IIM कलकत्ता ला रहा है एआई-फर्स्ट ऑनलाइन एमबीए उन वर्किंग प्रोफेशनल्स के जो पढ़ाई के लिए कैंपस नहीं आ सकते हैं। इस प्रोग्राम में फ्लैगशिप डिग्री और आजीवन अलुमनी दर्जा भी मिलेगा।
कॉर्पोरेट दुनिया में करियर ब्रेक लिए बगैर मैनेजमेंट की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले पेशेवरों के लिए एक बड़ी खबर आई है। देश के सबसे प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूलों में शुमार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कलकत्ता (आईआईएम कलकत्ता) अब एक ऐसा ऑनलाइन एमबीए प्रोग्राम लाने की तैयारी में है, जिसकी बुनियाद पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर टिकी होगी। इस प्रस्ताव को जल्द ही संस्थान की एकेडमिक काउंसिल के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा और अगर हरी झंडी मिल गई, तो यह प्रोग्राम हजारों वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
आजीवन अलुमनी का मिलेगा दर्जा
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, संस्थान की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यह दो साल का ब्लेंडेड एमबीए प्रोग्राम खासतौर पर उन पेशेवरों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो अपनी नौकरी छोड़े बिना मैनेजमेंट एजुकेशन हासिल करना चाहते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि मंजूरी मिलने के बाद इस ऑनलाइन प्रोग्राम को पूरा करने वाले छात्रों को वही एमबीए डिग्री दी जाएगी, जो कैंपस के फ्लैगशिप प्रोग्राम में पढ़ने वालों को मिलती है। इतना ही नहीं, इन छात्रों को आजीवन आईआईएम कलकत्ता के पूर्ण अलुमनी दर्जे का हक भी मिलेगा, जो अब तक सिर्फ फुल टाइम कैंपस प्रोग्राम के छात्रों तक ही सीमित माना जाता रहा है।
पाठ्यक्रम की बात करें तो इसे संस्थान की अपनी फैकल्टी ने तैयार किया है और इसे आईआईएम कलकत्ता के खुद के ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए पढ़ाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिर्फ एक अलग विषय की तरह नहीं, बल्कि पूरे करिकुलम में हर मैनेजमेंट डिसिप्लिन के भीतर पिरोया गया है। यानी फाइनेंस हो या मार्केटिंग, ऑपरेशंस हो या एचआर, हर जगह एआई का व्यावहारिक इस्तेमाल सिखाया जाएगा। इसके साथ ही दोनों सालों में एआई पर केंद्रित अलग से समर्पित कोर्स भी होंगे।
प्रोग्राम की संरचना भी काफी सोच समझकर बनाई गई है। यह छह टर्म में बंटा होगा, जो दो साल में पूरे होंगे, हालांकि जिन्हें ज्यादा समय चाहिए, उनके लिए इसे तीन साल में पूरा करने की छूट भी दी गई है। कुल मिलाकर 600 घंटे से ज्यादा की क्रेडिट बेयरिंग पढ़ाई इसमें शामिल होगी। पहले साल में सभी छात्रों को कॉमन फाउंडेशनल कोर्स पढ़ाए जाएंगे, जबकि दूसरे साल में इलेक्टिव्स का विकल्प मिलेगा, जिससे छात्र अपनी पसंद के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे।
कैसा होगा प्रोग्राम
सिर्फ क्लासरूम लर्निंग तक सीमित न रहते हुए इस प्रोग्राम में तीन एआई लैब्स भी शामिल होंगी, जहां छात्रों की टीमें असल इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगी और अपने समाधान एकेडमिक व इंडस्ट्री जूरी के सामने पेश करेंगी। इसके अलावा, जोका कैंपस में पांच कैंपस इमर्शन मॉड्यूल रखे गए हैं, ताकि ऑनलाइन पढ़ने वाले छात्र भी कैंपस के माहौल और नेटवर्किंग का अनुभव ले सकें। एक और बड़ा आकर्षण यह है कि सिंगापुर के किसी बिज़नेस स्कूल में अनिवार्य इंटरनेशनल इमर्शन भी कराया जाएगा, जिसका फोकस सस्टेनेबिलिटी या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर होगा। साथ ही 24 महीने का एग्ज़ीक्यूटिव लीडरशिप कोचिंग प्रोग्राम भी दिया जाएगा, जिसमें समय समय पर लीडरशिप असेसमेंट भी होते रहेंगे।
आईआईएम कलकत्ता के डायरेक्टर प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने इस पहल को लेकर कहा कि इस प्रस्तावित प्रोग्राम का मकसद उन पेशेवरों तक IIM कलकत्ता के एमबीए की कठोरता और गुणवत्ता पहुंचाना है, जो अपनी नौकरी छोड़ नहीं सकते, और साथ ही मैनेजमेंट एजुकेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पूरी तरह एकीकृत करना है।
कौन ले सकता इस प्रोग्राम में दाखिला?
एडमिशन को लेकर बताया गया है कि इस प्रोग्राम के लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री रखने वाले और कम से कम तीन साल के फुल टाइम वर्क एक्सपीरियंस वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे, हालांकि पांच साल या उससे ज्यादा अनुभव वाले आवेदकों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है। दाखिला वैध CAT, GMAT या GRE स्कोर के आधार पर होगा, जिसके बाद पर्सनल इंटरव्यू लिया जाएगा। संस्थान के मुताबिक क्लासेज गुरुवार से रविवार तक लाइव ऑनलाइन मोड में कराने का प्रस्ताव है, ताकि प्रोफेशनल्स अपनी फुल टाइम नौकरी के साथ साथ यह डिग्री भी पूरी कर सकें। फीस, इनटेक साइज, एडमिशन शेड्यूल और इंटरनेशनल पार्टनर इंस्टीट्यूशन जैसी जानकारियों का खुलासा एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी मिलने के बाद ही किया जाएगा।