July 23, 2026

हेडफोन का ज्यादा इस्तेमाल बना सकता है बहरा! यूज करते वक्त इन बातों का ध्यान रखें - Haribhoomi

Headphone Side Effects: हेडफोन का ज्यादा इस्तेमाल बना सकता है बहरा! यूज करते वक्त इन बातों का ध्यान रखें

Headphone Side Effects: हेडफोन का ज्यादा इस्तेमाल कान से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

headphones

हेडफोन का ज्यादा इस्तेमाल करने के नुकसान।

  • Published: 23 Jul 2026, 08:16 PM IST
  • Last Updated: 23 Jul 2026, 08:16 PM IST

Headphone Side Effects: स्मार्टफोन, ऑनलाइन मीटिंग, म्यूजिक स्ट्रीमिंग और गेमिंग के दौर में हेडफोन और ईयरबड्स हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। कई लोग घंटों तक लगातार हेडफोन लगाए रहते हैं, लेकिन यह आदत धीरे-धीरे कानों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है। लंबे समय तक तेज आवाज में ऑडियो सुनने से सुनने की क्षमता प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है और कुछ मामलों में स्थायी नुकसान भी हो सकता है।

हेडफोन का गलत तरीके से इस्तेमाल कानों में दर्द, लगातार घंटी बजने की आवाज (टिनिटस), कान में संक्रमण और सुनने की क्षमता कम होने जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। हालांकि, कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 

हेडफोन यूज करते वक्त ध्यान रखें ये बातें

आवाज को हमेशा सीमित रखें
सबसे बड़ी गलती हेडफोन को बहुत तेज आवाज में सुनना है। विशेषज्ञ अक्सर 60/60 नियम अपनाने की सलाह देते हैं, यानी अधिकतम वॉल्यूम के लगभग 60% पर ही सुनें और लगातार 60 मिनट से ज्यादा हेडफोन का इस्तेमाल न करें। तेज आवाज कानों के भीतर मौजूद संवेदनशील हेयर सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है, जो दोबारा नहीं बनतीं।

लगातार घंटों तक हेडफोन न पहनें
अगर आपको लंबे समय तक काम या पढ़ाई के लिए हेडफोन इस्तेमाल करना पड़ता है, तो बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें। हर 45 से 60 मिनट बाद कम से कम 5 से 10 मिनट का अंतर रखें। इससे कानों को आराम मिलता है और सुनने की क्षमता पर पड़ने वाला दबाव कम होता है।

साफ-सफाई का रखें पूरा ध्यान
ईयरबड्स और हेडफोन पर धूल, पसीना और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, जिससे कान में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इन्हें नियमित रूप से साफ करें और किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा करने से बचें। गंदे ईयरबड्स कान की त्वचा और ईयर कैनाल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सही फिटिंग वाले हेडफोन चुनें
बहुत ढीले या बहुत टाइट हेडफोन कानों पर अनावश्यक दबाव डाल सकते हैं। अच्छी क्वालिटी के नॉइज-कैंसिलिंग हेडफोन का इस्तेमाल करने से बाहरी शोर कम सुनाई देता है, जिससे वॉल्यूम बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे कानों की सुरक्षा बेहतर होती है।

इन लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें
अगर हेडफोन इस्तेमाल करने के बाद कानों में घंटी बजने की आवाज, दर्द, सुनने में कठिनाई या भारीपन महसूस हो, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो ईएनटी विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। समय रहते जांच कराने से गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है।

क्या हर हेडफोन नुकसान पहुंचाता है?

ऐसा नहीं है कि हेडफोन का इस्तेमाल हमेशा नुकसानदायक होता है। समस्या तब होती है जब इन्हें तेज आवाज में और लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल किया जाता है। सुरक्षित वॉल्यूम, सीमित समय और नियमित ब्रेक जैसी आदतें अपनाकर आप कानों की सेहत को बेहतर तरीके से सुरक्षित रख सकते हैं।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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लेखक: (कीर्ति)

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