September 5, 2026

यूसमर्ग में पाकिस्तानी लश्कर कमांडर यासिर ढेर, सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन - Haribhoomi

J&K Encounter: सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन, यूसमर्ग में पाकिस्तानी लश्कर कमांडर यासिर ढेर

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान पाकिस्तानी लश्कर कमांडर यासिर को मार गिराया। खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू हुए अभियान में 53 राष्ट्रीय राइफल्स और स्पेशल फोर्सेज शामिल थीं।

J&K Yusmarg Encounter

लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष पाकिस्तानी कमांडर यासिर मुठभेड़ में मारा गया।

  • Published: 05 Sep 2026, 04:31 PM IST
  • Last Updated: 05 Sep 2026, 04:54 PM IST

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग के ऊंचाई वाले इलाकों में शनिवार को हुई मुठभेड़ में पाकिस्तानी लश्कर कमांडर यासिर मारा गया। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया था।

​गुप्त सूचना पर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को यूसमर्ग के ऊंचाई वाले इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान सुरक्षाबलों का आतंकियों से संपर्क हुआ और दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई।

अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी लश्कर कमांडर यासिर को घेर लिया। मुठभेड़ में वह मारा गया। ऑपरेशन के बाद इलाके में अतिरिक्त तलाशी अभियान भी चलाया गया।

53 RR और स्पेशल फोर्सेज का संयुक्त एक्शन
आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद 53 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और स्पेशल फोर्सेज ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की। सुरक्षा बलों ने यूसमर्ग के ऊंचाई वाले और घने जंगल वाले इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया।

तलाशी के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में यासिर मारा गया। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ वाले इलाके के आसपास भी तलाशी जारी रखी, ताकि किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी की संभावना को खंगाला जा सके।

यूसमर्ग में काफी समय से सक्रिय था यासिर
सूत्रों के अनुसार, यासिर पिछले कुछ समय से यूसमर्ग और आसपास के इलाकों में सक्रिय था। सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं।

बताया जा रहा है कि यासिर लश्कर-ए-तैयबा के बड़े सुलेमान मूसा ग्रुप से जुड़ा रहा था। हालांकि, करीब एक साल पहले वह इस ग्रुप से अलग हो गया था और इसके बाद स्वतंत्र रूप से अपनी गतिविधियां चला रहा था।

ग्रुप से अलग होने के बाद यासिर इलाके में लश्कर के एक महत्वपूर्ण सदस्य के तौर पर सक्रिय था। यूसमर्ग के ऊंचाई वाले इलाकों में उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने अभियान तेज किया।

पुंछ से यूसमर्ग तक ट्रैक की गई आतंकियों की गतिविधि
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने पुंछ के अशदर गली से यूसमर्ग होते हुए लवामा के पाखेरपोरा की तरफ बढ़ रहे संदिग्ध आतंकियों के एक ग्रुप की गतिविधियों को ट्रैक किया था।

सेना ने पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के ऊंचाई वाले पहाड़ी दर्रों से गुजर रहे इस ग्रुप की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने संभावित रास्तों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी।

1 सितंबर को की गई थी इलाके की घेराबंदी
सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियों का पता चलने के बाद 1 सितंबर को इलाके में घेराबंदी की गई थी। सुरक्षा बलों ने संभावित ठिकानों और आवाजाही वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई।

ऊंचाई वाले और दुर्गम इलाकों को देखते हुए सुरक्षा बलों ने अभियान को सावधानी के साथ आगे बढ़ाया। इसी दौरान संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।

3 सितंबर को अशदर गली में हुआ आतंकियों से संपर्क
बताया जा रहा है कि 3 सितंबर को अशदर गली इलाके में सुरक्षा बलों का संदिग्ध आतंकियों से संपर्क हुआ था। इसके बाद इलाके में आतंकियों की तलाश और तेज कर दी गई।

सुरक्षा बलों ने संदिग्ध समूह की संभावित गतिविधियों और उसके आगे बढ़ने के रास्तों पर नजर बनाए रखी। इसी अभियान के दौरान यूसमर्ग के ऊंचाई वाले इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी सामने आई और मुठभेड़ हुई।

यासिर के नेटवर्क की जांच में जुटीं एजेंसियां
यासिर के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके आतंकी नेटवर्क और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यासिर किन लोगों के संपर्क में था और इलाके में उसकी गतिविधियों में किसने मदद की।

एजेंसियां लश्कर-ए-तैयबा के दूसरे सदस्यों के साथ उसके संबंधों और यूसमर्ग तथा आसपास के क्षेत्रों में उसके नेटवर्क के दायरे की भी जांच कर रही हैं।

सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि जम्मू-कश्मीर में हाल की आतंकी गतिविधियों में यासिर की कोई भूमिका थी या नहीं।

कौन था सुलेमान मूसा?
सुलेमान मूसा, जिसे हाशिम मूसा के नाम से भी जाना जाता था, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा पाकिस्तानी आतंकी था। उसे 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल बताया गया था।

पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा बलों ने उसकी तलाश तेज की थी। जुलाई 2025 में श्रीनगर के दाचीगाम इलाके में चलाए गए एक ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान समेत तीन आतंकियों को मार गिराया था।

यासिर और सुलेमान मूसा में क्या कनेक्शन था?
सूत्रों के मुताबिक, यासिर पहले सुलेमान मूसा के नेतृत्व वाले लश्कर ग्रुप से जुड़ा था। हालांकि, करीब एक साल पहले वह इस ग्रुप से अलग हो गया था। इसके बाद वह यूसमर्ग और आसपास के इलाकों में अलग से सक्रिय था।

यासिर और सुलेमान मूसा को एक ही व्यक्ति नहीं समझा जाना चाहिए। सुलेमान मूसा उर्फ हाशिम मूसा जुलाई 2025 में दाचीगाम में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा जा चुका था, जबकि यासिर की पहचान यूसमर्ग मुठभेड़ में मारे गए अलग पाकिस्तानी लश्कर कमांडर के रूप में हुई है।

यासिर के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब उसके पुराने संपर्कों, लश्कर के अन्य सदस्यों के साथ उसके संबंधों और क्षेत्र में उसकी गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।