पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में रविवार को पूर्व इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) नेता और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक अरबुल इस्लाम की कार पर हमला किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
यह हमला इस्लाम के आईएसएफ छोड़ने और अपनी पुरानी पार्टी तृणमूल कांग्रेस में लौटने के संकेत देने के एक दिन बाद हुआ। आरोप है कि शनिवार रात भांगर के पोलरहाट थाना क्षेत्र के उरियापाड़ा इलाके में अस्पताल से घर लौटते समय उनकी कार पर ईंटें और देसी बम फेंके गए।
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ईंटों और बम से हमले का दावा
अरबुल इस्लाम ने इस घटना के लिए आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी और उनकी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक आईएसएफ की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। इस्लाम ने दावा किया कि उनकी कार पर ईंटें और दो बम फेंके गए। दोनों में से कोई भी बम कार को नहीं लगा और सड़क पर ही फट गया। हालांकि, ईंटों के हमले में कार का शीशा टूट गया। इस दौरान इस्लाम बाल-बाल बच गए।
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बताया गया कि कार में इस्लाम के अलावा कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चालक ने तेजी से कार वहां से निकाल ली। इससे बड़ा हादसा टल गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस्लाम या उनके साथ मौजूद किसी अन्य व्यक्ति को शारीरिक चोट नहीं आई। इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
इस्लाम ने आरोप लगाया कि कुछ आईएसएफ कार्यकर्ताओं ने अंधेरे का फायदा उठाकर उनकी कार पर हमला किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने के बाद से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि हमले के पीछे कौन था। इस्लाम की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सूचना मिलते ही पोलरहाट थाने की पुलिस उरियापाड़ा पहुंची। जांचकर्ताओं ने उस जगह का दौरा किया, जहां हमला किए जाने का आरोप है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमलावरों की पहचान के लिए इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने कहा कि वह यह पता लगाने की जांच कर रही है कि हमले के पीछे कौन था और हमला क्यों किया गया। फिलहाल इस मामले में किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है।
आईएसएफ से दिया था इस्तीफा
एक दिन पहले इस्लाम ने आईएसएफ छोड़ने का ऐलान किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में पार्टी नेतृत्व पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने पार्टी के पद और आईएसएफ की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने भांगर में आईएसएफ के कुछ कार्यकर्ताओं पर आम लोगों के साथ अत्याचार करने का आरोप लगाया था। इस्लाम ने कहा था कि इन्हीं गतिविधियों के विरोध में उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।
इस्लाम ने रविवार सुबह मीडिया से कहा, ''मैं सुबह से बाहर नहीं निकला था। शाम को निकला। रात में उरियापाड़ा में कब्रिस्तान पार करते समय कार पर हमला किया गया। हमला काफी जोरदार था। कार अच्छी रफ्तार से चल रही थी। अगर इसकी रफ्तार थोड़ी भी कम होती तो चालक भी घायल होता और मैं भी। कार पर ईंटें फेंकी गईं और बम भी फेंके गए। मैंने आईएसएफ छोड़ दी है और इसी वजह से उन्होंने हमला किया।''
टीएमसी छोड़कर थामा था आईएसएफ का दामन
विधानसभा चुनाव से पहले इस्लाम ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर आईएसएफ का दामन थामा था। वह लंबे समय तक भांगर में तृणमूल के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे और स्थानीय राजनीति में उनका काफी प्रभाव था। वह विधायक भी रह चुके हैं। बाद में पार्टी के भीतर मतभेद और स्थानीय नेतृत्व के साथ असहमति के कारण उन्होंने तृणमूल से दूरी बना ली। इसके बाद उन्होंने आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी के नेतृत्व वाली पार्टी में प्रवेश किया।
विधानसभा चुनाव में आईएसएफ ने उन्हें कैनिंग पश्चिम सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, वह चुनाव हार गए। चुनाव के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि आईएसएफ नेतृत्व से उनकी दूरी बढ़ने लगी थी। पार्टी के कई कार्यक्रमों में वह पहले की तरह सक्रिय नजर नहीं आ रहे थे। अंततः उन्होंने नेतृत्व पर कई आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी।