October 24, 2026

जियो IPO पर निवेशकों का जबरदस्त दांव, अब कब चमकेगी किस्मत? यहां जानें अलॉटमेंट और लिस्टिंग की तारीख | IBC24

नई दिल्ली: Jio IPO Allotment Date: रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुले इस आईपीओ का कुल आकार 30,213 करोड़ रुपये का है। आईपीओ के लिए आवेदन करने वाले निवेशकों को अब शेयर अलॉटमेंट का इंतजार है। निवेशक बीएसई, एनएसई और केफिन टेक्नोलॉजी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं।

26 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को किया जाएगा। जिन निवेशकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट अकाउंट में 27 अक्टूबर तक शेयर दिखाई देगा। वहीं, जिन लोगों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनके पैसे वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। ऐसे में निवेशक अलॉटमेंट की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें।

28 अक्टूबर को शेयर बाजार में एंट्री

जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर को सुबह 10 बजे होने वाली है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि शेयर बाजार में कंपनी की शुरुआत कैसी रहती है। आईपीओ को मिले शानदार सब्सक्रिप्शन के बाद लिस्टिंग को लेकर बाजार में उत्सुकता बनी हुई है।

22 गुना से ज्यादा मिला सब्सक्रिप्शन

जियो के आईपीओ को कुल मिलाकर 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 421.87 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में सबसे ज्यादा 70.55 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की कैटेगरी 14 गुना सब्सक्राइब हुई। वहीं, रिटेल निवेशकों को 2.72 गुना और कर्मचारियों की कैटेगरी को 2.93 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। शेयरहोल्डर्स कैटेगरी में यह आंकड़ा 7.60 गुना रहा।

ग्रे मार्केट में क्या है स्थिति?

शनिवार को जियो आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 250 रुपये बताया गया। आईपीओ का प्राइस बैंड 1,119 रुपये होने के आधार पर इससे करीब 1,369 रुपये की संभावित लिस्टिंग कीमत का संकेत मिल रहा है। आईपीओ खुलने की अवधि के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में भी करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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