
हिमाचल प्रदेश की ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों, तकनीकी सहायकों और ग्राम रोजगार सेवकों के कई पद लंबे समय से खाली हैं। विधानसभा में सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश की 3,758 ग्राम पंचायतों में से 1,139 में पंचायत सचिव उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा तकनीकी सहायकों के 361 और ग्राम रोजगार सेवकों के 177 पद रिक्त बताए गए हैं।
सरकार ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि इन रिक्तियों को एक साथ नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से भरने की प्रक्रिया चल रही है।
विधायक के सवाल पर सरकार ने दिया जवाब
नैना देवी से भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने विधानसभा के मानसून सत्र में पंचायत स्तर पर खाली पदों को लेकर सरकार से जानकारी मांगी थी। उन्होंने पूछा था कि पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवकों के कितने पद स्वीकृत हैं, कितने पद खाली हैं और सरकार इन रिक्तियों को भरने के लिए क्या कदम उठा रही है।
जवाब में सरकार ने अलग-अलग विभागों और कैडर के अनुसार पदों की स्थिति विधानसभा के सामने रखी।
3,758 पंचायतों में 1,139 जगह सचिव नहीं
सरकारी जानकारी के मुताबिक ग्रामीण विकास विभाग में पंचायत सचिवों के 1,208 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 94 पद भरे हुए हैं, जबकि 1,114 पद खाली हैं।
सरकार ने बताया कि वर्ष 2007 के बाद ग्रामीण विकास विभाग के इन रिक्त पदों को सीधे भरने के बजाय पंचायती राज विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण वाले जिला परिषद कैडर के जरिए ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव उपलब्ध कराने की व्यवस्था अपनाई जा रही है।
प्रदेश में कुल 3,758 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 2,619 पंचायतों में पंचायत सचिव उपलब्ध हैं, जबकि 1,139 पंचायतों में यह पद खाली है।
तकनीकी सहायकों के 361 पद रिक्त
पंचायती राज विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण वाले जिला परिषद कैडर में तकनीकी सहायकों के कुल 1,205 पद स्वीकृत हैं। इनमें 844 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 361 पद खाली हैं।
जिलेवार आंकड़ों में कांगड़ा में तकनीकी सहायकों के सबसे ज्यादा 83 पद रिक्त हैं। इसके बाद मंडी में 69, शिमला में 39, बिलासपुर में 27 और सोलन में 26 पद खाली बताए गए हैं।
ग्राम रोजगार सेवकों के 177 पद खाली
ग्रामीण विकास विभाग में पहले मनरेगा के तहत ग्राम रोजगार सेवकों के 1,205 पद स्वीकृत थे। इनमें से 1,028 पद भरे हुए हैं और 177 पद रिक्त हैं।
सरकार ने बताया कि अब इन पदों को विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत लेने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार के अनुसार इन रिक्त पदों को भी चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है।
किस जिले में सबसे ज्यादा पंचायत सचिवों की कमी?
जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक पंचायत सचिवों के सबसे ज्यादा 239 पद कांगड़ा में खाली हैं। इसके बाद मंडी में 211 और शिमला में 171 पद रिक्त हैं।
जिला स्वीकृत पद रिक्त पद
बिलासपुर 182 57
चंबा 319 45
हमीरपुर 242 67
कांगड़ा 846 239
किन्नौर 80 24
कुल्लू 246 85
लाहौल-स्पीति 48 18
मंडी 577 211
शिमला 441 171
सिरमौर 273 93
सोलन 255 82
ऊना 249 47
कुल 3,758 1,139
तकनीकी सहायकों की सबसे ज्यादा कमी कांगड़ा में
तकनीकी सहायकों के मामले में भी कांगड़ा जिला सबसे ऊपर है। यहां 83 पद खाली हैं। मंडी में 69, शिमला में 39 और बिलासपुर में 27 पद रिक्त हैं।
जिला स्वीकृत पद रिक्त पद
बिलासपुर 59 27
चंबा 103 24
हमीरपुर 82 20
कांगड़ा 271 83
किन्नौर 24 6
कुल्लू 78 23
लाहौल-स्पीति 15 2
मंडी 187 69
शिमला 137 39
सिरमौर 87 25
सोलन 81 26
ऊना 81 17
कुल 1,205 361
रोजगार सेवकों की जिलेवार स्थिति
ग्राम रोजगार सेवकों के मामले में कांगड़ा में 45, मंडी में 44 और शिमला में 26 पद रिक्त बताए गए हैं। वहीं चंबा में उपलब्ध कर्मचारियों की संख्या स्वीकृत पदों से अधिक बताई गई है।
जिला स्वीकृत पद रिक्त पद
बिलासपुर 59 21
चंबा 103 -
हमीरपुर 82 9
कांगड़ा 271 45
किन्नौर 24 1
कुल्लू 78 11
लाहौल-स्पीति 15 2
मंडी 187 44
शिमला 137 26
सिरमौर 87 9
सोलन 81 16
ऊना 81 5
कुल 1,205 177
सरकार का कहना है कि पंचायत स्तर पर जरूरी मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए रिक्तियों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है। पंचायत सचिवों और तकनीकी सहायकों की उपलब्धता सीधे तौर पर ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ी है, इसलिए इन पदों की रिक्तियों पर विधानसभा में चर्चा हुई है।