August 30, 2026

IAS Divya Mittal के इस्तीफे पर Akhilesh Yadav का UP सरकार पर हमला, बताया क्यों छोड़ रहे अधिकारी नौकरी?

Time Published: Sunday, August 30, 2026, 19:58 [IST]

Akhilesh Yadav On IAS Divya Mittal Resign: उत्तर प्रदेश की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के कारण ईमानदार अधिकारियों को काम करने में दिक्कत हो रही है और कई अधिकारी रिटायरमेंट से पहले ही नौकरी छोड़ने का रास्ता चुन रहे हैं।

दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की ओर से इस्तेमाल की गई भाषा भी उचित नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि ईमानदार अधिकारियों को काम करने की स्वतंत्रता नहीं मिल रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि अखिलेश ने क्या-क्या कहा?

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'भ्रष्टाचार के कारण ईमानदार अधिकारी काम नहीं करना चाहते'

अखिलेश यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण ईमानदार अधिकारी काम नहीं करना चाहते। उन्हें काम करने की अनुमति नहीं है। ईमानदार अधिकारी अपना काम करने में असमर्थ हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे कई अधिकारी हैं, जो अपनी सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी होने से पहले ही सेवा छोड़ रहे हैं। हालांकि, दिव्या मित्तल के इस्तीफे के कारणों को लेकर सरकार और अधिकारी की ओर से सामने आए आधिकारिक तथ्यों को इस राजनीतिक दावे से अलग देखना जरूरी है। अखिलेश यादव ने अपने बयान में इस्तीफे को प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार की स्थिति से जोड़कर सरकार पर निशाना साधा।

मेरठ के किसान नेताओं के मामले पर भी सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने मेरठ में किसान नेताओं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ कथित मारपीट और पुलिस हिरासत में 'थर्ड डिग्री' दिए जाने के आरोपों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दोनों नेताओं से उनकी आपबीती सुनी और आरोप लगाया कि उन्हें गंभीर चोटें आईं, लेकिन मेडिकल जांच कराने की अनुमति नहीं दी गई। अखिलेश ने कहा कि दोनों को न्याय के लिए अदालत का रुख करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उन्हें न्याय और सम्मान दिलाने की कोशिश की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर, आरोप सही हैं और कानून का शासन कायम है, तो संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए।

कानून-व्यवस्था पर BJP को घेरा

सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने प्रदेश में लूट और डकैती की घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित कर पा रही है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए उसे 'अन्यायी गिरोह' तक कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का फायदा आम लोगों के बजाय सत्ता से जुड़े लोगों को मिल रहा है। उन्होंने मंदिरों से चोरी तक का जिक्र करते हुए सरकार पर व्यंग्य किया।

दूसरे राज्य के गैंग को लेकर भी उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में दूसरे राज्यों से जुड़े कथित अपराधी गिरोहों की गतिविधियों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने एक गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि संबंधित गिरोह ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होने के दावे किए जाते हैं, तो बाहरी गिरोह आकर वारदात को अंजाम देकर कैसे निकल जाते हैं।

JPNIC और छतर मंजिल को लेकर सरकार पर आरोप

अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) और छतर मंजिल समेत कई सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर भी योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने या उनसे व्यावसायिक फायदा उठाने की दिशा में काम कर रही है। JPNIC के पार्किंग और कैफे से होने वाली संभावित कमाई का भी उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने एक पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा के लिए आवंटित धन को लेकर भी सवाल उठाए और कथित तौर पर सामग्री को लेकर हुए विवाद का जिक्र किया।

जातीय जनगणना और खंगार समाज का मुद्दा उठाया

सपा प्रमुख ने खंगार समाज को रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की बात भी कही। उन्होंने देशभर में जातीय जनगणना कराने की मांग दोहराई। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर खंगार समाज को उसकी आबादी के अनुपात में सम्मान और प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने समाज के प्रमुख ऐतिहासिक व्यक्तित्व की प्रतिमा स्थापित करने की बात भी कही।

पंचायत चुनाव और रोजगार पर भी सवाल

अखिलेश यादव ने पंचायत चुनाव में देरी और रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने एक लाख नौकरियां देने का दावा किया है, लेकिन चुनावी आचार संहिता लागू होने के बाद इन भर्तियों को किस तरह पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार की जरूरत है, लेकिन सरकार के दावों और जमीन पर स्थिति में अंतर दिखाई देता है।

महिलाओं को आर्थिक मदद के वादे पर तंज

महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को 500 रुपये दिए जाते थे और समाजवादी पार्टी ने सत्ता में आने पर 40 हजार रुपये देने का वादा किया था। उन्होंने सरकार की ओर से प्रस्तावित 50 हजार रुपये की सहायता को लेकर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि सरकार अलग-अलग योजनाओं के जरिए आधी-अधूरी मदद देने की बात कर रही है।

'किसी समस्या का समाधान नहीं'

अखिलेश यादव ने प्रदेश की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पेयजल और जल निकासी की समस्या का उदाहरण देते हुए कहा कि कई जगह पाइपलाइन बिछने के बावजूद लोगों को जल निकासी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि प्रदेश के लगभग हर विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं और सरकार का रवैया ऐसा है जैसे जल्द चुनाव होने वाले हों।

RSS प्रमुख की अमेरिका यात्रा पर भी तंज

अखिलेश यादव ने RSS प्रमुख के अमेरिका से जुड़े बयान पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि भारत में जब कोई बीमार होता है तो अक्सर 'हवा-पानी बदलने' की बात कही जाती है। इसी संदर्भ में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद 'अमेरिका की हवा ने RSS प्रमुख को लोकतंत्र की याद दिला दी।' अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़े आरोपों पर सरकार का पक्ष इस बयान में सामने नहीं आया है।