September 26, 2026

बैंक घोटाले के आरोपी दिल्ली से बुलाते थे डांसर: मोहाली के विला में होती 'मुजरा पार्टी'; IAS पंकज पूछते- अगला कार्यक्रम कब होगा - Panchkula News

IAS पंकज अग्रवाल पर मोहाली के एक विला में प्राइवेट पार्टी लेने का आरोप लगा है। रेड सर्कल में पंकज अग्रवाल।

हरियाणा बैंकिंग घोटाला अब 'मुजरा पार्टी' तक पहुंच गया है। घोटाले का मास्टरमाइंड रिभव ऋषि सरकारी खजाने का इस्तेमाल प्रशासनिक अधिकारियों की अय्याशी और लग्जरी लाइफस्टाइल पर लुटा रहा था। रिभव IDFC फर्स्ट बैंक का तत्कालीन ब्रांच मैनेजर है।

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CBI की चार्जशीट में मोहाली के जीरकपुर स्थित एक विला में चलने वाले इस पूरे ‘मुजरा नेटवर्क’ और इसमें शामिल IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल के रोल का खुलासा हुआ है। हालांकि अभी अग्रवाल की तरफ से इस चार्जशीट पर बहस होना बाकी है।

चार्जशीट के मुताबिक, ‘जेड मनोर’ नाम के इस विला में रिभव ऋषि मुजरा और डांस पार्टी ऑर्गेनाइज करता था। इन पार्टियों में दिल्ली से वरुण नाम के बिचौलिए के जरिए 7-8 लेडी डांसर्स बुलाई जाती थीं। इसके लिए रूम में मीटिंग के लिए दिल्ली से एस्टकोर्ट भी आती थी।

जांच में यह भी सामने आया कि IAS अग्रवाल द्वारा खुद ऐसी पार्टियों की डिमांड की जाती थी। कई बार यह भी पूछा गया कि अगली पार्टी कब होगी? पार्टी में डांसर्स पर 15-20 लाख रुपए तक उड़ाए जाते थे। नोटों का इंतजाम एक आरबीआई कर्मचारी करता था। वहीं, ये पूरा सिंडिकेट उनकी पत्नी की पार्टियों पर भी खर्चा करता था।

सीबीआई ने आईएएस पंकज अग्रवाल को 22 जून को अरेस्ट किया था।

सीबीआई ने आईएएस पंकज अग्रवाल को 22 जून को अरेस्ट किया था।

अब जानिए, महफिल की खासियत...

RBI से आती थी नए नोटों की गड्डियां: चार्जशीट के अनुसार, पार्टी में डांसर्स के ऊपर 20, 50 और 100 रुपए के नोटों उड़ाए जाते थे। ये 15 से 20 लाख रुपए तक होते थे। नोटों की गड्डियों का इंतजाम RBI कर्मचारी हरभजन के जरिए किया जाता था। वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित साहिल नाम के व्यक्ति से महंगी शराब मंगवाई जाती थी।

IAS अग्रवाल पूछते- अगली पार्टी कब: जांच में सामने आया है कि IAS पंकज अग्रवाल इन मुजरा पार्टियों के नियमित शौकीन थे। पार्टी खत्म होते ही IAS पंकज अग्रवाल पूछते थे कि "अगली पार्टी कब होगी?"

वॉट्सएप कॉल पर बुकिंग: एस्कार्ट्स W-1 (एक कोड वर्ड) के बयानों के अनुसार, रिभव ऋषि जब उससे वॉट्सएप कॉल पर बात करता था, तो वह कॉल में पंकज अग्रवाल को भी मर्ज कर लेता था। कॉल के दौरान पंकज अग्रवाल खुद जेड मनोर विला में मुजरा पार्टियों की मांग करते थे। वह डांस ग्रुप्स, नोटों की गड्डियों और फॉरेनर आर्टिस्ट्स की रूम सर्विस के बारे में भी पूछताछ करते थे।

डिजिटल सबूतों से पुष्टि: IAS पंकज अग्रवाल की डिमांड पर जेड मनोर में 1 नवंबर 2025, 9 नवंबर 2025, 13 दिसंबर 2025 और 16 जनवरी 2026 को 4 पार्टियों का आयोजन हुआ। फोन के CDR और IPDR लोकेशन डेटा से पुष्टि हुई है कि 1 नवंबर 2025 की रात 10:30 बजे से सुबह 4:00 बजे तक पंकज अग्रवाल जेड मनोर में ही मौजूद थे।

