फर्जी डिग्री के आरोप में डॉक्टर की IMA सदस्यता सस्पेंड: डॉक्यूमेंट्स की जांच में मामला संदेहास्पद पाया गया; शैक्षणिक योग्यता पर विवाद - Gayaji News
गयाजी1 दिन पहले
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डॉक्टर टिकेंद्र कुमार शर्मा की फाइल तस्वीर।
फर्जी डिग्री के आरोपों से घिरे डॉक्टर टिकेंद्र कुमार शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA), गया जी की कार्यकारिणी समिति ने उनकी सदस्यता अस्थायी रूप से फिलहाल निलंबित कर दी है। सदस्यता के लिए जमा किए गए दस्तावेजों की जांच में उन्हें संदेहास्पद पाया गया है।
अब पूरे मामले की आगे जांच और कार्रवाई के लिए फाइल बिहार राज्य चिकित्सा संघ, पटना को भेजी गई है। डॉ टिकेंद्र शर्मा की सदस्यता अस्थायी रूप से सस्पेंड किए जाने की लिखित सूचना बिहार राज्य चिकित्सा संघ के सचिव को भेजी गई है।
भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) गयाजी की ओर से जारी किया गया लेटर।
डिग्री और डॉक्यूमेंट्स पर उठाए थे सवाल
मामला करीब दो माह पहले सामने आया था। डॉ. नवनीत निश्चल ने डॉ. टिकेंद्र कुमार शर्मा की डिग्री और सदस्यता से जुड़े दस्तावेजों पर सवाल उठाए थे। इसके बाद मामला आईएमए गयाजी के सामने पहुंचा। दोनों पक्षों की ओर से दिए गए दस्तावेजों की जांच कार्यकारिणी समिति ने की।
आईएमए गयाजी के सचिव डॉ. विमलेन्दु विमल की ओर से बिहार राज्य चिकित्सा संघ के सचिव को भेजे गए पत्र में जांच के बाद दस्तावेजों को संदेहास्पद बताया गया है। पत्र के मुताबिक, दोनों पक्षों के दस्तावेजों और जांच प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया। इसके बाद आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए पूरी संचिका राज्य संघ को भेजी गई है।
अंतिम फैसला आने तक सदस्यता पर रोक
आईएमए गयाजी की कार्यकारिणी समिति ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि मामले का अंतिम निपटारा होने तक डॉ. टिकेंद्र कुमार शर्मा की सदस्यता अस्थायी रूप से निलंबित रहेगी। मामले की जानकारी आईएमए की प्रधान शाखा, नई दिल्ली को भी भेजी गई है।
जानकारी के मुताबिक डॉ. टिकेंद्र कुमार शर्मा पहले गयाजी के अर्श हॉस्पिटल में कार्यरत थे। डॉ. टिकेंद्र चिकित्सीय ज्ञान को लेकर अस्पताल प्रबंधन को उनकी डिग्री पर संदेह हुआ था। इसके बाद उन्हें अस्पताल से हटा दिया गया था। तभी से उनकी शैक्षणिक योग्यता और डिग्री को लेकर विवाद चला आ रहा है।
राज्य स्तर पर जांच
अब आईएमए की जांच में भी सदस्यता के समय जमा दस्तावेजों को संदेहास्पद बताए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि, डिग्री फर्जी होने का अंतिम निष्कर्ष अभी नहीं निकला है। राज्य स्तर पर आगे की जांच और निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। लेकिन आईएमए ने डॉ टिकेंद्र शर्मा की डिग्री को संदेहास्पद बताते हुए कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस बाबत डॉ. टिकेंद्र शर्मा से जब उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल लगातार बंद मिला।
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