भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। त्योहार शुक्रवार को होने की वजह से कई लोगों के लिए यह लंबा वीकेंड बिताने का अच्छा मौका भी हो सकता है।
अगर आप हर साल जन्माष्टमी मनाते हैं और इस बार त्योहार को किसी खास धार्मिक स्थल पर जाकर करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां इस पर्व की भव्यता देखने लायक होती है। मंदिरों की आकर्षक सजावट, भजन-कीर्तन, झांकियां, रासलीला और आधी रात को होने वाले विशेष पूजा-अनुष्ठान जन्माष्टमी के अनुभव को और खास बना देते हैं।
अगर आप परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ जन्माष्टमी पर छोटी धार्मिक यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो मथुरा से लेकर द्वारका तक ये 5 जगहें आपकी ट्रैवल लिस्ट में शामिल हो सकती हैं।
1. मथुरा, उत्तर प्रदेश
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा जन्माष्टमी मनाने के लिए देश की सबसे खास जगहों में गिनी जाती है। यमुना नदी के किनारे बसे इस शहर में जन्माष्टमी के दौरान हर तरफ कृष्ण भक्ति का माहौल नजर आता है।
त्योहार के आसपास मंदिरों को फूलों, रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक सजावट से सजाया जाता है। भगवान कृष्ण की प्रतिमाओं को सुंदर झूलों पर विराजमान कर झूलन उत्सव भी मनाया जाता है।
इसके अलावा शहर में कृष्ण लीला पर आधारित झांकियां, धार्मिक कार्यक्रम और रासलीला का आयोजन लोगों को काफी आकर्षित करता है। अगर आप श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को उनकी जन्मभूमि पर महसूस करना चाहते हैं, तो मथुरा आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक हो सकता है।
2. वृंदावन, उत्तर प्रदेश
मथुरा से करीब 17 किलोमीटर दूर स्थित वृंदावन जन्माष्टमी के दौरान पूरी तरह कृष्णमय हो जाता है। त्योहार से कई दिन पहले ही यहां तैयारियां शुरू हो जाती हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगते हैं।
वृंदावन की गलियों में जन्माष्टमी के दौरान भजन-कीर्तन और भगवान कृष्ण के जयकारों की गूंज सुनाई देती है। यहां बांके बिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को फूलों, रोशनी और दीपकों से बेहद खूबसूरती से सजाया जाता है।
कृष्ण की लीलाओं और रासलीला से जुड़े कार्यक्रम इस यात्रा को और खास बना देते हैं। अगर आप जन्माष्टमी में आध्यात्मिकता के साथ एक यादगार ट्रैवल एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो वृंदावन जरूर जा सकते हैं।
3. बिरला मंदिर, दिल्ली
अगर आप दिल्ली या उसके आसपास रहते हैं और जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन नहीं जा सकते, तो लक्ष्मी नारायण मंदिर यानी बिरला मंदिर एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और आरती जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
आधी रात को भगवान कृष्ण के जन्म के समय मंदिर में विशेष पूजा और आरती का आयोजन होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं।
4. द्वारकाधीश मंदिर, गुजरात
गुजरात की द्वारका भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। यहां स्थित द्वारकाधीश मंदिर, जिसे जगत मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, जन्माष्टमी के दौरान विशेष रूप से सजाया जाता है।
त्योहार के दिन मंदिर में विशेष पूजा, श्रृंगार और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। दिन की शुरुआत मंगला आरती से होती है और पूरे दिन मंदिर में भक्तिमय माहौल बना रहता है।
जन्माष्टमी के दौरान मंदिर परिसर फूलों और रोशनी से जगमगा उठता है। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु यहां भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भजन-कीर्तन और कृष्ण नाम के जयघोष के बीच द्वारका में जन्माष्टमी मनाने का अनुभव काफी खास हो सकता है।
अगर आप जन्माष्टमी को धार्मिक उत्सव के साथ-साथ रोमांच और मनोरंजन के अंदाज में देखना चाहते हैं, तो मुंबई और पुणे आपके लिए शानदार विकल्प हो सकते हैं।
महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के दौरान दही हांडी का आयोजन खास आकर्षण रहता है। भगवान कृष्ण के बचपन में माखन-दही के प्रति प्रेम से जुड़ी इस परंपरा में युवा अलग-अलग टीमों में शामिल होकर मानव पिरामिड बनाते हैं और ऊंचाई पर लटकी हांडी को फोड़ने की कोशिश करते हैं।
हांडी में आमतौर पर दही या अन्य सामग्री रखी जाती है। दही हांडी के आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और इन्हें देखने के लिए भी भारी भीड़ जुटती है। ढोल-नगाड़ों, संगीत और उत्साह के बीच मुंबई और पुणे में जन्माष्टमी का माहौल बेहद खास नजर आता है।
जन्माष्टमी पर कहां जाएं?
अगर आप धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव चाहते हैं तो मथुरा और वृंदावन सबसे बेहतर विकल्प हो सकते हैं। वहीं भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रमुख तीर्थ के दर्शन के लिए द्वारका का रुख किया जा सकता है। दिल्ली में रहने वालों के लिए बिरला मंदिर सुविधाजनक विकल्प है, जबकि दही हांडी का रोमांच देखना चाहते हैं तो मुंबई और पुणे शानदार जगहें हैं।
इस जन्माष्टमी पर आप अपनी पसंद के हिसाब से इनमें से किसी एक जगह का प्लान बना सकते हैं और भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को यादगार तरीके से मना सकते हैं।