July 27, 2026

Indore News: 33 साल से अधर में इंदौर की स्कीम-171, 6 हजार प्लॉटधारकों का अल्टीमेटम; 10 दिन में फैसला नहीं तो आंदोलन - Haribhoomi

इंदौर की आईडीए स्कीम नंबर-171 को लेकर करीब 6 हजार प्लॉटधारकों ने 33 साल की देरी पर नाराजगी जताई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये जमा करने के बावजूद योजना लागू नहीं हुई। उन्होंने आईडीए को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि समय पर फैसला नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

Indore Development Authority

33 साल से अधर में इंदौर की स्कीम-171

  • Published: 27 Jul 2026, 10:14 AM IST
  • Last Updated: 27 Jul 2026, 10:14 AM IST

इंदौर: इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की वर्षों से लंबित स्कीम नंबर-171 (पूर्व में स्कीम नंबर-132) को लेकर अब प्लॉटधारकों का धैर्य जवाब देने लगा है। करीब 6,000 प्लॉटधारकों ने रविवार को पुष्प विहार कॉलोनी में एकजुट होकर आईडीए और राज्य सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर योजना को आधिकारिक रूप से लागू नहीं किया गया, तो बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

प्लॉटधारकों का आरोप है
प्रदर्शन में 13 सहकारी आवास समितियों के सदस्य और 200 से अधिक भूमि मालिक शामिल हुए। प्लॉटधारकों का आरोप है कि आईडीए के निर्देशानुसार वे करीब 5.84 करोड़ रुपये और लागू जीएसटी जमा कर चुके हैं। भुगतान किए करीब 18 महीने बीत जाने के बावजूद अब तक योजना की अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

इंतजार करते-करते कई प्लॉटधारकों की मौत
स्कीम नंबर-171 पुष्प विहार कॉलोनी प्लॉटधारक समूह के महासचिव एन.के. मिश्रा ने कहा कि हजारों मध्यमवर्गीय परिवारों ने जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर प्लॉट खरीदे थे, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण आज तक अपने घर नहीं बना सके। उन्होंने दावा किया कि योजना लागू होने का इंतजार करते-करते कई प्लॉटधारकों की मौत हो चुकी है, जबकि क्षेत्र में लगातार अवैध कब्जे भी बढ़ रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मूल स्कीम नंबर-132 वर्ष 1993 में शुरू की गई थी, लेकिन तय समय सीमा में विकास कार्य पूरे नहीं होने के कारण हाई कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया था। इसके बाद उसी क्षेत्र के लिए वर्ष 2009 में स्कीम नंबर-171 लाई गई, लेकिन यह भी अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी।

अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं
प्लॉटधारकों का कहना है कि उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। बार-बार प्रशासन और सरकार की ओर से योजना लागू करने की बात कही गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि यदि अगले 10 दिनों में योजना को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो हजारों प्रभावित परिवार अपने परिजनों के साथ सड़कों पर उतरकर बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि अब और इंतजार करना संभव नहीं है।