September 11, 2026

IRCTC Ticket Booking : दिवाली-छठ पर घर जाने वालों के लिए बड़ा झटका! टिकट बुकिंग खुलते ही IRCTC हुआ ‘High Load’, यात्रियों का फूटा गुस्सा

Diwali Chhath Train Ticket Booking: दिवाली और छठ पर घर लौटने की तैयारी कर रहे रेल यात्रियों के लिए ट्रेन टिकट की बुकिंग किसी परीक्षा से कम नहीं रह गई है। जैसे ही त्योहारों की यात्रा के लिए रिजर्वेशन विंडो खुली, बड़ी संख्या में यात्रियों ने IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर ‘We are experiencing High Load, Please retry’ का मैसेज आने की शिकायत की। कई यात्रियों का कहना है कि वे समय पर वेबसाइट पर लॉगिन करने के बावजूद टिकट बुक नहीं कर पाए और सिस्टम सामान्य होने तक सीटें वेटिंग में चली गईं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यात्रियों ने IRCTC की वेबसाइट के स्क्रीनशॉट और वीडियो शेयर कर अपनी परेशानी बताई। कई लोगों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और IRCTC को टैग करते हुए सवाल किया कि जब यात्री टिकट के लिए पूरा पैसा चुका रहे हैं, तो उन्हें समय पर टिकट बुक करने की सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है?

बुकिंग शुरू होते ही वेबसाइट पर ‘High Load’

दिवाली वाले सप्ताह यानी 5, 6 और 7 नवंबर की यात्रा के लिए टिकट बुकिंग 7 सितंबर से शुरू हुई। बुकिंग विंडो खुलते ही बड़ी संख्या में यात्रियों ने वेबसाइट के धीमे होने और बार-बार एरर आने की शिकायत की। सूरत के एक यूजर ने X पर दो वीडियो शेयर करते हुए सवाल किया- “क्या Normal user IRCTC को पैसा नहीं देता?” यूजर के मुताबिक सुबह करीब 8:20 बजे तक भी वेबसाइट पर हाई लोड का मैसेज दिखाई दे रहा था। उनके वीडियो में बार-बार एरर पॉप-अप दिखाई दे रहे थे।इसी यूजर ने 6 नवंबर को उधना जंक्शन से बिहार जाने वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस (19045) का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें स्लीपर क्लास में वेटिंग काफी तेजी से बढ़ती दिखाई दी।

‘यात्री कोई एहसान नहीं मांग रहे’

झारखंड के रेल यात्रियों से जुड़े एक X अकाउंट ने भी बुकिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। पोस्ट में दावा किया गया कि सुबह 8 बजे बुकिंग शुरू होते ही वेबसाइट पर हाई लोड का एरर आने लगता है, सर्वर धीमा हो जाता है और कई बार पेमेंट के दौरान भी परेशानी होती है।

यात्रियों का तर्क है कि रेलवे को पहले से पता होता है कि दिवाली और छठ के समय टिकटों की मांग कई गुना बढ़ जाएगी। ऐसे में सिस्टम को उसी हिसाब से तैयार क्यों नहीं किया जाता? एक यात्री ने सवाल उठाया कि यात्री कोई मुफ्त सुविधा नहीं मांग रहे हैं। वे टिकट के लिए पैसे देते हैं, फिर कन्फर्म टिकट सिर्फ इस बात पर क्यों निर्भर करे कि किसका इंटरनेट और सिस्टम पहले काम कर गया?

यात्रियों की चार बड़ी शिकायतें

सोशल मीडिया पर सामने आई शिकायतों में मुख्य तौर पर चार तरह की समस्याएं सामने आई हैं।

  • सुबह 8 बजे बुकिंग शुरू होते ही ‘High Load’ का मैसेज।

  • वेबसाइट खुलने तक सीटों का तेजी से वेटिंग में चले जाना।

  • पेमेंट के दौरान पैसा कटना लेकिन टिकट कन्फर्म न होना।

  • सीटें भरने के बाद वेबसाइट का सामान्य तरीके से चलने लगना।

कुछ यात्रियों ने IRCTC की नई बीटा वेबसाइट और RailOne ऐप पर भी इसी तरह की दिक्कत होने का दावा किया है।

आम यात्री परेशान, दलालों को लेकर भी उठे सवाल

सोशल मीडिया पर यात्रियों की नाराजगी सिर्फ वेबसाइट की स्पीड तक सीमित नहीं है। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब आम यात्री टिकट बुक करने में परेशान होते हैं, तो दलालों के जरिए टिकट मिलने का दावा कैसे किया जाता है।हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए इन दावों और IRCTC की तकनीकी समस्या के बीच सीधे संबंध की किसी जांच से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल यात्रियों की शिकायत और सवाल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

नई वेबसाइट के बावजूद क्यों आ रही परेशानी?

