August 6, 2026

Indramani Nautiyal : सऊदी अरब में 8 साल से फंसा है उत्तरकाशी का इकलौता कमाऊ पिता, 2 करोड़ रुपये का जुर्माना - Doon Horizon

उत्तरकाशी के गोरसाड़ा गांव के इंद्रमणि नौटियाल 2018 में हुए एक सड़क हादसे में लगे 2 करोड़ के जुर्माने के कारण सऊदी अरब में फंसे हैं। उनकी बेटी दीपिका अपने पिता की भारत वापसी के लिए सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों से आर्थिक मदद जुटा रही है।

उत्तरकाशी, 6 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Indramani Nautiyal : उत्तरकाशी जिले के गोरसाड़ा गांव का एक परिवार भयानक मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है। घर के मुखिया इंद्रमणि नौटियाल पिछले आठ साल से सऊदी अरब में फंसे हुए हैं। उनकी बेटी दीपिका नौटियाल ने अब उन्हें वापस लाने की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली है। पिता को घर लाने के लिए उसने दो करोड़ रुपये जुटाने का एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। घर में कमाने वाले वह इकलौते थे और अब परिवार पूरी तरह से आम लोगों के चंदे पर निर्भर है।

इंद्रमणि नौटियाल सऊदी अरब में एक ट्रक चालक के रूप में नौकरी करते थे। साल 2018 में उनके ट्रक से एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हो गई। इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। सऊदी अरब के सख्त कानूनों के तहत उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया था।

दुर्घटना के बाद इंद्रमणि ने एक साल तक सऊदी की जेल में सजा काटी। उनके ट्रक का बीमा नहीं था। वहां की अदालत ने उन पर नौ लाख रियाल का जुर्माना ठोक दिया। भारतीय मुद्रा में यह भारी-भरकम रकम करीब दो करोड़ रुपये बैठती है। इतनी बड़ी रकम चुकाने में असमर्थ होने के कारण उनकी स्वदेश वापसी पर कानूनी रोक लगी हुई है।

घर की जिम्मेदारी पूरी तरह इंद्रमणि पर ही थी। उनके जाने के बाद परिवार आर्थिक रूप से टूट गया। उनकी पत्नी एक गृहिणी हैं। छोटा बेटा अभी अपनी पढ़ाई कर रहा है। स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुकी दीपिका ने परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी। उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेकर एक राष्ट्रव्यापी अपील शुरू कर दी है।

दीपिका का दर्द उसकी अपीलों में साफ झलकता है। उसका कहना है कि आठ साल का लंबा वक्त बीत चुका है और वे अपने पिता की शक्ल तक नहीं देख पाए हैं। यह दो करोड़ की रकम बहुत बड़ी है। लोगों की तरफ से आ रहे छोटे-छोटे आर्थिक सहयोग ने परिवार के भीतर एक मजबूत उम्मीद पैदा कर दी है। दीपिका को पूरा विश्वास है कि एक दिन उनके पिता अपने घर जरूर लौटेंगे। यह सिर्फ पैसों का संघर्ष नहीं है। एक बेटी अपनी पूरी ताकत से अपने पिता को वापस मांग रही है।

सऊदी अरब से इंद्रमणि ने एक मार्मिक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने बेटी दीपिका और आर्थिक मदद कर रहे सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। वीडियो में बोलते समय उनकी आवाज बुरी तरह कांप रही थी। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि लोगों की हर छोटी आर्थिक मदद और दुआएं ही उनके लिए भारत वापसी का इकलौता रास्ता हैं। उनकी आंखों में बेबसी और परिवार से मिलने की तड़प दिखाई दे रही है।

दीपिका के इस अभियान को समाज के कई वर्गों से भारी समर्थन मिल रहा है। समाजसेवी रोशन रतूड़ी, पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण, पूर्व जिपं अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण और लंबगांव व्यापार मंडल के उदय रावत सीधे तौर पर इस मुहिम से जुड़ गए हैं। बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन पैसा भेज रहे हैं। भारी ट्रांजेक्शन के कारण यूपीआई नेटवर्क में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। कई ट्रांसफर फेल हो रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए स्थानीय लोग सीधे परिवार को नकद सहयोग भी सौंप रहे हैं।

देहरादून के वरिष्ठ अधिवक्ता शिवा वर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम को कानूनी नजरिए से बेहद संवेदनशील बताया है। उनका स्पष्ट मानना है कि सिर्फ चंदा जुटाना काफी नहीं होगा। केंद्र सरकार और उत्तराखंड राज्य सरकार को इस मामले में तुरंत संयुक्त पहल करनी चाहिए। पीड़ित परिवार को उच्च स्तरीय कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की सख्त जरूरत है। राजनयिक स्तर पर बातचीत से ही विदेशों में फंसे ऐसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सकती है।