September 12, 2026

कलेक्टर की बेटी बनी IPS अफसर, तीसरे प्रयास में निकाला UPSC , देश के टॉप कॉलेज से पासआउट

Sep 12, 2026 04:11 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

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IPS Poorva Choudhary Success Story : पूर्वा चौधरी की गिनती उन IPS ऑफिसर में होती है जो ब्यूटी विद ब्रेन के लिए जानी जाती हैं। उनकी खूबसूरत तस्वीरों को सोशल मीडिया पर लोग काफी पसंद करते हैं। पूर्वा को इंस्टाग्राम पर काफी लोग फॉलो करते हैं।

IPS Poorva Choudhary

IPS पूर्वा चौधरी (फोटो : instagram - ips_poorva_choudhry )

IPS Poorva Choudhary Success Story : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। हर साल करीब 8-9 लाख अभ्यर्थी सालों साल तैयारी कर इसमें बैठते हैं लेकिन अंत में 900 से 1000 का ही चयन हो पाता है। लाखों का कई साल की तैयारी के बाद भी प्रीलिम्स तक क्रैक नहीं पाते। जबकि कई ऐसे हैं जो इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद अगले प्रयास में प्रीलिम्स या मेन्स में फेल होकर फिर से जीरो पर आ जाते हैं। इस परीक्षा में पास वहीं हो पाता है जो पूरी ताकत के साथ फिर से रीस्टार्ट करना जानता है। राजस्थान की पूर्वा चौधरी पहले प्रयास में वे यूपीएससी प्रीलिम्स क्लियर नहीं कर पाई थीं। दूसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंची लेकिन चयन नहीं हो सका। आखिर तीसरे प्रयास में उन्हें कामयाबी मिली। सिविल सेवा परीक्षा 2024 में पूर्वा ने ऑल इंडिया 533वीं रेंक हासिल की।

पूर्वा ने मुख्य लिखित परीक्षा में 771 अंक और साक्षात्कार में 165 अंक मिले, जिसके आधार पर कुल 936 अंकों के साथ उन्हें ऑल इंडिया रैंक 533 मिली। उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए हुआ। इसके बाद उन्हें पंजाब कैडर अलॉट हुआ है। पूर्वा की यह सफलता बताती है कि अगर आपके पास सही नजरिया है, तो आप ग्लैमर और करियर के बीच एक परफेक्ट बैलेंस बना सकते हैं।

डीयू से पढ़ीं, पिता हैं आरएएस अधिकारी

पूर्वा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के बोलावाली गांव की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा हनुमानगढ में ही हुई। बाद में देश के टॉप कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज से उन्होंने ग्रेजुएशन की। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। पूर्वा के पिता ओमप्रकाश सहारण एक RAS अफसर हैं और मौजूदा समय में वो कोटपुतली में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

पूर्वा चौधरी

खूबसूरत इतनी कि हीरोइन और मॉडल से होती है तुलना

आईपीएस पूर्वा चौधरी अपनी खूबसूरती को लेकर हमेशा सुर्खियों रहती हैं। लोग उनकी तुलना फिल्मी हीरोइन और मॉडल से करते हैं। हालांकि आईपीएस बनने से पहले वे मॉडलिंग के फील्ड में थी। बाद में मॉडलिंग से ब्रेक लेकर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही है। लोग उन्हें 'ब्यूटी विथ ब्रेन' के नाम से भी जानते हैं।

सोशल मीडिया पर फैन फोलोविंग

सोशल मीडिया पर जबरदस्त दीवानगी है। इंस्टाग्राम पर उनके 227000 से ज्यादा फोलोवर्स हैं।

पूर्वा चौधरी

ओबीसी कोटे के दुरुपयोग का आरोप

कुछ माह पहले पूर्वा पर ओबीसी एनसीएल कोटे का दुरुपयोग कर यूपीएससी परीक्षा में सफल होने का आरोप लगा था। दरअसल पूर्वा चौधरी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा ओबीसी श्रेणी से उत्तीर्ण की है। पूर्वा के पिता ओमप्रकाश सहारण आरएएस अधिकारी है। वह कोटपुतली में अतिरिक्त जिला कलेक्टर हैं। उनके पिता के ओहदे और सोशल मीडिया पर पूर्वा की लग्जरी लाइफस्टाइल को देखकर लोगों ने उनके ओबीसी सर्टिफिकेट को फर्जी बताया। इंस्टाग्राम पर महंगी कार, महंगे हैंडबैग के साथ उनकी फोटो देखकर इन्हीं सब चीजों के आधार पर उनकी आर्थिक स्थिति और ओबीसी का लाभ लेने पर सवाल उठाए गए।

पिता ने आरोपों को गलत और आधारहीन करार दिया था। उनका कहना था कि वे आरएएस के पद पर प्रमोट हुए हैं। ओबीसी-NCL सर्टिफिकेट के लिए नियम कहता है कि अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र से पहले सीधे क्लास-1 या RAS पद पर भर्ती होता है तो उसका परिवार OBC-NCL का फायदा नहीं उठा सकता है। उन्होंने कहा कि वो 44 साल की उम्र में आरएएस अधिकारी बने, ऐसे में उनकी बेटी पूर्वा चौधरी को ओबीसी-एनसीएल का पूरा फायदा लेने का अधिकार बनता है।

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।

15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।

विजन

तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।

विशेषज्ञता

तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
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