IRCTC की वेबसाइट को लेकर सवाल इसलिए भी ज्यादा उठ रहे हैं क्योंकि हाल ही में इसका नया वर्जन लॉन्च किया गया था। 15 जुलाई को नई बीटा वेबसाइट शुरू की गई थी। इसमें कैप्चा और पॉप-अप कम करने के साथ टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गई थी।

हालांकि, रेलवे की ओर से बताया गया था कि नया रिजर्वेशन इंजन बाद में जोड़ा जाना है। यानी वेबसाइट का इंटरफेस बदलने के बावजूद टिकट बुकिंग के पीछे काम करने वाला पूरा सिस्टम तत्काल नए इंजन पर शिफ्ट नहीं हुआ था।मौजूदा सिस्टम की क्षमता करीब 32 हजार टिकट प्रति मिनट बताई गई है, जबकि नए सिस्टम को 1.5 लाख से ज्यादा टिकट प्रति मिनट संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है।

सिर्फ सर्वर नहीं, सीटों की कमी भी बड़ी वजह

त्योहारों के दौरान टिकट नहीं मिलने की पूरी वजह केवल वेबसाइट या सर्वर की समस्या मानना भी सही नहीं होगा। दिवाली और छठ के समय बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत कई राज्यों की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है।ऐसे में बुकिंग सिस्टम सही तरीके से काम करने के बावजूद हर यात्री को कन्फर्म सीट मिलना संभव नहीं है। स्पेशल ट्रेनों में भी सीटों की संख्या सीमित होती है और उनका संचालन निर्धारित तारीखों पर ही किया जाता है।

रेलवे पहले भी दे चुका है जवाब

रेलवे पहले कह चुका है कि IRCTC का ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम ज्यादातर समय सामान्य तरीके से काम करता है। अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच सिस्टम का अपटाइम 99.98 फीसदी बताया गया था।रेलवे टिकटों की कमी के पीछे बॉट, फर्जी अकाउंट और दलालों की भूमिका पर भी कार्रवाई की बात करता रहा है। दिसंबर 2025 में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया था कि जनवरी 2025 से करीब 3.02 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी बंद की गईं।

बुकिंग खुलने के दिन ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए आधार-वेरिफाइड अकाउंट की व्यवस्था भी लागू की गई है। एजेंटों को शुरुआती 10 मिनट में ऑनलाइन टिकट बुक करने की अनुमति नहीं होती। हालांकि, 7 सितंबर से शुरू हुई दिवाली टिकट बुकिंग के दौरान सामने आई तकनीकी शिकायतों पर खबर लिखे जाने तक IRCTC या रेल मंत्रालय की ओर से कोई नया आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

छठ की बुकिंग होगी असली अग्निपरीक्षा

दिवाली के बाद अब रेलवे के सामने छठ की चुनौती और बड़ी होगी। इस साल छठ पूजा 13 से 16 नवंबर के बीच होगी और 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य होगा। छठ से पहले 12 और 13 नवंबर को बिहार लौटने वाले यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा रहने की उम्मीद है। ऐसे में अगर इन तारीखों की बुकिंग के दौरान भी वेबसाइट पर ‘High Load’, पेमेंट फेल और टिकट के कुछ ही मिनटों में वेटिंग में जाने जैसी शिकायतें आती हैं, तो रेलवे की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था पर सवाल और तेज हो सकते हैं।

यात्रियों के लिए जरूरी टिप्स

दिवाली और छठ पर ट्रेन से घर जाने वाले यात्रियों को IRCTC अकाउंट पहले से आधार से वेरिफाई कर लेना चाहिए। यात्रियों की जानकारी मास्टर लिस्ट में पहले से सेव रखें और बुकिंग शुरू होने से कुछ मिनट पहले लॉगिन कर लें।कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर VIKALP विकल्प चुनना उपयोगी हो सकता है। साथ ही रेलवे की ओर से घोषित स्पेशल ट्रेनों पर नजर रखें। ऑनलाइन टिकट नहीं मिलने की स्थिति में रिजर्वेशन काउंटर भी विकल्प हो सकता है। अगर पेमेंट के बाद पैसा कट जाता है लेकिन टिकट नहीं बनता, तो आमतौर पर रकम वापस कर दी जाती है। रिफंड नहीं मिलने पर IRCTC में शिकायत दर्ज की जा सकती है।