इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) बाड़मेर चैप्टर की ओर से पादरू के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में INTACH नेशनल हेरिटेज क्विज-2026 का आयोजन किया गया। इंटैक बाड़मेर चैप्टर के संयोजक रावल किशन सिंह जसोल के मार्गदर्शन में हुई प्रति
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छात्रों ने भारतीय कला, संस्कृति, इतिहास और विरासत से जुड़े सवालों का जवाब देकर अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।

अंतिम मुकाबले में इन टीमों ने हासिल किए स्थान
प्रारंभिक चरण के बाद क्विज का अंतिम मुकाबला हुआ। इसमें पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पादरू की दुर्गा और दीना कुमारी ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं मां सरस्वती विद्या मंदिर पादरू के रणजीत सिंह और प्रदीप चौहान दूसरे स्थान पर रहे। महात्मा गांधी राजकीय स्कूल, रेलो की सराय की तरुणा कंवर और डिंपल कुमारी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
नई पीढ़ी को स्थानीय विरासत से जोड़ना जरूरी
इंटैक के आजीवन सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान है। नई पीढ़ी को इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना जरूरी है। हेरिटेज क्विज जैसे आयोजनों से छात्रों को अपनी विरासत को जानने और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए छात्रों को पुस्तकीय शिक्षा के साथ आसपास की धरोहरों और परंपराओं से भी जोड़ना चाहिए। शिक्षकों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। स्कूलों के माध्यम से छात्रों को स्थानीय इतिहास, कला, लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़कर इनके संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक किया जा सकता है।
युवाओं की भागीदारी से संरक्षण के प्रयास होंगे मजबूत
इंटैक के आजीवन सदस्य पृथ्वी सिंह रामदेरिया ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्रों और युवाओं की भागीदारी से विरासत संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।
प्रेम सिंह पादरू ने कहा कि हेरिटेज क्विज जैसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को भारत और राजस्थान की समृद्ध विरासत जानने का अवसर मिलता है। स्कूल स्तर पर ऐसी गतिविधियों से छात्रों में इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के प्रति रुचि और गौरव की भावना विकसित होगी।

मान सिंह राजपुरोहित ने इंटैक बाड़मेर चैप्टर की गतिविधियों को और सक्रिय करने पर जोर दिया। उन्होंने जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा छात्रों को उनसे जोड़ने के लिए नियमित गतिविधियां आयोजित करने की आवश्यकता बताई।
स्कूलों और समाज की सहभागिता पर जोर
पादरू प्रशासक प्रतिनिधि जबर सिंह पादरू ने कहा कि विरासत आधारित गतिविधियां छात्रों को अपनी जड़ों, स्थानीय इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम हैं। स्कूल और समाज मिलकर छात्रों में विरासत के प्रति जागरूकता और संरक्षण की भावना विकसित कर सकते हैं।
कार्यक्रम का मंच संचालन प्राचार्य जसोल जेतमाल सिंह ने किया। कार्यक्रम में इंटैक के आजीवन सदस्य प्रेम सिंह राणीगांव, मोहन भाई पंजाबी और सुमेर सिंह वरिया, राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल धारणा के प्राचार्य महेंद्र सिंह राठौड़, पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल पादरू की प्राचार्य अल्का भुंड सहित विभिन्न स्कूलों के शिक्षक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

समापन पर जताया आभार
कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों में भारतीय कला, संस्कृति और विरासत के प्रति रुचि विकसित करने तथा संरक्षण एवं संवर्धन में सहभागी बनने का संदेश दिया गया। समापन पर राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पादरू के प्राचार्य अभय सिंह राजपुरोहित ने इंटैक बाड़मेर चैप्टर, अतिथियों, सहभागी स्कूलों, शिक्षकगण, छात्रों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।