Hazaribagh: उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में उद्योग विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न औद्योगिक एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की डीसी ने समीक्षा की. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए.
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बैठक में मुख्यमंत्री लघु कुटीर बोर्ड के अंतर्गत निर्माणाधीन माइक्रो कॉमन फैसिलिटी सेंटर (Micro CFC) के कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया. उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया कि वे मुख्यमंत्री लघु कुटीर बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के साथ बैठक कर JIIDCO द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा करें तथा कार्य में आ रही बाधाओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें.

हाल ही में आयोजित हैंडक्राफ्ट मेला ‘शिल्पोत्सव’ के सफल आयोजन पर उपायुक्त ने मुख्यमंत्री लघु कुटीर बोर्ड एवं जिला उद्योग केंद्र की टीम की सराहना की. उन्होंने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को निर्देश दिया कि आगामी हैंडक्राफ्ट मेले के आयोजन के लिए जिले के हस्तशिल्प कारीगरों के साथ बैठक कर समय एवं तिथि का निर्धारण करते हुए अभी से तैयारियां प्रारंभ की जाएं.
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने योजना के लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन के लिए सभी बैंकों के जिला समन्वयकों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने तथा पात्र एवं जरूरतमंद लाभुकों को समय पर योजना से जोड़ने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि योग्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की अनावश्यक विलंब नहीं होनी चाहिए.
उपायुक्त ने आगामी 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाली झांकी में भाग लेने का निर्देश मुख्यमंत्री लघु कुटीर बोर्ड को दिया, ताकि जिले की हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योगों की उपलब्धियों का प्रभावी प्रदर्शन किया जा सके.
डीसी ने राजस्व शाखा एवं खास महल से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की, जिसमें जिले के सभी प्रखंडों में भूमि संबंधी मामलों की प्रखंडवार समीक्षा की और लंबित एवं महत्वपूर्ण मामलों की प्रगति की जानकारी ली.
उपायुक्त ने कहा कि भूमि संबंधी अनियमितताओं एवं गड़बड़ियों की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जो अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक विषय है. उन्होंने एलपीसी, म्यूटेशन, रजिस्ट्री एवं अन्य भूमि संबंधी मामलों में शत-प्रतिशत जांच एवं सत्यापन सुनिश्चित करने के बाद ही किसी प्रकार की स्वीकृति अथवा निर्गत की कार्रवाई की जाए.
उन्होंने प्रखंड स्तर पर कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्थानांतरण की आवश्यकता पर भी बल दिया तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
बैठक में उपायुक्त ने परिशोधन पोर्टल पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा गैर-मजरूआ भूमि पर हुए अतिक्रमण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
उपायुक्त ने खास महाल भूमि सर्वेक्षण की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को सर्वे कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसे पूर्ण करने का निर्देश दिया.
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