July 16, 2026

ITR Filing AY 2026-27: ITR फॉर्म में हुए 8 बड़े बदलाव, रिटर्न भरने से पहले जान लें नए नियम - Haribhoomi

ITR Filing new changes: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में कई बड़े बदलाव किए गए। अब फ्यूचर एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग, एमएसएमई ब्याज, पार्टनरशिप आय, 80 जी डोनेशन, और चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देना अनिवार्य होगा।

ITR Filing new changes

ITR Filing new changes

  • Published: 16 Jul 2026, 06:32 PM IST
  • Last Updated: 16 Jul 2026, 06:32 PM IST

ITR Filing new changes: आयकर रिटर्न दाखिल करने का सीजन शुरू हो चुका और असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए 31 जुलाई अंतिम तारीख। ऐसे में नौकरीपेशा, पेंशनभोगी, कारोबारी और अन्य करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने से पहले नए आईटीआर फॉर्म में हुए बदलावों को समझना बेहद जरूरी।

वित्त अधिनियम 2025 के तहत सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में कई अहम संशोधन किए हैं, जिनका सीधा असर टैक्स फाइलिंग प्रोसेस पर पड़ेगा।

 F&O से होने वाली इनकम अनिवार्य रूप से बतानी होगी
इस बार सबसे बड़ा बदलाव फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए किया गया। अब टैक्सपेयर्स को F&O का टर्नओवर और उससे हुई इनकम अलग से बतानी होगी। इसके लिए आईटीआर फॉर्म में अलग कॉलम जोड़े गए, जिससे ट्रेडिंग से जुड़े लेनदेन की पूरी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा भी 7 और बड़े बदलाव हुए हैं। आइए एक-एक इसे जानते हैं। 

  • एमएसएमई से जुड़े कारोबारियों के लिए भी नया नियम लागू हुआ। सेक्शन 43B(h) के तहत अगर एमएसएमई को ब्याज भुगतान समय पर नहीं किया गया और उस पर ब्याज अयोग्य माना गया है, तो उसकी जानकारी पार्ट ए-ओआई में देना अनिवार्य होगा।
  • अगर कोई व्यक्ति किसी पार्टनरशिप फर्म में भागीदार है, तो अब उसे उस फर्म से मिलने वाले ब्याज और पारिश्रमिक की पूरी डिटेल ITR में भरना होगा।
  • संशोधित आईटीआर फॉर्म में सेक्शन 234-I के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर चुकाई गई फीस की जानकारी देने के लिए भी अलग कॉलम जोड़ा गया।
  • धारा 80 जी के तहत दान पर टैक्स छूट लेने वाले करदाताओं को अब दान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। इसमें आईएफएसी कोड और ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर जैसी जानकारियां भी शामिल होंगी।
  • प्रिजम्पटिव टैक्सेशन योजना का लाभ लेने वाले करदाताओं को अब अपने निवेश का डिटेल विवरण भी देना होगा।
  • चैरिटेबल ट्रस्ट के लिए भी नियम बदले गए हैं। अब उन्हें निवेश का वास्तविक बाजार मूल्य बताना होगा। साथ ही अन्य कानूनों के तहत मिले रजिस्ट्रेशन की वैधता अवधि का भी खुलासा करना होगा।
  • नॉन रेसिडेंट करदाताओं के लिए सेक्शन 44बी, 44बीबी, 44बीबीए, 44बीबीसीऔर 44बीबीडी के तहत कारोबार करने वालों को कारोबार का टर्नओवर और शुद्ध लाभ अलग-अलग बताना होगा।

कर विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार ITR दाखिल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और वित्तीय जानकारी तैयार रखें, क्योंकि नए नियमों के तहत अधूरी या गलत जानकारी देने पर रिटर्न में देरी या नोटिस मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

(प्रियंका कुमारी)