September 21, 2026

J&K Assembly Uproar: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जोरदार हंगामा और धक्का-मुक्की, सदन की कार्यवाही स्थगित - Haribhoomi

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सत्र में सोमवार को नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों की मांगों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। विरोध-प्रदर्शन के दौरान मार्शल के साथ धक्का-मुक्की और वेल में भारी व्यवधान के चलते सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

J&K Assembly Uproar

भारी शोर-शराबे और अव्यवस्था के कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

  • Published: 21 Sep 2026, 11:41 AM IST
  • Last Updated: 21 Sep 2026, 11:43 AM IST

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सत्र के दौरान एनएचएम (NHM) कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बीजेपी विधायकों ने सदन में वेल में उतरकर नारेबाजी की और एनएचएम स्वास्थ्य कर्मियों के स्थायीकरण व वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जोरदार विरोध जताया।

NHM कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान वेतन की मांग
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायकों ने नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कार्यरत हजारों कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बीजेपी नेताओं का कहना था कि ये स्वास्थ्य कर्मी लंबे समय से अपनी निष्ठावान सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनके नियमितीकरण और 'समान कार्य के लिए समान वेतन' की जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है।

#WATCH | Srinagar: Ruckus in the J&K Assembly as Opposition and ruling side MLAs raise slogans and enter into a scuffle with each other. https://t.co/ieQ6Ber24M

— ANI (@ANI) September 21, 2026

मार्शल के साथ धक्का-मुक्की और सदन स्थगित
जब सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो बीजेपी विधायक हाथों में तख्तियां लेकर वेल के बीचों-बीच आ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जब विधानसभा के मार्शलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो सदन के भीतर विधायकों और मार्शलों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की देखने को मिली। इस भारी शोर-शराबे और अव्यवस्था के कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

बिजली दरों और दैनिक वेतनभोगियों का मुद्दा भी उठा
एनएचएम कर्मचारियों के अलावा, विपक्षी विधायकों ने राज्य में बढ़ी हुई बिजली दरों और दैनिक वेतनभोगियों के पक्के होने के मुद्दों को लेकर भी सरकार पर तीखे हमले किए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार आम जनता और संविदा कर्मचारियों के मुद्दों को हल करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।