अंबिकापुर के कपड़ा व्यवसायी से शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर 10 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी हो गई। ठगों ने व्यवसायी को 20 गुना से ज्यादा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया था। इसके बाद व्यवसायी उनके बताए खातों में लगातार पैसे जमा करता रहा। ठगी का पत
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बताया जा रहा है कि ठगी में लड़कियों का एक ग्रुप शामिल था। ग्रुप ने पहले व्यवसायी को WhatsApp ग्रुप में जोड़ा। इसके बाद एक ट्रेडिंग वेबसाइट पर उसकी आईडी बनाकर निवेश कराया गया। वेबसाइट पर उसे लगातार मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया। भरोसा होने पर व्यवसायी ने और पैसे जमा किए।
जब व्यवसायी ने वेबसाइट पर दिख रही रकम निकालने की कोशिश की तो उसे ठगी का पता चला। इसके बाद उसने साइबर सेल में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अब जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर के जयस्तंभ चौक निवासी कपड़ा कारोबारी ईशान उचानिया ने पुलिस को बताया कि 12 जून को उनके Instagram अकाउंट पर शेयर मार्केट टिप्स से जुड़ा विज्ञापन आया था। उन्होंने विज्ञापन में दिए लिंक पर क्लिक किया।
इसके बाद उनका मोबाइल नंबर एक WhatsApp ग्रुप में जुड़ गया। इस ग्रुप की एडमिन सिद्धि श्रेयस मुनोत थी। ग्रुप में एक विदेशी नंबर भी जुड़ा हुआ था।
शेयर टिप्स भेजकर दिया मुनाफे का झांसा
WhatsApp ग्रुप में दो-तीन दिन तक रोज शेयर बाजार से जुड़े टिप्स भेजे गए। इसके बाद इसी ग्रुप में दूसरे ग्रुप का लिंक भेजा गया। ईशान ने लिंक से नया ग्रुप ज्वाइन किया। इस ग्रुप में पहले से 155 सदस्य जुड़े हुए थे।
ग्रुप की एडमिन रिया अय्यर और खुद को प्रोफेसर बताने वाला एंड्रयू वेल्स रोज लाइव शेयर मार्केट की जानकारी देते थे। ईशान ने गूगल पर इनकी दी गई जानकारी चेक की, जो सही मिल रही थी। इससे उसे ग्रुप पर भरोसा होने लगा।
भरोसा बढ़ाने के लिए ईशान ने ग्रुप की एक सदस्य रीटा सेठ से भी बात की। रीटा ने बताया कि वह काफी समय से ग्रुप से जुड़ी है और उसने 12 लाख रुपए निवेश किए थे, जो बढ़कर 19 लाख रुपए हो गए हैं। उसने यह भी बताया कि उसने 4 लाख रुपए निकाले हैं।
इसके बाद ग्रुप की एडमिन रिया अय्यर ने ईशान से आधार और पैन कार्ड की जानकारी लेकर CAPP.Fintech.Buzz नाम की वेबसाइट पर उसकी ट्रेडिंग आईडी बना दी। रिया ने उससे कहा कि पैसा कब और किस बैंक खाते में जमा करना है, इसकी जानकारी वह खुद देगी।
17 जून को रिया के कहने पर ईशान ने उषालता बहुउद्देशीय संस्था, राजेगांव के सेंट्रल बैंक खाते में 10 हजार रुपए जमा किए। इसके तुरंत बाद उसके ट्रेडिंग अकाउंट में भी 10 हजार रुपए का फंड दिखाई देने लगा।
रिया ने उसे एक शेयर खरीदने के लिए कहा। अगले दिन ट्रेडिंग अकाउंट में 10 प्रतिशत मुनाफा दिखा। इसके बाद 18 जून को ईशान ने 30 हजार रुपए और जमा किए। उसने भरोसा जांचने के लिए 1,000 रुपए निकालकर देखे। यह रकम उसके बैंक खाते में UPI के जरिए वापस आ गई।
कई गुना मुनाफे का झांसा देकर कराया निवेश
कुछ दिनों बाद रिया ने ईशान से कहा कि पुरानी वेबसाइट में तकनीकी खराबी आ गई है। अब नई वेबसाइट पर काम होगा और पुराना सारा डेटा नई वेबसाइट पर ट्रांसफर कर दिया गया है।
इसके बाद रिया ने कंपनी में निवेश करने पर 20 से 40 प्रतिशत मुनाफे का झांसा दिया। उसने बताया कि कम से कम 1 लाख रुपए निवेश करना होगा। अगर दो महीने में 50 लाख रुपए तक निवेश किया जाता है तो ईशान को प्रीमियम कस्टमर बना दिया जाएगा।
रिया की बातों में आकर ईशान ने 22 से 24 जून के बीच श्री दत्ता चैरिटेबल ट्रस्ट के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में 6 बार में कुल 2 लाख 40 हजार रुपए जमा कर दिए।
IPO के नाम पर दिया झांसा
कुछ दिनों बाद रिया ने ईशान से कहा कि जितना ज्यादा फंड होगा, उतने ज्यादा आईपीओ मिलेंगे। इसमें 200 प्रतिशत तक मुनाफा मिलेगा। ईशान ने क्ले क्राफ्ट इंडिया लिमिटेड के आईपीओ पर पैसा लगाया, वेबसाइट ने 1 लाख 53 हजार का IPO और अगले दिन 90 हजार का मुनाफा वेबसाइट पर दिखाया गया।
इसी लालच में 25 जून तक ईशान ने महाशोर जर्नी प्राइवेट लिमिटेड के इंडसइंड बैंक खाते समेत अलग-अलग खातों में कुल 19 बार में 10 लाख 28 हजार रुपए अपने एचडीएफसी और इंडियन बैंक खातों से ट्रांसफर कर दिए।
ईशान ने जब पैसा वापस निकालना चाहा तो वेबसाइट से निकासी रोक दी और एडमिन ने जवाब देना बंद कर दिया। तब ईशान को साइबर ठगी का पता चला।
साइबर थाना में दर्ज हुई FIR
ईशान की रिपोर्ट पर साइबर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 61(2), BNS धारा 66C, 66D आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस द्वारा उन सभी खातों क जांच की जा रही है, जिनके बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं।