंथन करने की सलाह दी। उन्होंने प्रशांत किशोर को जीत की बधाई देते हुए कहा कि बांकीपुर एनडीए का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था। ऐसे में इस सीट पर हार को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस हार की गंभीर समीक्षा जरूरी है ताकि यह समझा जा सके कि आखिर जनता ने एनडीए से दूरी क्यों बनाई।

कार्यकर्ताओं की अनदेखी बनी हार की वजह
श्याम रजक ने कहा कि चुनाव परिणाम यह भी दिखाते हैं कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सम्मान नहीं मिला। उनका कहना था कि बाहर से आए नेताओं को स्थानीय कार्यकर्ताओं पर थोपने का असर चुनाव में साफ दिखाई दिया और यही हार का एक बड़ा कारण बना। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए अपने पारंपरिक दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं तक प्रभावी तरीके से अपनी बात नहीं पहुंचा सका, जिसका नुकसान चुनाव में उठाना पड़ा।

खराब स्वास्थ्य के बावजूद चुनाव प्रचार में जुटे रहे नीतीश कुमार
श्याम रजक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खराब स्वास्थ्य के बावजूद मुख्यमंत्री ने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ चुनाव प्रचार किया और पार्टी के उम्मीदवार को जिताने की पूरी कोशिश की। हालांकि, इसके बावजूद एनडीए को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा।

बांकीपुर का परिणाम क्यों है खास
बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज की जीत को बिहार की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। यह नतीजा सिर्फ एक सीट का चुनाव परिणाम नहीं है, बल्कि राज्य की राजनीति में बदलते जनमत का संकेत भी माना जा रहा है। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस जीत ने राजनीतिक दलों को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने का संदेश दिया है।