August 26, 2026

HDFC बैंक के खिलाफ आखिर दुबई में क्यों भड़के निवेशक? पीएमओ से शिकायत

Aug 26, 2026 10:47 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • HDFC Bank: निवेशक एचडीएफसी बैंक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना तलाश रहे हैं
  • साथ ही, वे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बहरीन के सेंट्रल बैंक से भी संपर्क करने की योजना बना रहे हैं
  • कुछ निवेशकों ने पहले ही दुबई वित्तीय सेवा प्राधिकरण (DFSA) से स्वतंत्र रूप से शिकायत कर दी है
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देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC के खिलाफ आखिर दुबई में क्यों भड़के निवेशक?

दुबई में एचडीएफसी बैंक की ब्रांच के जरिए कार्लिसल की लाइफ सेटलमेंट योजना में पैसा लगाने वाले निवेशकों का एक समूह इस सप्ताह प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखने जा रहा है। उनका आरोप है कि यह उत्पाद उन्हें गलत तरीके से बेचा गया, उन्हें भारी नुकसान हुआ और कई सालों से उन्हें अपना पैसा वापस नहीं मिल पाया है।

हालांकि, इसके बावजूद आज एचडीएफसी शेयरों में बहुत अधिक हलचल नहीं देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में काफी देर तक हरे निशान पर रहने के बाद 10:40 बजे के करीब 0.22 प्रतिशत नीचे 725.90 पर ट्रेड कर रहा था।

यह समूह 75 से अधिक निवेशकों का है, जिन्होंने कार्लिसल के लक्जमबर्ग लाइफ फंड में कुल 13.5 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। ये निवेशक अब अपनी सभी शिकायतों को इकट्ठा कर रहे हैं और एचडीएफसी बैंक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना तलाश रहे हैं।

साथ ही, वे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बहरीन के सेंट्रल बैंक से भी संपर्क करने की योजना बना रहे हैं। कुछ निवेशकों ने पहले ही दुबई वित्तीय सेवा प्राधिकरण (DFSA) से स्वतंत्र रूप से शिकायत कर दी है।

निवेशकों का आरोप: गलत जानकारी और ज्यादा रिस्क

दुबई में रहने वाले पूर्व बैंकर हितेश भाटिया, जिन्होंने 2019 में इस फंड में निवेश किया था, ने बताया कि वे पीएमओ को पत्र में एचडीएफसी बैंक की दुबई ब्रांच में ग्राहकों के लिए सूटेबिलिटी) के गंभीर उल्लंघन, लीवरेज (उधार लेकर निवेश) से जुड़ी चिंताओं, डिस्क्लोजर में कमियों, निवेशकों के नुकसान और लिक्विडिटी से वंचित किए जाने के मुद्दे उठाएंगे। वे मांग करेंगे कि इस मामले को उचित नियामक और जांच एजेंसियों को भेजा जाए।

निवेशकों का कहना है कि इस बीमा-आधारित उत्पाद को उन्हें "पूंजी सुरक्षा" वाला निवेश बताकर बेचा गया, जबकि साथ में दिए गए तीन से पांच गुना तक लीवरेज ने कोविड-19 बाजार गिरावट के दौरान उनके जोखिम और नुकसान को काफी बढ़ा दिया। एक निवेशक के अनुसार, उन्हें बताया गया कि इस उत्पाद से सालाना 12-19% तक का रिटर्न मिलता रहा है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत रही।

डीएफएसए की पिछली कार्रवाई और अब नया कदम

गौरतलब है कि डीएफएसए ने 2025 में एचडीएफसी बैंक की दुबई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र (DIFC) ब्रांच के खिलाफ कार्रवाई की थी, जब उसने आरोप लगाया कि बैंक ने खुदरा ग्राहकों को उच्च जोखिम वाले क्रेडिट सुइस एटी1 बॉन्ड गलत तरीके से बेचे थे। इसके बाद डीएफएसए ने उस ब्रांच को नए ग्राहक जोड़ने और उनके साथ कुछ वित्तीय गतिविधियां करने से रोक दिया था।

अब इस नए मामले में भाटिया ने बताया कि निवेशक समूह आरबीआई से संपर्क करने, बहरीन सेंट्रल बैंक में शिकायत दर्ज कराने और डीएफएसए के साथ इस मामले को उठाने के लिए एक वकील नियुक्त करने की भी योजना बना रहा है। उन्होंने कहा, "हमने एचडीएफसी बैंक को एक पत्र लिखा है और उन्हें 31 अगस्त तक का समय दिया है। अगर वे जवाब नहीं देते हैं, तो हम कानूनी रास्ता अपनाएंगे।"

डीएफएसए दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) में सभी वित्तीय सेवाओं की स्वतंत्र नियामक संस्था है। एक निवेशक ने ईटी को दिए दस्तावेजों में आरोप लगाया कि एचडीएफसी बैंक ने इस उत्पाद में निवेश के लिए बैंक में जमा राशि के मुकाबले तीन से पांच गुना तक लीवरेज की सुविधा दी, जिससे जोखिम और बढ़ गया।

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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