September 21, 2026

'छिटपुट घटना होती रहती है', जमुई मामले पर JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बयान से गरमाई राजनीति

Time Updated: Monday, September 21, 2026, 21:29 [IST]

Jamui Minor Students Harrasment Case: जमुई की घटना को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और सरकार की भूमिका को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का बयान सामने आया है। उन्होंने घटना को लेकर सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं पर प्रशासन तुरंत कदम उठाता है और दोषियों को गिरफ्तार किया जाता है।

उन्होंने अपने बयान में 2005 से पहले के बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि आज किसी घटना के सामने आने पर प्रशासन कार्रवाई करता है और अपराधी कितना भी बड़ा क्यों न हो, पुलिस उसे जल्द पकड़ लेगी। उनके इस बयान की अब राजनीतिक चर्चा हो रही है।

Jamui Minor Students Harrasment Case
File Photo

उमेश कुशवाहा ने क्या कहा?

जमुई की घटना पर पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा, "छिटपुट घटना घटती है तो हम लोग उसको सब, सरकार संवेदनशील है। लेकिन वह समय देखिए 2005 के पहले का, कैसा बिहार था। कोई घर से बाहर निकलते थे, किस तरह का बिहार था, क्या हालात था। लोग किसी तरह अपनी जिंदगी को काट रहे थे, ऐसा बिहार था।"

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उन्होंने आगे कहा, "आज तो लोग, कम से कम यह कोई घटना घटी है तो उस पर प्रशासन कार्रवाई कर रही है, एक्शन ले रही है प्रशासन। जल्द से जल्द जो घटना का जो अंजाम दिया है, चाहे कितना बड़ा कोई अपराधी क्यों न हो, वह जल्द ही पुलिस के कब्जे में आएगा।"

पुलिस कार्रवाई का दिया हवाला

उमेश कुशवाहा ने अपने बयान में मौजूदा प्रशासन की कार्रवाई पर जोर दिया। उनका कहना था कि घटना सामने आने के बाद पुलिस दोषियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और जो लोग इसमें शामिल हैं, उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। जमुई मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है और अन्य आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

2005 से पहले के बिहार का किया जिक्र

JDU नेता ने अपने बयान में 2005 से पहले के बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति की तुलना मौजूदा स्थिति से की। उन्होंने कहा कि उस समय लोग घर से बाहर निकलने को लेकर चिंतित रहते थे और मुश्किल हालात में जिंदगी गुजार रहे थे। उनका कहना था कि अब किसी घटना के बाद प्रशासन कार्रवाई करता है और दोषियों को कानून के दायरे में लाने की कोशिश की जाती है।

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