कैश में किराया देने पर भी हाउस रेंट अलाउंस टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। इसके लिए किराए की रसीद, रेंंट एग्रीमेंट और जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें। सालाना किराया 1 लाख से ज्यादा होने पर मकान मालिक का PAN जरूरी है।
HRA Tax Rebate
- Published: 09 Aug 2026, 09:30 PM IST
- Last Updated: 09 Aug 2026, 09:11 PM IST
कई नौकरीपेशा लोग मकान का किराया कैश में देते हैं। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि क्या बैंक ट्रांसफर या ऑनलाइन पेमेंट का रिकॉर्ड नहीं होने पर भी हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA पर टैक्स छूट ली जा सकती है? इसका जवाब है- हां। सिर्फ कैश में किराया देने की वजह से हाउस रेंट अलाउंस का दावा खारिज नहीं होता। हालांकि, किराया वास्तव में दिया गया है, यह साबित करने के लिए सही दस्तावेज होना जरूरी।
कैश में किराया देने पर HRA क्लेम कैसे करें?
अगर आप मकान मालिक को हर महीने कैश में किराया देते हैं तो हर भुगतान की रसीद जरूर लें। रसीद पर कुछ जरूरी जानकारियां होनी चाहिए। जैसे, मकान मालिक का नाम और पता, किराए के मकान का पूरा पता, किस महीने का किराया दिया गया, किराए की रकम, भुगतान का तरीका यानी कैश। इससे जुड़ी सारी रसीदों को सुरक्षित रखना जरूरी है, क्योंकि इनसे किराया भुगतान का रिकॉर्ड तैयार होता है।
रेंट एग्रीमेंट भी रखें
किराए की रसीद के साथ रेंट एग्रीमेंट रखना भी फायदेमंद होता है। इसमें किराए की रकम, मकान का पता, किरायेदार और मकान मालिक की जानकारी जैसी चीजें दर्ज होती हैं। दोनों दस्तावेज साथ होने पर HRA क्लेम के दौरान किराए से जुड़े दावे को साबित करना आसान हो सकता है।
बैंक से कैश निकालने का रिकॉर्ड भी रखें
अगर आप बैंक से पैसे निकालकर मकान मालिक को किराया देते हैं तो कैश विड्रॉल का रिकॉर्ड भी संभालकर रख सकते हैं। हालांकि, सिर्फ बैंक से पैसे निकालने की एंट्री यह साबित नहीं करती कि वही रकम किराए के तौर पर मकान मालिक को दी गई थी।
इसलिए बैंक विड्रॉल रिकॉर्ड को किराए की रसीद और रेंट एग्रीमेंट के साथ रखना ज्यादा बेहतर है।
सालाना 1 लाख से ज्यादा किराया है तो PAN जरूरी
अगर पूरे साल का किराया 1 लाख रुपए से ज्यादा है तो HRA क्लेम करते समय आम तौर पर मकान मालिक का PAN देना जरूरी होता है। इसलिए किराएदार को पहले से मकान मालिक से PAN की जानकारी ले लेनी चाहिए।
HRA लेने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
HRA टैक्स छूट का फायदा लेने के लिए कर्मचारी का वास्तव में किराए के मकान में रहना और किराया देना जरूरी है। फर्जी रसीद या गलत जानकारी देकर HRA क्लेम करने से टैक्स संबंधी परेशानी हो सकती है।
इसलिए कैश में किराया देने वालों के लिए सबसे जरूरी बात है कि हर महीने की भुगतान रसीद लें, उसे सुरक्षित रखें और रेंट एग्रीमेंट समेत किराए से जुड़े सभी दस्तावेज व्यवस्थित रखें। कैश पेमेंट अपने आप में HRA क्लेम को खत्म नहीं करता, लेकिन बिना पर्याप्त सबूत के दावा करना मुश्किल हो सकता है।
(प्रियंका कुमारी)