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जानें जगन्नाथ रथयात्रा से जुड़ी हर बात
Jagannath Rath Yatra 2026 Date: ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर चार धामों में से एक है। हर साल आषाढ़ मास में यहां विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा निकाली जाती है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस रथयात्रा से जुड़ी अनेक मान्यताएं और परंपराएं हैं जो इसे और भी खास बनाती हैं। इस बार रथयात्रा कब निकलेगी, आप कैसे इसके दर्शन कर सकते हैं आदि जानकारी के लिए आगे पढ़ें…
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कब शुरू होगी जगन्नाथ रथयात्रा 2026?
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सड़क, रेल और हवाई मार्ग से कैसे पहुंचें पुरी?
- पुरी ओडिशा के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। भुवनेश्वर से पुरी की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है, जिसे कार, टैक्सी या बस से लगभग 1.5 घंटे में तय किया जा सकता है। अन्य शहरों से पुरी के लिए निजी बसें उपलब्ध रहती हैं।
- पुरी के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, चेन्नई और पटना आदि से सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं। यदि आपके शहर से पुरी के लिए सीधी ट्रेन नहीं है, तो पहले भुवनेश्वर या खुर्दा रोड पहुंचकर वहां से पुरी के लिए ट्रेन ले सकते हैं।
- पुरी से सबसे नजदीकी बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (भुवनेश्वर) है, जो पुरी से लगभग 60–65 किलोमीटर दूर है।
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कहां से देखें जगन्नाथ रथयात्रा?
रथयात्रा पुरी की प्रसिद्ध ग्रैंड रोड (बड़ा डांडा) से गुजरती है। अगर आराम से दर्शन करना चाहते हैं तो इस रोड पर स्थित किसी भी होटल में पहले से बुकिंग कर लें ताकि बाद में परेशानी न हो। बिना बुकिंग के जाने वाले श्रद्धालुओं को उस मार्ग पर सुबह जल्दी पहुंचकर अपनी जगह बना लेनी चाहिए।
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रथ खींचने और ब्रह्म पदार्थ की क्या मान्यता है?
मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा के भीतर 'ब्रह्म पदार्थ' स्थापित है, जिसे श्रीकृष्ण के दिव्य तत्व का प्रतीक माना जाता है। साथ ही, रथ खींचने का अवसर सभी धर्म और जाति के लोगों के लिए खुला रहता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि रथ खींचने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
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