August 31, 2026

India GDP Growth Rate FY26: भारत की आर्थिक ताकत का डंका; जीडीपी ग्रोथ 7.8% पर पहुंची, पीएम मोदी ने बताया 'असाधारण उपलब्धि' - Haribhoomi

भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक आर्थिक सुस्ती और अनिश्चितताओं के बीच एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी (GDP) विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस शानदार प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए इसे देश के लिए 'असाधारण उपलब्धि' करार दिया है।

India GDP Growth Rate FY26

पीएम मोदी ने कहा कि 7.8 प्रतिशत की विकास दर भारत के विकास पथ की मजबूती को दर्शाती है।

  • Published: 31 Aug 2026, 05:45 PM IST
  • Last Updated: 31 Aug 2026, 05:49 PM IST

दुनिया के प्रमुख देशों में जहां आर्थिक सुस्ती का माहौल देखा जा रहा है, वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार नए रिकॉर्ड कायम कर रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

घरेलू मांग में आई तेजी, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मजबूती और सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए लगातार पूंजीगत खर्च के कारण जीडीपी के यह आंकड़े कई आर्थिक विश्लेषकों के अनुमान से भी बेहतर रहे हैं।

India’s exemplary GDP growth of 7.8% during Q1 of FY 2026-27 is a herculean feat.

The collective strength of our people ensured India delivered such growth despite oil price shocks and supply chain issues in the midst of global uncertainties.

Doomsayers were doomed and India…

— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया '140 करोड़ भारतीयों की मेहनत का परिणाम' 
जीडीपी के आंकड़े सार्वजनिक होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों, उद्यमियों और अर्थशास्त्रियों को बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि 7.8 प्रतिशत की विकास दर भारत के विकास पथ की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने कहा, "यह आंकड़े 140 करोड़ भारतीयों के कड़े परिश्रम, नवाचार, उद्यमशीलता और सामूहिक संकल्प का सीधा प्रमाण हैं।

हमारी सरकार आर्थिक सुधारों को गति देने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।" पीएम ने आगे कहा कि यह वृद्धि दर आने वाले वर्षों में भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगी।

​मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर ने दिखाया दम

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में सकारात्मक रुख देखने को मिला है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, जीडीपी को गति देने में इन दो प्रमुख क्षेत्रों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही:

मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण क्षेत्र): निर्माण और औद्योगिक उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्राइवेट सेक्टर में निवेश और घरेलू मांग के कारण कारखानों का उत्पादन तेज रहा है।

सर्विस सेक्टर (सेवा क्षेत्र): बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, रियल एस्टेट, पर्यटन और पेशेवर सेवाओं में जबरदस्त उछाल देखा गया है। सेवा क्षेत्र का भारत की कुल जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान है।

कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर: केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सड़कों, रेलवे, पोर्ट्स और हाईवे के निर्माण पर किए गए भारी पूंजीगत खर्च ने सीधे तौर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।

​चीन, अमेरिका और यूरोप से काफी आगे निकला भारत 
वैश्विक पटल पर अगर तुलना की जाए तो भारत की 7.8% की ग्रोथ रेट अद्वितीय है। जहां चीन की विकास दर करीब 4.5 से 5 प्रतिशत के आसपास सिमट रही है, वहीं अमेरिका और यूरोपीय देशों में महंगाई और उच्च ब्याज दरों के कारण आर्थिक वृद्धि की रफ्तार सुस्त बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) जैसी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने भी भारत के इस आर्थिक प्रदर्शन की तारीफ की है और माना है कि भारत इस समय वैश्विक आर्थिक वृद्धि का सबसे बड़ा इंजन बना हुआ है।

​आने वाली तिमाहियों और त्योहारी सीजन के लिए मजबूत आधार 
विशेषज्ञों और वित्त मंत्रालय का मानना है कि पहली तिमाही की यह मजबूत शुरुआत पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एक ठोस नीव का काम करेगी। देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की अच्छी स्थिति से कृषि क्षेत्र में बेहतर उत्पादन की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण इलाकों में मांग और खपत बढ़ेगी।

इसके अलावा, आगामी त्योहारी सीजन में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर्स में भारी बिक्री होने की संभावना है, जिससे अर्थव्यवस्था को और अधिक गति मिलेगी।