July 20, 2026

International Chess Day 2026: शतरंज कैसे खेला जाता है? जानिए खेलने के आसान नियम, जीतने के तरीके और इसके बड़े फायदे

International Chess Day 2026: हर साल 20 जुलाई को पूरी दुनिया में International Chess Day 2026 मनाया जाता है। इस दिन का मकसद लोगों को शतरंज खेलने के लिए प्रेरित करना और इस खेल का महत्व बताना है।

20 जुलाई 1924 को अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) की स्थापना हुई थी। उसी की याद में हर साल यह दिन मनाया जाता है। आज शतरंज दुनिया के 190 से ज्यादा देशों में खेला जाता है और करोड़ों लोग इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन खेलते हैं।

शतरंज कैसे खेला जाता है

शतरंज 64 खानों वाले बोर्ड पर दो खिलाड़ियों के बीच खेला जाता है। एक खिलाड़ी सफेद और दूसरा काले मोहरों से खेलता है। दोनों खिलाड़ियों के पास 16-16 मोहरे होते हैं। इनमें एक राजा, एक रानी, दो हाथी, दो ऊंट, दो घोड़े और आठ प्यादे होते हैं।

सफेद मोहरों वाला खिलाड़ी पहली चाल चलता है। हर मोहरे की अपनी अलग चाल होती है। खेल का सबसे बड़ा लक्ष्य सामने वाले खिलाड़ी के राजा को ऐसी स्थिति में लाना होता है, जहां वह बच न सके। इसे चेकमेट कहा जाता है और इसी से जीत तय होती है।

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शतरंज सीखने वालों के लिए 10 आसान और जरूरी टिप्स

  1. बोर्ड के बीच वाले हिस्से पर कब्जा करें: शुरुआत में बीच के खानों पर नियंत्रण बनाने की कोशिश करें।
  2. एक ही मोहरे को बार-बार न चलें: सभी मोहरों को खेलने का मौका दें, तभी अच्छी शुरुआत होगी।
  3. रानी को शुरुआत में आगे न बढ़ाएं: पहले छोटे मोहरों को विकसित करें, फिर रानी का इस्तेमाल करें।
  4. घोड़े और ऊंट को जल्दी बाहर निकालें: ये मोहरे खेल की शुरुआत में सबसे ज्यादा मदद करते हैं।
  5. राजा की सुरक्षा के लिए कैसलिंग करें: समय रहते कैसलिंग करने से राजा सुरक्षित रहता है।
  6. हर चाल सोच-समझकर चलें: अपनी और विरोधी की अगली चाल का पहले से अनुमान लगाएं।
  7. प्यादों को बिना वजह आगे न बढ़ाएं: एक बार आगे बढ़ने के बाद प्यादे पीछे नहीं आ सकते।
  8. हर खेल के लिए एक योजना बनाएं: बिना योजना के खेलने की बजाय लक्ष्य तय करके खेलें।
  9. हार से सीखें: हर मैच के बाद अपनी गलतियों को समझें और अगली बार उन्हें न दोहराएं।
  10. रोज थोड़ा अभ्यास करें: नियमित अभ्यास से आपकी चाल, रणनीति और सोचने की क्षमता बेहतर होती है।

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जीतने के लिए क्या करें

अगर आप नए खिलाड़ी हैं तो शुरुआत में बोर्ड के बीच वाले हिस्से पर कब्जा बनाने की कोशिश करें। एक ही मोहरे को बार-बार न चलें और पहले घोड़े और ऊंट को बाहर निकालें। रानी को शुरुआत में ज्यादा आगे न बढ़ाएं।

राजा की सुरक्षा के लिए समय रहते कैसलिंग करें। हर चाल सोच-समझकर चलें और सामने वाले खिलाड़ी की अगली चाल का भी अंदाजा लगाएं। रोज अभ्यास करने और अपनी गलतियों से सीखने पर आपका खेल लगातार बेहतर होता जाएगा।

शतरंज खेलने से क्या फायदे होते हैं

शतरंज खेलने से दिमाग तेज होता है। यह खेल याददाश्त मजबूत करता है और ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ाता है। इससे सही समय पर सही फैसला लेने की आदत बनती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोग इस खेल को खेल सकते हैं। पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए भी शतरंज काफी फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इससे सोचने और समस्या को समझने की क्षमता बढ़ती है।

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भारत से शुरू हुआ शतरंज, फिर पूरी दुनिया में फैला

इतिहासकारों के अनुसार शतरंज की शुरुआत छठी शताब्दी में गुप्त काल के दौरान भारत में हुई थी। उस समय इस खेल को 'चतुरंग' कहा जाता था। इसमें चार तरह की सेना होती थी पैदल सैनिक (प्यादे), घुड़सवार (घोड़े), हाथी और रथ, जो उस समय की भारतीय सेना का प्रतीक माने जाते थे।

बाद में यह खेल भारत से फारस (ईरान) पहुंचा, जहां इसका नाम 'शतरंज' पड़ा। इसके बाद अरब देशों के रास्ते यह यूरोप पहुंचा। 15वीं शताब्दी के आखिर में यूरोप में इस खेल के नियमों में बड़े बदलाव किए गए।

सबसे बड़ा बदलाव रानी (Queen) के मोहरे में हुआ, जिसे सबसे शक्तिशाली बना दिया गया। इसके बाद आधुनिक शतरंज के नियम धीरे-धीरे तय हुए। आज पूरी दुनिया में जो शतरंज खेला जाता है, उसे आधुनिक शतरंज (Modern Chess) कहा जाता है और इसके नियम अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ FIDE के अनुसार लागू होते हैं।

भारत का शतरंज से खास रिश्ता

माना जाता है कि शतरंज की शुरुआत भारत में हुई थी। पुराने समय में इसे चतुरंग कहा जाता था। भारत के पहले ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद ने इस खेल को नई पहचान दिलाई।

वहीं युवा खिलाड़ी डी. गुकेश ने कम उम्र में विश्व शतरंज चैंपियन बनकर देश का नाम रोशन किया। International Chess Day 2026 के मौके पर अगर आपने अब तक शतरंज खेलना शुरू नहीं किया है, तो यह अच्छा समय है। यह खेल मनोरंजन के साथ-साथ दिमाग को भी मजबूत बनाता है।

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