जीरकपुर स्थित जेड मनोर विला, जहां पर ऐसी पार्टियां होती थी।

जीरकपुर स्थित जेड मनोर विला, जहां पर ऐसी पार्टियां होती थी।

अब समझिए, एस्कॉर्ट सर्विस और कमरों का खेल

  • पूरा सिंडिकेट करता था काम: जांच रिपोर्ट के अनुसार, रिभव ऋषि का यह नेटवर्क सिर्फ जीरकपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि एस्कॉर्ट्स के ठहरने और भुगतान के लिए पूरा सिंडिकेट काम कर रहा था। एस्कॉर्ट W-3 ने CBI को दिए बयान में बताया कि वह नवंबर और दिसंबर 2025 में जेड मनोर की पार्टियों में शामिल हुई थी। दोनों बार जब वह ग्राउंड फ्लोर के कमरे में थी, तब पंकज अग्रवाल कमरे के अंदर आए और कुछ समय वहां बिताया। W-3 को इसके बदले 10 से 12 हजार रुपए नकद दिए गए थे।
  • होटल विन्धम का घटनाक्रम: 10 जनवरी 2026 की रात पंकज अग्रवाल के लिए मोहाली के होटल विन्धम में एस्कॉर्ट W-2 का इंतजाम किया गया। नरेश कुमार नाम के कर्मचारी ने W-2 को दिल्ली से चंडीगढ़ बुलवाया और होटल में कमरा बुक करवाया।
  • सीक्रेट कोड और वॉट्सएप चैट: 10 जनवरी की रात 10:51 बजे नरेश कुमार ने वॉट्सएप पर मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था- ‘वरूण को ओके करना, W-2 आई हुई है, पंकज सर साथ है।’ पंकज अग्रवाल रात 8:30 बजे से 11:00 बजे तक W-2 के साथ मौजूद रहे और रात 10:56 बजे कैब से अपने सेक्टर-19 स्थित घर के लिए निकले।
  • पत्नी का भी खर्च उठाता था सिंडिकेट: जांच रिपोर्ट से सामने आया है कि IAS पंकज अग्रवाल के निजी दौरों और परिवार के कार्यक्रमों का पूरा बिल भी बैंक घोटाले के पैसों से ही चुकाया जाता था। 1 अक्टूबर 2025 को पंकज अग्रवाल की पत्नी ऋतु जैन के लिए ट्रिब्यून चौक स्थित नोवोटेल होटल में पार्टी रखी गई। इसका 19,399 रुपए का पूरा बिल रिभव ऋषि ने कैश में चुकाया।
पंकज अग्रवाल को चंडीगढ़ के सेक्टर-19 B स्थित इसी आवास से गिरफ्तार किया गया था- फाइल

पंकज अग्रवाल को चंडीगढ़ के सेक्टर-19 B स्थित इसी आवास से गिरफ्तार किया गया था- फाइल

3 पाइंट में जानिए, सीक्रेट कोड से मुलाकात का तरीका

  1. गाड़ी बदलकर गुप्त मुलाकातें: रिभव ऋषि अपनी निजी गाड़ी को IDFC बैंक सेक्टर-32 पर ही छोड़ देता था और विक्रम वाधवा नाम के व्यक्ति की गाड़ी में बैठकर आईएएस अफसरों के घर जाता था। जिससे कोई CCTV या गाड़ी का नंबर ट्रैस न हो सके।
  2. वॉट्सएप कॉलिंग व पर्सनल चैट: डीलर से बात करने के लिए सामान्य फोन कॉल की जगह वॉट्सएप ऑडियो कॉल का इस्तेमाल किया जाता था। रिश्वत और कमीशन के पैसों की बात सीधे न करके कोड वर्ड में की जाती थी। बिना चेक के पैसे निकालने के लिए डेबिट नोट्स जैसे बैंकिंग तरीकों के साथ फर्जी डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल किया जाता था।
  3. खास कोडवर्ड्स में बातचीत: सीनियर IAS अफसरों से बात करते समय रिभव शाइन सर या भैया कोड का इस्तेमाल करता था। (जैसे पंकज अग्रवाल को भेजे गए मैसेज में "भैया गुड मॉर्निंग, बैलेंस इज 12.23 cr ओनली" लिखा गया)।

क्या है बैंक घोटाला और पंकज अग्रवाल पर क्या आरोप

- बैंक घोटाला फरवरी 2026 में सामने आया था। आरोप है कि IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के 8 विभागों की रकम फर्जी FDR और डेबिट नोट्स के जरिए निकालकर शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दी।

- हरियाणा सरकार के अनुरोध पर CBI ने जांच राज्य विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो से अपने हाथ में ली। अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इनमें दोनों बैंकों के 6 अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 कर्मचारी, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं। घोटाले का मास्टरमाइंड IDFC फर्स्ट बैंक का तत्कालीन मैनेजर रिभव ऋषि बताया गया है, जो गिरफ्तार हो चुका है।

- CBI का दावा है कि स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रहते पंकज अग्रवाल ने IDFC फर्स्ट बैंक में खाता खोलने के दौरान नियमों का पालन नहीं किया। विभाग के एक जूनियर अधिकारी ने FDR से जुड़े नियमों का हवाला देकर आपत्ति जताई, लेकिन अग्रवाल ने कथित तौर पर दबाव बनाकर खाता खुलवाया।

- CBI के मुताबिक, खाते में अधिकतम 50 करोड़ रुपए जमा किए जा सकते थे। इसके बावजूद पंकज अग्रवाल की कथित मंजूरी से कोटक महिंद्रा बैंक से सीधे 100 करोड़ रुपए नए खाते में ट्रांसफर कराए गए। जांच एजेंसी का आरोप है कि इसमें वित्तीय नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई।